आस्था, एकता और पर्यावरण संरक्षण का संदेश, गोदड़देव में भव्यता से मना किरार दिवस

छिंदवाड़ा के परसगांवसर्रा स्थित गोदड़देव शिव मंदिर परिसर में हल षष्ठी पर्व के अवसर पर किरार दिवस श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। भगवान बलराम की पूजा-अर्चना, हवन, महाआरती और भंडारे के साथ समाजजनों ने समी, अशोक, कदम और बादाम के पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।

Sep 2, 2026 - 21:39
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आस्था, एकता और पर्यावरण संरक्षण का संदेश, गोदड़देव में भव्यता से मना किरार दिवस

UNITED NEWS OF ASIA. यज्ञराज पटेल, छिंदवाड़ा l जिले के परसगांवसर्रा स्थित गोदड़देव शिव मंदिर परिसर में हल षष्ठी पर्व के अवसर पर बुधवार को किरार दिवस श्रद्धा, उत्साह और सामाजिक एकता के साथ मनाया गया। कृषि, परिश्रम और शक्ति के प्रतीक भगवान बलराम को किरार समाज के आराध्य देव के रूप में पूजते हुए समाजजनों ने उनकी जयंती को विशेष धार्मिक आयोजन के रूप में मनाया। कार्यक्रम के दौरान भगवान बलराम के जयकारों से मंदिर परिसर भक्तिमय हो गया। धार्मिक अनुष्ठानों के साथ इस अवसर पर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया गया और समाजजनों ने पौधरोपण कर प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी का संकल्प लिया।

आयोजन में सुबह से ही समाजबंधुओं और श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। कार्यक्रम की शुरुआत सुबह 11 बजे हवन-पूजन के साथ हुई। अखिल भारतीय किरार क्षत्रिय महासभा के उपाध्यक्ष एवं बलराम जयंती समिति के संयोजक मनेश कुमार सोलंकी ने बताया कि कार्यक्रम किरार समाज के जिला अध्यक्ष राजकुमार पटेल की अध्यक्षता में आयोजित किया गया। हवन के दौरान समाजजनों ने विधि-विधान से आहुतियां दीं और भगवान बलराम से समाज तथा क्षेत्र की सुख-समृद्धि, खुशहाली और एकता की कामना की।

हवन-पूजन के बाद मंदिर परिसर में महाआरती का आयोजन किया गया। महाआरती के दौरान श्रद्धालुओं ने पूरे भक्तिभाव के साथ भगवान बलराम की आराधना की। इस दौरान जय धरणीधर, जय बलराम और हर-हर महादेव के जयकारों से पूरा परिसर गूंज उठा। धार्मिक आयोजन के कारण दिनभर मंदिर परिसर में उत्सव और भक्ति का वातावरण बना रहा। बड़ी संख्या में समाजबंधुओं ने कार्यक्रम में सहभागिता कर सामाजिक एकता और आपसी सद्भाव का संदेश दिया।

महाआरती के बाद मंदिर परिसर में भंडारे का आयोजन किया गया। इसमें बड़ी संख्या में समाजबंधुओं और श्रद्धालुओं ने पहुंचकर प्रसादी ग्रहण की। आयोजन समिति के सदस्यों और समाजजनों ने भंडारे की व्यवस्थाओं में सहयोग किया। पूरे कार्यक्रम के दौरान लोगों में उत्साह दिखाई दिया और आयोजन स्थल पर सामूहिक सहभागिता का माहौल बना रहा।

किरार दिवस के अवसर पर धार्मिक आयोजन के साथ पर्यावरण संरक्षण को भी विशेष महत्व दिया गया। दोपहर करीब 2 बजे मंदिर परिसर के समीप समाजजनों ने पौधरोपण किया। इस दौरान समी, अशोक, कदम और बादाम के पौधे लगाए गए। आयोजन समिति के अनुसार भगवान बलराम का संबंध कृषि और धरती से माना जाता है। इसी भावना को ध्यान में रखते हुए उनकी जयंती के अवसर पर पौधरोपण के माध्यम से प्रकृति संरक्षण का संदेश देने का निर्णय लिया गया।

समाजजनों ने पौधे लगाने के साथ उनके संरक्षण और नियमित देखभाल का संकल्प भी लिया। आयोजन के माध्यम से धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक एकता, सेवा और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी का संदेश देने का प्रयास किया गया। गोदड़देव में आयोजित किरार दिवस कार्यक्रम ने परंपरा, आस्था और प्रकृति संरक्षण को एक साथ जोड़ते हुए समाज की सामूहिक सहभागिता को सामने रखा।