पंचायत सचिव संघ ने टाली हड़ताल, प्रशासन के आश्वासन के बाद आंदोलन स्थगित

दुर्ग जिले में पंचायत सचिव संघ ने 3 जुलाई की प्रस्तावित एक दिवसीय और 8 जुलाई से प्रस्तावित अनिश्चितकालीन हड़ताल को फिलहाल स्थगित कर दिया है। प्रशासन के साथ सकारात्मक चर्चा और लंबित मांगों के समाधान के आश्वासन के बाद संघ ने यह निर्णय लिया। फिलहाल पंचायत सचिव नियमित रूप से अपने कार्यों का निर्वहन करेंगे।

Jul 3, 2026 - 16:07
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पंचायत सचिव संघ ने टाली हड़ताल, प्रशासन के आश्वासन के बाद आंदोलन स्थगित

UNITED NEWS OF ASIA. रोहिताश सिंह भुवाल, दुर्ग l छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में पंचायत सचिव संघ ने अपनी प्रस्तावित हड़ताल फिलहाल स्थगित करने का निर्णय लिया है। प्रदेश पंचायत सचिव संघ, जिला दुर्ग द्वारा तीन जुलाई को प्रस्तावित एक दिवसीय हड़ताल तथा आठ जुलाई से प्रस्तावित अनिश्चितकालीन हड़ताल को प्रशासन के आश्वासन के बाद टाल दिया गया है। इस संबंध में संघ ने मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत दुर्ग को आधिकारिक पत्र जारी कर अपने निर्णय की जानकारी दी है।

पंचायत सचिव संघ के अनुसार विभिन्न लंबित मांगों और समस्याओं के निराकरण को लेकर आंदोलन की घोषणा की गई थी। संघ का कहना था कि लंबे समय से कई प्रशासनिक और सेवा संबंधी मुद्दों का समाधान नहीं हो पा रहा था, जिसके चलते आंदोलन का निर्णय लिया गया था। हालांकि आंदोलन की घोषणा के बाद जिला प्रशासन और पंचायत सचिव संघ के प्रतिनिधियों के बीच विस्तृत चर्चा हुई।

बैठक के दौरान प्रशासन ने पंचायत सचिवों की मांगों पर गंभीरता से विचार करने का भरोसा दिया। संघ के अनुसार कुछ मांगों का तत्काल निराकरण कर दिया गया, जबकि अन्य लंबित मुद्दों के शीघ्र समाधान का आश्वासन प्रशासन की ओर से दिया गया। प्रशासन के इस सकारात्मक रुख के बाद पंचायत सचिव संघ ने सर्वसम्मति से आंदोलन को फिलहाल स्थगित करने का फैसला लिया।

संघ ने अपने पत्र में स्पष्ट किया है कि यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर शेष मांगों का समाधान नहीं किया गया, तो भविष्य में आंदोलन की रणनीति पर दोबारा विचार किया जाएगा। फिलहाल सभी पंचायत सचिव अपने नियमित दायित्वों का निर्वहन करते रहेंगे और पंचायत स्तर पर विकास कार्यों तथा शासकीय योजनाओं का संचालन पहले की तरह जारी रहेगा।

हड़ताल स्थगित होने से जिला प्रशासन को भी बड़ी राहत मिली है। यदि पंचायत सचिव हड़ताल पर चले जाते, तो ग्राम पंचायतों के दैनिक प्रशासनिक कार्य, विभिन्न विकास योजनाओं का क्रियान्वयन, हितग्राही मूलक योजनाओं की प्रक्रिया तथा ग्रामीण क्षेत्रों में मिलने वाली कई आवश्यक सेवाएं प्रभावित हो सकती थीं। ऐसे में प्रशासन और पंचायत सचिव संघ के बीच बनी सहमति को ग्रामीण प्रशासन की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

पंचायत सचिव संघ का कहना है कि उनका उद्देश्य केवल अपनी लंबित समस्याओं का समाधान कराना है, ताकि वे बेहतर तरीके से अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर सकें। वहीं प्रशासन ने भी संवाद के माध्यम से समाधान निकालने की प्रतिबद्धता जताई है। अब सभी की नजर इस बात पर रहेगी कि प्रशासन तय समय के भीतर लंबित मांगों का समाधान करता है या नहीं। यदि ऐसा नहीं हुआ तो पंचायत सचिव संघ आगे की रणनीति तय कर सकता है। फिलहाल हड़ताल टलने से पंचायतों में कामकाज सामान्य रूप से जारी रहेगा और ग्रामीण विकास योजनाओं पर किसी प्रकार का तत्काल प्रभाव नहीं पड़ेगा।