दिल्ली में छात्रों पर लाठीचार्ज के विरोध में रायपुर में एनएसयूआई का प्रदर्शन, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग

दिल्ली में छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज के विरोध में रायपुर के अंबेडकर चौक पर एनएसयूआई ने प्रदर्शन कर प्रधानमंत्री का पुतला दहन किया। संगठन ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की और छात्रों के लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा की मांग उठाई।

Jul 22, 2026 - 11:29
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दिल्ली में छात्रों पर लाठीचार्ज के विरोध में रायपुर में एनएसयूआई का प्रदर्शन, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l दिल्ली में छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज के विरोध में छत्तीसगढ़ प्रदेश एनएसयूआई ने रायपुर में विरोध प्रदर्शन किया। अंबेडकर चौक पर आयोजित इस प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री का पुतला दहन किया और केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए छात्रों पर बल प्रयोग की घटना की निंदा की। संगठन ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की भी मांग की।

प्रदर्शन में बड़ी संख्या में एनएसयूआई के पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए। संगठन का कहना था कि छात्र अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे थे, लेकिन उन पर पुलिस द्वारा बल प्रयोग किया गया। एनएसयूआई ने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का उल्लंघन बताते हुए कहा कि छात्रों की आवाज को दबाने के लिए पुलिस कार्रवाई का इस्तेमाल किया गया, जो स्वीकार्य नहीं है।

प्रदेश अध्यक्ष नीरज पाण्डेय ने प्रदर्शन को संबोधित करते हुए कहा कि देश का छात्र वर्ग शिक्षा और अपने अधिकारों से जुड़े मुद्दों को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रख रहा था। उनके अनुसार, छात्रों के साथ जिस प्रकार का व्यवहार किया गया, वह लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत और अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए प्रधानमंत्री को इस्तीफा देना चाहिए।

नीरज पाण्डेय ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से भी नैतिक आधार पर अपने पद से इस्तीफा देने की मांग की। उन्होंने कहा कि शिक्षा मंत्रालय का दायित्व छात्रों की समस्याओं का समाधान करना है, न कि उनकी आवाज को दबाना। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों की लोकतांत्रिक मांगों पर संवेदनशीलता दिखाने के बजाय दमनात्मक रवैया अपनाया गया।

प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने छात्रों के अधिकारों और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के समर्थन में नारे लगाए। संगठन का कहना था कि लोकतंत्र में प्रत्येक नागरिक और विशेष रूप से छात्रों को अपनी बात शांतिपूर्ण तरीके से रखने का अधिकार है। यदि किसी मुद्दे पर छात्र विरोध दर्ज कराते हैं, तो उसका समाधान संवाद के माध्यम से किया जाना चाहिए।

एनएसयूआई ने कहा कि वह हमेशा छात्रों के अधिकारों, शिक्षा के लोकतांत्रिक वातावरण और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की रक्षा के लिए संघर्ष करती रही है। संगठन ने चेतावनी दी कि यदि छात्रों के साथ इसी प्रकार की कार्रवाई जारी रही तो पूरे छत्तीसगढ़ में चरणबद्ध आंदोलन चलाया जाएगा।

प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार से कथित लाठीचार्ज की निष्पक्ष जांच कराने, जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने तथा भविष्य में छात्रों के शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन के अधिकार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की। उनका कहना था कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में असहमति और विरोध की आवाज का सम्मान किया जाना चाहिए।

कार्यक्रम के अंत में प्रधानमंत्री का पुतला दहन कर एनएसयूआई ने अपना विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शन में अमित शर्मा, हेमंत पाल, प्रशांत गोस्वामी सहित संगठन के अन्य पदाधिकारी और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

एनएसयूआई का कहना है कि छात्र हितों से जुड़े मुद्दों पर संगठन आगे भी सक्रिय रहेगा और शिक्षा, रोजगार तथा लोकतांत्रिक अधिकारों से संबंधित विषयों पर छात्रों की आवाज को मजबूती से उठाता रहेगा। संगठन ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि उनकी मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को प्रदेशभर में और व्यापक रूप दिया जाएगा।