राष्ट्रपति के पूर्व एडीसी मेजर ऋषभ सिंह सांब्याल ने लिया प्रीमेच्योर रिटायरमेंट, 12 साल की सेवा के बाद सेना से विदाई

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के पूर्व एडीसी मेजर ऋषभ सिंह सांब्याल ने भारतीय सेना से प्रीमेच्योर रिटायरमेंट ले लिया है। करीब 12 साल की सैन्य सेवा के बाद उन्होंने व्यक्तिगत और पारिवारिक परिस्थितियों को फैसले की वजह बताया है। 4 पैरा स्पेशल फोर्सेज में सेवा, 2021 की गणतंत्र दिवस परेड में जाट रेजिमेंट की टुकड़ी का नेतृत्व और राष्ट्रपति के एडीसी के रूप में उनकी भूमिका ने उन्हें व्यापक पहचान दिलाई।

Sep 3, 2026 - 13:42
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राष्ट्रपति के पूर्व एडीसी मेजर ऋषभ सिंह सांब्याल ने लिया प्रीमेच्योर रिटायरमेंट, 12 साल की सेवा के बाद सेना से विदाई

UNITED NEWS OF ASIA. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के पूर्व एडीसी मेजर ऋषभ सिंह सांब्याल ने भारतीय सेना से प्रीमेच्योर रिटायरमेंट ले लिया है। करीब 12 साल की सैन्य सेवा के बाद उन्होंने समय से पहले सेना छोड़ने का फैसला किया है। राष्ट्रपति के एडीसी के रूप में तैनाती के दौरान लगातार उनके साथ नजर आने वाले मेजर सांब्याल को सोशल मीडिया पर काफी लोकप्रियता मिली थी। उनकी सैन्य पृष्ठभूमि और राष्ट्रपति भवन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी के चलते उन्होंने लोगों का ध्यान आकर्षित किया।

सेना से विदाई के बाद मेजर ऋषभ सिंह सांब्याल ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो और तस्वीरें साझा करते हुए अपने फैसले की वजह भी बताई। उन्होंने कहा कि सेना की वर्दी पहनना उनका बचपन का सपना था और उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि उन्हें इसे समय से पहले उतारना पड़ेगा। हालांकि, उनके जीवन में कुछ व्यक्तिगत और पारिवारिक परिस्थितियां आईं, जिनके कारण उन्हें यह फैसला लेना पड़ा। उन्होंने स्पष्ट किया कि सेना से प्रीमेच्योर रिटायरमेंट का निर्णय पूरी तरह निजी कारणों से लिया गया है। साथ ही उन्होंने भविष्य में भी किसी न किसी रूप में देश की सेवा करते रहने की बात कही।

मेजर ऋषभ सिंह सांब्याल जम्मू-कश्मीर के सांबा जिले से ताल्लुक रखते हैं। वह ऐसे परिवार से आते हैं जहां बचपन से ही देशसेवा और राष्ट्रभक्ति का माहौल रहा। सेना में शामिल होकर देश की सेवा करना उनका बचपन का सपना था। अपने इसी लक्ष्य को पूरा करने के लिए उन्होंने सैन्य शिक्षा और प्रशिक्षण का रास्ता चुना। वर्ष 2013 में उन्होंने एनडीए परीक्षा पास की और नेशनल डिफेंस एकेडमी में प्रवेश लिया। वह 2014 में शुरू हुए 133वें एनडीए कोर्स का हिस्सा रहे। इसके बाद उन्होंने इंडियन मिलिट्री एकेडमी में प्रशिक्षण प्राप्त किया और मिलिट्री स्टडीज तथा डिफेंस मैनेजमेंट की पढ़ाई की।

मेजर सांब्याल के सैन्य करियर में कई महत्वपूर्ण पड़ाव रहे। वर्ष 2021 में तत्कालीन कैप्टन ऋषभ सिंह सांब्याल ने गणतंत्र दिवस परेड में जाट रेजिमेंट की टुकड़ी का नेतृत्व किया था। उनकी टुकड़ी को सर्वश्रेष्ठ मार्चिंग कंटिजेंट का सम्मान मिला था। इस उपलब्धि के बाद सैन्य क्षेत्र में उनकी पहचान और मजबूत हुई। राष्ट्रपति के एडीसी बनने से पहले वह भारतीय सेना की एलीट 4 पैरा स्पेशल फोर्सेज यूनिट के साथ भी काम कर चुके हैं, जिसे ‘डैगर्स’ के नाम से जाना जाता है।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के एडीसी के रूप में उनकी नियुक्ति उनके सैन्य करियर का महत्वपूर्ण अध्याय रही। राष्ट्रपति के आधिकारिक कार्यक्रमों और विभिन्न अवसरों पर उनके साथ नजर आने के कारण वह सोशल मीडिया पर भी चर्चा में रहे। उनकी तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते रहे और इसी वजह से उन्हें ‘नेशनल क्रश’ जैसे नामों से भी लोकप्रियता मिली।

सेना से प्रीमेच्योर रिटायरमेंट के बाद मेजर ऋषभ सिंह सांब्याल ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात भी की। उन्होंने राष्ट्रपति के साथ अपनी तस्वीरें साझा करते हुए उनके आशीर्वाद और सीख के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति से मिली सीख ने उन्हें एक बेहतर व्यक्ति के रूप में आगे बढ़ने में मदद की है। सैन्य सेवा से विदाई के बावजूद उन्होंने देशसेवा से जुड़े रहने का संकल्प जताया है।