महिला का फोटो एडिट कर सोशल मीडिया पर वायरल करने वाला आरोपी गिरफ्तार, तोरवा पुलिस की त्वरित कार्रवाई
बिलासपुर के तोरवा थाना क्षेत्र में एक महिला का फोटो एडिट कर सोशल मीडिया पर वायरल करने के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी ने महिला की छवि खराब करने और सामाजिक प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने की नीयत से यह कृत्य किया था। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर सक्ती जिले से आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।
UNITED NEWS OF ASIA. विशु तिवारी, बिलासपुर l महिला संबंधी अपराधों के प्रति संवेदनशीलता और त्वरित कार्रवाई की नीति के तहत तोरवा पुलिस ने सोशल मीडिया के माध्यम से एक महिला की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाने वाले आरोपी को गिरफ्तार कर महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। आरोपी द्वारा महिला की तस्वीर को एडिट कर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल किया गया था, जिससे उसकी सामाजिक छवि को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया गया।
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार 4 जून 2026 को पीड़िता ने थाना तोरवा पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई कि उसके परिचित चुकेन्द्र साहू उर्फ प्रांशु ने उसकी तस्वीर के साथ छेड़छाड़ कर उसे सोशल मीडिया पर प्रसारित कर दिया है। महिला ने अपनी शिकायत में बताया कि आरोपी ने जानबूझकर उसकी छवि खराब करने और उसे सामाजिक रूप से बदनाम करने के उद्देश्य से यह कृत्य किया।
मामला महिला की गरिमा और प्रतिष्ठा से जुड़ा होने के कारण पुलिस ने इसे गंभीरता से लिया और तत्काल अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी। थाना प्रभारी के निर्देशन में विशेष टीम गठित कर आरोपी की तलाश प्रारंभ की गई। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों, सोशल मीडिया गतिविधियों और अन्य उपलब्ध जानकारियों के आधार पर आरोपी की लोकेशन का पता लगाने का प्रयास किया।
जांच के दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि आरोपी सक्ती जिले के मालखरौदा क्षेत्र में मौजूद है। इसके बाद पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए वहां दबिश दी और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार आरोपी को फरार होने का अवसर मिलने से पहले ही हिरासत में ले लिया गया, जिससे मामले की जांच में तेजी आई।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान चुकेन्द्र साहू उर्फ प्रांशु, उम्र 30 वर्ष, निवासी अड़भार, थाना मालखरौदा, जिला सक्ती के रूप में हुई है। पूछताछ के दौरान आरोपी से मामले से संबंधित आवश्यक जानकारी जुटाई गई और उसके खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य एकत्रित किए गए।
पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 77 तथा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (आईटी एक्ट) की धारा 67 के तहत अपराध दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई की है। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
पुलिस अधिकारियों ने कहा कि सोशल मीडिया का दुरुपयोग कर किसी व्यक्ति, विशेषकर महिलाओं की छवि खराब करने, अपमानित करने या मानसिक प्रताड़ना पहुंचाने वाले मामलों को गंभीरता से लिया जाता है। ऐसे अपराध न केवल कानून का उल्लंघन हैं, बल्कि पीड़ित के सामाजिक और मानसिक जीवन पर भी प्रतिकूल प्रभाव डालते हैं।
तोरवा पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि सोशल मीडिया का जिम्मेदारी के साथ उपयोग करें और किसी भी व्यक्ति की तस्वीर, वीडियो या निजी जानकारी को बिना अनुमति प्रसारित न करें। यदि किसी के साथ इस प्रकार की घटना होती है तो वह तत्काल पुलिस से संपर्क करे, ताकि समय रहते उचित कानूनी कार्रवाई की जा सके।