UNITED NEWS OF ASIA. मुंगेली l जिले के पथरिया विकासखंड के ग्राम लोदा स्थित शासकीय स्कूल में शिक्षकों की कमी को लेकर छात्र-छात्राओं का आक्रोश सामने आया। लंबे समय से शिक्षकों के रिक्त पदों को भरने की मांग कर रहे स्कूली बच्चों और अभिभावकों ने पहले जिला शिक्षा अधिकारी और जिला प्रशासन के समक्ष अपनी समस्या रखी, लेकिन अपेक्षित समाधान नहीं होने पर बच्चों ने आंदोलन का रास्ता अपनाया। कलेक्टर जनदर्शन में पहुंचने के बाद भी जब उन्हें संतोषजनक आश्वासन नहीं मिला तो नाराज छात्र-छात्राओं ने कलेक्ट्रेट के सामने नेशनल हाईवे 130A पर चक्काजाम कर दिया।
स्कूल के विद्यार्थियों का कहना है कि शैक्षणिक सत्र शुरू हुए करीब दो महीने पूरे हो चुके हैं, लेकिन स्कूल में आवश्यक संख्या में शिक्षक उपलब्ध नहीं हैं। उनका आरोप है कि लंबे समय से शिक्षकों के पद खाली होने के कारण उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है। विद्यार्थियों और अभिभावकों की ओर से इस समस्या को लेकर कई बार संबंधित अधिकारियों से शिकायत और मांग की गई, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पाया। इसी से नाराज होकर विद्यार्थी अपनी मांग लेकर कलेक्टर जनदर्शन पहुंचे थे।
बच्चों ने जनदर्शन में शिक्षा विभाग के अधिकारियों के समक्ष शिक्षक उपलब्ध कराने की मांग रखी। विद्यार्थियों के अनुसार, उन्हें शिक्षक उपलब्ध कराने का आश्वासन तो दिया गया, लेकिन वे इससे संतुष्ट नहीं हुए। इसके बाद बच्चों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए नेशनल हाईवे 130A पर चक्काजाम शुरू कर दिया। प्रदर्शन के दौरान बच्चों ने शिक्षक नहीं तो पढ़ाई कैसे जैसे नारे लगाए और स्कूल में शिक्षकों की तत्काल व्यवस्था करने की मांग की।
चक्काजाम के कारण कुछ ही समय में नेशनल हाईवे के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई और यातायात प्रभावित हुआ। सूचना मिलने के बाद प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। एसडीएम और जिला शिक्षा अधिकारी ने प्रदर्शन कर रहे विद्यार्थियों से बातचीत की और उनकी समस्या को समझने का प्रयास किया। अधिकारियों ने बच्चों को जल्द ही स्कूल में शिक्षकों की व्यवस्था करने का आश्वासन दिया। अधिकारियों की समझाइश और आश्वासन के बाद विद्यार्थियों ने चक्काजाम समाप्त कर दिया, जिसके बाद हाईवे पर यातायात व्यवस्था सामान्य हो सकी।
इस मामले के बीच शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव की ओर से भी स्कूलों में शिक्षकों की कमी को जल्द दूर करने की बात कही गई है। उनके अनुसार स्कूलों में शिक्षकों की कमी पूरी करने की दिशा में जल्द आवश्यक व्यवस्था की जाएगी। साथ ही संलग्नीकरण की व्यवस्था को लेकर भी निर्देश जारी किए जाने की बात कही गई है। अटैचमेंट पर कार्य कर रहे शिक्षकों को उनके मूल पदस्थापना स्थल पर वापस भेजने के निर्देश दिए जाने और मूल पदस्थापना स्थल से ही वेतन भुगतान की व्यवस्था लागू करने की बात सामने आई है। हालांकि उपलब्ध जानकारी के अनुसार यह स्पष्ट नहीं है कि इन निर्देशों का दायरा पूरे छत्तीसगढ़ के लिए है या किसी विशेष क्षेत्र के लिए।
लोदा स्कूल के विद्यार्थियों का यह प्रदर्शन शिक्षा व्यवस्था में शिक्षकों की उपलब्धता को लेकर उठ रहे सवालों को सामने लाता है। ग्रामीण क्षेत्र के सरकारी स्कूलों में पर्याप्त शिक्षक नहीं होने की स्थिति में विद्यार्थियों की नियमित पढ़ाई प्रभावित होने की चिंता बनी रहती है। अब प्रशासन के आश्वासन के बाद विद्यार्थियों और अभिभावकों की नजर इस बात पर है कि स्कूल में शिक्षकों की कमी कब तक दूर होती है और इसका असर बच्चों की पढ़ाई पर कब से कम होना शुरू होगा। फिलहाल चक्काजाम समाप्त हो चुका है, लेकिन विद्यार्थियों की मूल मांग का स्थायी समाधान होना बाकी है।