कोलकाता एयरपोर्ट पर लेजर लाइट से पायलट की आंखें चौंधियाईं, 159 यात्रियों की जान पर बनी, टली लैंडिंग

कोलकाता एयरपोर्ट पर मलेशिया एयरलाइंस की फ्लाइट MH-184 की लैंडिंग से ठीक पहले कॉकपिट पर तेज लेजर लाइट पड़ने से दोनों पायलट प्रभावित हुए। स्थिति को देखते हुए पायलट ने लैंडिंग को अबॉर्ट कर विमान को दोबारा चक्कर लगाने के बाद सुरक्षित उतारा। विमान में 159 यात्री सवार थे और सभी सुरक्षित रहे। घटना के बाद एयरपोर्ट थाने में अज्ञात लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज कर जांच शुरू की गई है।

Aug 10, 2026 - 17:27
 0  2
कोलकाता एयरपोर्ट पर लेजर लाइट से पायलट की आंखें चौंधियाईं, 159 यात्रियों की जान पर बनी, टली लैंडिंग

UNITED NEWS OF ASIA. कोलकाता के नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर शनिवार रात मलेशिया एयरलाइंस की फ्लाइट MH-184 की लैंडिंग से ठीक पहले लेजर लाइट की घटना सामने आई। कुआलालंपुर से कोलकाता आ रही इस फ्लाइट में 159 यात्री सवार थे। लैंडिंग से कुछ समय पहले कॉकपिट पर तेज लेजर रोशनी पड़ने से दोनों पायलटों को परेशानी का सामना करना पड़ा, जिसके बाद निर्धारित लैंडिंग को कुछ समय के लिए टालना पड़ा।

जानकारी के अनुसार, विमान रनवे से करीब आठ समुद्री मील की दूरी पर था और लैंडिंग की तैयारी चल रही थी। इसी दौरान जमीन की ओर से कॉकपिट की दिशा में तेज रोशनी आई। पायलटों की आंखों पर अचानक तेज प्रकाश पड़ने के कारण उन्हें कुछ समय के लिए दृश्यता में परेशानी हुई। विमान की सुरक्षा को देखते हुए पायलट ने तत्काल लैंडिंग प्रक्रिया को अबॉर्ट किया और विमान को दोबारा हवा में ले जाकर चक्कर लगाया।

मलेशिया एयरलाइंस की यह फ्लाइट शनिवार रात करीब 11:20 बजे कोलकाता एयरपोर्ट पर उतरने वाली थी। लेजर लाइट की घटना के बाद विमान की सुरक्षित लैंडिंग करीब पांच मिनट बाद कराई गई। विमान में मौजूद सभी 159 यात्री सुरक्षित रहे और किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं है।

घटना के बाद मामले को गंभीरता से लेते हुए एयरपोर्ट थाने में अज्ञात लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई है। पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि एयरपोर्ट के आसपास किस स्थान से लेजर लाइट विमान के कॉकपिट की ओर डाली गई थी। संबंधित इलाके में जांच और छानबीन की जा रही है।

एयरपोर्ट अधिकारियों के अनुसार, हवाईअड्डे के आसपास लेजर लाइट का इस्तेमाल प्रतिबंधित है। खासकर विमान के टेकऑफ और लैंडिंग के दौरान कॉकपिट की ओर तेज रोशनी डालना बेहद खतरनाक हो सकता है। इससे पायलटों की आंखों पर अचानक तेज प्रकाश पड़ने के कारण विमान संचालन प्रभावित हो सकता है और लैंडिंग के दौरान सुरक्षा संबंधी गंभीर स्थिति पैदा हो सकती है।

कोलकाता एयरपोर्ट के निदेशक विक्रम सिंह ने बताया कि एयरपोर्ट के आसपास लेजर रोशनी का इस्तेमाल प्रतिबंधित है। इसके बावजूद कभी-कभी ऐसी घटनाएं सामने आती हैं, जिनसे विमान संचालन प्रभावित होने की आशंका रहती है।

विमान के सुरक्षित उतरने के बाद यात्रियों ने राहत की सांस ली। हालांकि, घटना ने एयरपोर्ट के आसपास सुरक्षा व्यवस्था और प्रतिबंधित लेजर लाइट के इस्तेमाल को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि लेजर लाइट किस स्थान से और किसके द्वारा विमान की ओर डाली गई थी। अधिकारियों का कहना है कि विमानन सुरक्षा को देखते हुए ऐसी घटनाओं को रोकना बेहद जरूरी है।