छत्तीसगढ़ की ARKASA ने पोलैंड में VYOMSETU-1 लूनर एनालॉग मिशन किया पूरा, रायपुर के युवाओं ने बढ़ाया प्रदेश का मान

छत्तीसगढ़ की ARKASA – Space Architecture Design Research Lab ने पोलैंड के Piła स्थित LunAres Research Station के सहयोग से 14 दिवसीय VYOMSETU-1 लूनर एनालॉग मिशन सफलतापूर्वक पूरा किया। मिशन में रायपुर की Arshleen Kaur Sahni ने Crew Commander और Lumesh Sahu ने Communication Officer की जिम्मेदारी संभाली। मिशन के दौरान मानव प्रदर्शन, आवास, नींद और पौधों की वृद्धि से जुड़े प्रयोग किए गए। इस उपलब्धि को छत्तीसगढ़ की अंतरिक्ष अनुसंधान और स्पेस आर्किटेक्चर क्षमता के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

Sep 3, 2026 - 16:26
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छत्तीसगढ़ की ARKASA ने पोलैंड में VYOMSETU-1 लूनर एनालॉग मिशन किया पूरा, रायपुर के युवाओं ने बढ़ाया प्रदेश का मान

UNITED NEWS OF ASIA. हसीब अख्तर, रायपुर l छत्तीसगढ़ की ARKASA – Space Architecture Design Research Lab ने पोलैंड के Piła स्थित LunAres Research Station के सहयोग से 14 दिवसीय क्रूड लूनर एनालॉग मिशन VYOMSETU-1 को सफलतापूर्वक पूरा किया है। इस मिशन के जरिए भविष्य के अंतरिक्ष अभियानों के दौरान सामने आने वाली परिस्थितियों का एक सीमित और पृथक एनालॉग वातावरण में अनुकरण किया गया। मिशन की खास उपलब्धि यह रही कि इसमें पूरे भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले क्रू के साथ छत्तीसगढ़ के रायपुर से जुड़े दो युवाओं ने अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष मंच पर महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं।

मिशन का नेतृत्व ARKASA की संस्थापक और आर्किटेक्ट Arshleen Kaur Sahni ने Crew Commander के रूप में किया। वहीं रायपुर के Lumesh Sahu ने Communication Officer की भूमिका निभाते हुए मिशन के दौरान क्रू के संचार से जुड़ी जिम्मेदारियों को संभाला। दोनों की भागीदारी ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर छत्तीसगढ़ की प्रतिभाओं की क्षमता को सामने रखने का काम किया। VYOMSETU-1 को मानव अंतरिक्ष उड़ान और भविष्य के चंद्र एवं ग्रहों पर मानव आवास से जुड़े अनुसंधान के लिए व्यावहारिक अनुभव हासिल करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास बताया गया है।

मिशन के दौरान क्रू को एक सीमित एनालॉग वातावरण में रहकर मानव प्रदर्शन और आवास से जुड़ी विभिन्न चुनौतियों का अध्ययन करने का अवसर मिला। इसमें स्लीप एनालिसिस और प्लांट-ग्रोथ एक्सपेरिमेंट जैसे महत्वपूर्ण अनुसंधान शामिल रहे। पृथक वातावरण में लंबे समय तक रहने के दौरान मानव स्वास्थ्य और टीम के प्रदर्शन को समझना ऐसे मिशनों का अहम हिस्सा होता है। इसी उद्देश्य से क्रू के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने के लिए योग सत्रों तथा सांस्कृतिक गतिविधियों का भी आयोजन किया गया।

LunAres Research Station जैसी एनालॉग फैसिलिटी शोधकर्ताओं को वास्तविक अंतरिक्ष उड़ान के बिना अंतरिक्ष जैसे सीमित और नियंत्रित वातावरण में विभिन्न परिस्थितियों का अध्ययन करने का अवसर प्रदान करती है। यहां मानव स्वास्थ्य, टीम डायनेमिक्स, प्रदर्शन, संचार, आर्किटेक्चर और जैविक प्रणालियों से जुड़े पहलुओं पर व्यावहारिक शोध किया जा सकता है। VYOMSETU-1 के जरिए भी इन्हीं क्षेत्रों में अनुभव और अनुसंधान क्षमता विकसित करने पर जोर दिया गया।

ARKASA के लिए यह मिशन स्पेस आर्किटेक्चर, मानव-केंद्रित आवास अनुसंधान, एनालॉग मिशन ऑपरेशन्स और स्पेस एजुकेशन को एक साथ जोड़ने वाला महत्वपूर्ण प्रयास है। संस्था के अनुसार, वह भविष्य में चंद्रमा और अन्य ग्रहों पर मानव निवास के लिए भारतीय डिजाइन और रिसर्च क्षमताओं को विकसित करने की दिशा में काम कर रही है। चरम परिस्थितियों में मानव सुरक्षा, स्वास्थ्य और लंबे समय तक रहने के लिए उपयुक्त आवासीय डिजाइन तैयार करना इसके प्रमुख अनुसंधान क्षेत्रों में शामिल है।

ARKASA के ISRO Registered Space Tutor और IN-SPACe से मान्यता प्राप्त संस्था होने की जानकारी के साथ यह मिशन भारत में उभरते स्पेस इकोसिस्टम में निजी और युवा प्रतिभाओं की बढ़ती भूमिका को भी रेखांकित करता है। ARKASA और LunAres Research Station के संयुक्त प्रयास से मानव अंतरिक्ष उड़ान तथा भविष्य के अंतरिक्ष आवास से जुड़े व्यावहारिक अनुभव विकसित करने की दिशा में काम किया गया। रायपुर के Arshleen Kaur Sahni और Lumesh Sahu की भागीदारी से छत्तीसगढ़ की प्रतिभाओं को स्पेस आर्किटेक्चर, स्पेसफ्लाइट रिसर्च और स्पेस इकोनॉमी जैसे उभरते क्षेत्रों में अंतरराष्ट्रीय मंच पर पहचान मिलने की बात सामने आई है।