खाद-बीज की कमी पर कांग्रेस का हमला, किसानों को तत्काल राहत देने की मांग

छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने खरीफ सीजन के दौरान खाद और बीज की कथित कमी को लेकर राज्य सरकार पर निशाना साधा है। कांग्रेस की मुख्य प्रवक्ता वंदना राजपूत ने आरोप लगाया कि किसान खाद और बीज के लिए घंटों कतारों में खड़े रहने को मजबूर हैं। पार्टी ने सरकार से पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने, वितरण व्यवस्था को पारदर्शी बनाने और कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।

Jul 3, 2026 - 16:11
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खाद-बीज की कमी पर कांग्रेस का हमला, किसानों को तत्काल राहत देने की मांग

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने खरीफ सीजन के दौरान खाद और बीज की उपलब्धता को लेकर राज्य सरकार पर गंभीर सवाल उठाए हैं। प्रदेश कांग्रेस की मुख्य प्रवक्ता वंदना राजपूत ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर आरोप लगाया कि प्रदेश के कई जिलों में किसान खाद और बीज के लिए घंटों कतारों में खड़े रहने को मजबूर हैं, जबकि सरकार केवल दावे और प्रचार करने में व्यस्त है।

वंदना राजपूत ने कहा कि खरीफ सीजन खेती के लिए सबसे महत्वपूर्ण समय होता है और इस दौरान किसानों को समय पर खाद और बीज उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उनका आरोप है कि प्रदेश के विभिन्न जिलों से खाद की कमी, सीमित वितरण, लंबी कतारों और कई बार खाली हाथ लौटने जैसी शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। उन्होंने कहा कि किसान खेती की तैयारी करने के बजाय सहकारी समितियों और वितरण केंद्रों के चक्कर लगाने को मजबूर हैं।

कांग्रेस का कहना है कि यदि सरकार ने समय रहते मांग का सही आकलन कर पर्याप्त मात्रा में खाद और बीज का भंडारण तथा वितरण सुनिश्चित किया होता तो किसानों को इस स्थिति का सामना नहीं करना पड़ता। पार्टी ने आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान किसानों से बड़े-बड़े वादे किए गए थे, लेकिन अब वही किसान सबसे अधिक परेशान हैं।

प्रेस विज्ञप्ति में कांग्रेस ने सरकार से कई सवाल भी पूछे हैं। पार्टी ने जानना चाहा है कि खरीफ सीजन शुरू होने के बावजूद पर्याप्त मात्रा में खाद और बीज की उपलब्धता क्यों सुनिश्चित नहीं की गई। किसानों को घंटों लाइन में खड़े रहने और कई बार खाली हाथ लौटने की स्थिति क्यों बन रही है। साथ ही सरकार ने खाद वितरण की निगरानी और कालाबाजारी रोकने के लिए अब तक कौन-कौन से ठोस कदम उठाए हैं तथा समय पर खाद और बीज नहीं मिलने से किसानों को होने वाले नुकसान की जिम्मेदारी कौन लेगा।

वंदना राजपूत ने कहा कि किसान प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं और उनकी समस्याओं का समाधान करना सरकार का दायित्व है। उनका आरोप है कि किसानों को राहत देने के बजाय सरकार उन्हें परेशानियों का सामना करने के लिए छोड़ रही है। कांग्रेस का कहना है कि खेती का समय निकल जाने पर किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है, जिसका असर कृषि उत्पादन पर भी पड़ सकता है।

कांग्रेस ने राज्य सरकार से मांग की है कि प्रदेश की सभी सहकारी समितियों और वितरण केंद्रों में तत्काल पर्याप्त मात्रा में खाद और बीज उपलब्ध कराया जाए। पार्टी ने वितरण व्यवस्था को पूरी तरह पारदर्शी बनाने, किसानों को समय पर आवश्यक कृषि सामग्री उपलब्ध कराने तथा कालाबाजारी और जमाखोरी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। कांग्रेस का कहना है कि समय पर प्रभावी कदम उठाकर ही किसानों को राहत दी जा सकती है और खरीफ सीजन में खेती के कार्यों को सुचारु रूप से आगे बढ़ाया जा सकता है।