जंतर-मंतर हिंसा पर अभिजीत दीपके का पलटवार, BJP और पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप

जंतर-मंतर हिंसा के बाद CJP प्रमुख अभिजीत दीपके ने पथराव की घटना में पार्टी कार्यकर्ताओं की संलिप्तता से इनकार किया है। उन्होंने भाजपा और पुलिस पर आंदोलन को बदनाम करने तथा बाहरी लोगों के जरिए हिंसा कराने के आरोप लगाए, जबकि दिल्ली पुलिस आरोपियों की पहचान कर कार्रवाई में जुटी है।

Jul 23, 2026 - 11:24
 0  7
जंतर-मंतर हिंसा पर अभिजीत दीपके का पलटवार, BJP और पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप

UNITED NEWS OF ASIA. नई दिल्ली। जंतर-मंतर के पास प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा और पथराव की घटना के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रमुख अभिजीत दीपके ने अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं की संलिप्तता से इनकार करते हुए भारतीय जनता पार्टी (BJP) और दिल्ली पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि आंदोलन को बदनाम करने के उद्देश्य से बाहरी लोगों को भेजकर माहौल बिगाड़ने की कोशिश की जा रही है।

मीडिया से बातचीत में अभिजीत दीपके ने कहा कि उनकी पार्टी पिछले एक महीने से शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन कर रही थी और इस दौरान किसी प्रकार की हिंसक घटना नहीं हुई। उनका आरोप है कि जैसे-जैसे आंदोलन को जनसमर्थन मिल रहा है, उसे कमजोर करने और बदनाम करने के लिए सुनियोजित प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा से जुड़े लोग आंदोलन में घुसकर उकसावे की कार्रवाई कर रहे हैं।

दीपके ने यह भी आरोप लगाया कि पथराव की घटना में CJP कार्यकर्ताओं की कोई भूमिका नहीं है। उनका कहना है कि पुलिस और भाजपा की मिलीभगत से प्रदर्शन स्थल के आसपास पत्थर उपलब्ध कराए गए और बाद में घटना का आरोप आंदोलनकारियों पर लगाया गया। उन्होंने इन आरोपों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग भी की।

दूसरी ओर, दिल्ली पुलिस का कहना है कि जंतर-मंतर के पास हुई हिंसा में पुलिसकर्मियों को निशाना बनाया गया। पुलिस के अनुसार, दिन और रात में हुई दो अलग-अलग घटनाओं में 2 सहायक पुलिस आयुक्त (ACP) सहित 6 पुलिसकर्मी घायल हुए। पहली घटना में शाम करीब 4:30 बजे पथराव के दौरान एक पत्थर एसीपी जय प्रकाश के माथे पर लगा, जबकि दूसरी घटना में एक अन्य एसीपी गंभीर रूप से घायल हुए, जिन्हें बेहतर उपचार के लिए एम्स रेफर किया गया।

पुलिस ने बताया कि हिंसा में शामिल लोगों की पहचान के लिए सीसीटीवी फुटेज, एआई कैमरों और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच की जा रही है। आरोपियों की पहचान होने के बाद उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। सुरक्षा एजेंसियां घटनास्थल के वीडियो और अन्य तकनीकी साक्ष्यों का भी विश्लेषण कर रही हैं।

इस बीच, CJP और कुछ विपक्षी दलों ने आंदोलन से जुड़े लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का विरोध किया है। उनका कहना है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन में शामिल लोगों को हिंसा के मामलों से जोड़कर कार्रवाई नहीं की जानी चाहिए। जानकारी के अनुसार, 20 जुलाई की घटना के बाद हिरासत में लिए गए कुछ लोगों की रिहाई की मांग भी उठाई गई है। वहीं, आंदोलन से जुड़े अन्य संगठनों ने भी प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई पर आपत्ति जताई है।

जंतर-मंतर हिंसा को लेकर अब राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। एक ओर CJP भाजपा और पुलिस पर आंदोलन को बदनाम करने का आरोप लगा रही है, वहीं दिल्ली पुलिस हिंसा में शामिल लोगों की पहचान कर कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ा रही है। मामले की जांच जारी है और आने वाले दिनों में जांच रिपोर्ट तथा साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।