महंगी बिजली और स्मार्ट मीटर के विरोध में विकास उपाध्याय ने किया बिजली कार्यालय का घेराव

रायपुर में पूर्व विधायक विकास उपाध्याय ने क्षेत्रवासियों के साथ बिजली कार्यालय का घेराव कर बढ़े हुए बिजली बिल और स्मार्ट मीटर के विरोध में प्रदर्शन किया। इस दौरान लोगों से शिकायत प्रपत्र भरकर बिजली विभाग में जमा करने की अपील भी की गई।

Jul 22, 2026 - 11:34
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महंगी बिजली और स्मार्ट मीटर के विरोध में विकास उपाध्याय ने किया बिजली कार्यालय का घेराव

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l रायपुर में बढ़े हुए बिजली बिल और स्मार्ट मीटर के मुद्दे को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज होती नजर आ रही हैं। इसी क्रम में पूर्व विधायक विकास उपाध्याय ने क्षेत्रवासियों के साथ बिजली कार्यालय का घेराव कर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान बिजली दरों में वृद्धि और स्मार्ट मीटर को लेकर अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए लोगों से बिजली विभाग के समक्ष शिकायत दर्ज कराने की अपील भी की गई।

प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक शामिल हुए। विकास उपाध्याय ने कहा कि आम जनता लगातार बढ़ते बिजली बिलों से परेशान है और महंगी बिजली का बोझ सीधे आम उपभोक्ताओं पर पड़ रहा है। उनका कहना था कि बिजली उपभोक्ताओं की समस्याओं को गंभीरता से सुना जाना चाहिए और राहत देने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाने चाहिए।

विरोध प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं और क्षेत्रवासियों ने बिजली कार्यालय के बाहर नारेबाजी की। प्रदर्शन में स्मार्ट मीटर को लेकर भी आपत्ति जताई गई। विकास उपाध्याय ने आरोप लगाया कि स्मार्ट मीटर व्यवस्था से आम उपभोक्ताओं की परेशानियां बढ़ रही हैं। उन्होंने इसे लेकर भाजपा और अडानी समूह पर भी राजनीतिक आरोप लगाए तथा इस व्यवस्था का विरोध किया।

प्रदर्शन के दौरान लोगों से बिजली विभाग में शिकायत प्रपत्र भरकर जमा करने की अपील की गई। उनका कहना था कि यदि किसी उपभोक्ता को बढ़े हुए बिजली बिल या मीटर से संबंधित कोई शिकायत है तो उसे लिखित रूप में विभाग के समक्ष प्रस्तुत करना चाहिए, ताकि उसकी सुनवाई हो सके। उन्होंने नागरिकों से लोकतांत्रिक तरीके से अपनी समस्याएं दर्ज कराने का आग्रह किया।

विकास उपाध्याय ने कहा कि महंगी बिजली आम लोगों के घरेलू बजट पर अतिरिक्त बोझ डाल रही है। उनके अनुसार मध्यमवर्गीय और निम्न आय वर्ग के परिवारों के लिए बढ़े हुए बिजली बिलों का भुगतान करना कठिन होता जा रहा है। उन्होंने सरकार से बिजली दरों की समीक्षा कर उपभोक्ताओं को राहत देने की मांग की।

प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने "महंगी बिजली नहीं चलेगी" और "स्मार्ट मीटर नहीं चलेगा" जैसे नारे लगाए। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि उपभोक्ताओं की सहमति और उनकी समस्याओं का समाधान किए बिना किसी भी नई व्यवस्था को लागू करना उचित नहीं है। उन्होंने मांग की कि उपभोक्ताओं की शिकायतों का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाए।

इस दौरान विकास उपाध्याय ने कहा कि उनका उद्देश्य जनता की समस्याओं को प्रशासन और सरकार तक पहुंचाना है। उन्होंने दावा किया कि यदि बिजली उपभोक्ताओं की शिकायतों का समाधान नहीं किया गया तो भविष्य में भी लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने लोगों से एकजुट होकर अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाने की अपील की।

प्रदर्शन में शामिल लोगों ने बिजली विभाग से बढ़े हुए बिजली बिलों की समीक्षा करने, उपभोक्ताओं की शिकायतों का शीघ्र निराकरण करने और स्मार्ट मीटर से जुड़ी आशंकाओं का समाधान करने की मांग की। उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं को पारदर्शी और भरोसेमंद बिजली सेवा उपलब्ध कराना विभाग की जिम्मेदारी है।

यह विरोध प्रदर्शन प्रदेश में बिजली दरों और स्मार्ट मीटर को लेकर चल रही राजनीतिक बहस के बीच आयोजित किया गया। फिलहाल बिजली विभाग की ओर से इस प्रदर्शन और उठाई गई मांगों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।