देहदान से पर्यावरण संरक्षण और चिकित्सा शिक्षा को मिलेगा बढ़ावा : गोविंद काकानी

रतलाम जिले के सोनकच्छ में वैश्य महासम्मेलन एवं रोटरी क्लब सोनकच्छ के संयुक्त तत्वावधान में नेत्रदान एवं देहदान जागरूकता कार्यशाला आयोजित की गई। मुख्य वक्ता गोविंद काकानी ने देहदान के महत्व पर प्रकाश डालते हुए इसे चिकित्सा शिक्षा के साथ पर्यावरण संरक्षण से भी जोड़ा। विधायक डॉ. राजेश सोनकर ने अभियान में सहयोग का भरोसा दिलाया। कार्यक्रम के दौरान राजेंद्र कुमार जाजू ने देहदान का फॉर्म भरकर संकल्प लिया।

Aug 17, 2026 - 16:37
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देहदान से पर्यावरण संरक्षण और चिकित्सा शिक्षा को मिलेगा बढ़ावा : गोविंद काकानी

UNITED NEWS OF ASIA. राजेश पुरोहित, रतलाम l वैश्य महासम्मेलन एवं रोटरी क्लब सोनकच्छ के संयुक्त तत्वावधान में नेत्रदान एवं देहदान जागरूकता अभियान के तहत कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों को नेत्रदान, अंगदान और देहदान के महत्व के प्रति जागरूक करना तथा इन सामाजिक सेवा कार्यों को लेकर व्याप्त भ्रांतियों को दूर करना रहा।

कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि विधायक डॉ. राजेश सोनकर, नगर पंचायत अध्यक्ष श्रुति बघेल, मुख्य वक्ता एवं समाजसेवी गोविंद काकानी, नेत्रदान प्रेरक उमा झवर, नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. तेजस मेहता और कार्यक्रम प्रभारी सत्यनारायण लाठी ने दीप प्रज्वलित एवं माता रानी के चित्र पर माल्यार्पण कर किया।

स्वागत उद्बोधन में कार्यक्रम प्रभारी सत्यनारायण लाठी ने कहा कि नेत्रदान, अंगदान एवं देहदान के संबंध में समाज में व्यापक जागरूकता की आवश्यकता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि कार्यशाला के माध्यम से प्राप्त जानकारी से सोनकच्छ क्षेत्र इन सामाजिक सेवा अभियानों में आगे बढ़कर योगदान देगा।

मुख्य वक्ता एवं रतलाम विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष गोविंद काकानी ने मेडिकल कॉलेज में अध्ययनरत विद्यार्थियों के लिए देहदान के महत्व पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि देहदान से मेडिकल विद्यार्थियों को मानव शरीर की संरचना का व्यवहारिक अध्ययन करने का अवसर मिलता है, जिससे चिकित्सा शिक्षा को मजबूती मिलती है।

गोविंद काकानी ने देहदान को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ते हुए कहा कि पारंपरिक अंतिम संस्कार में बड़ी मात्रा में लकड़ी की आवश्यकता होती है। देहदान के माध्यम से इस आवश्यकता को कम करने और पेड़ों की कटाई घटाने में भी योगदान दिया जा सकता है। उन्होंने बताया कि मेडिकल कॉलेज में शैक्षणिक उपयोग के बाद देह के निर्धारित हिस्सों को अध्ययन के लिए सुरक्षित रखा जाता है तथा शेष अवशेषों का निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार अंतिम निस्तारण किया जाता है।

उन्होंने नेत्रदान को लेकर समाज में मौजूद विभिन्न भ्रांतियों को दूर करने की आवश्यकता बताते हुए लोगों से वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाने और जरूरतमंदों की सहायता के लिए आगे आने का आह्वान किया।

नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. तेजस मेहता ने नेत्रदान की प्रक्रिया और उसकी उपयोगिता के बारे में जानकारी दी। एमके इंटरनेशनल इंदौर की डायरेक्टर उमा झवर ने प्रोजेक्टर के माध्यम से कॉर्निया के उपयोग तथा जरूरतमंद लोगों तक इसके पहुंचने की प्रक्रिया को विस्तार से समझाया।

नगर पंचायत अध्यक्ष श्रुति बघेल ने अपने अनुभव साझा करते हुए कार्यशाला को उपयोगी और जागरूकता की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया। मुख्य अतिथि विधायक डॉ. राजेश सोनकर ने करीब दो घंटे चले कार्यक्रम में वक्ताओं की जानकारी सुनी। उन्होंने सोनकच्छ में नेत्र प्रत्यारोपण संबंधी योजना तैयार करने का आश्वासन दिया।

विधायक डॉ. राजेश सोनकर ने देहदान जागरूकता अभियान में पूर्ण सहयोग देने तथा देहदान करने वाले परिवारों को शासन की ओर से मिलने वाले सम्मान और प्रशस्ति पत्र दिलाने में सहयोग का भरोसा दिलाया।

कार्यक्रम में विभिन्न समाजों, संगठनों एवं संस्थाओं के पदाधिकारियों के साथ बड़ी संख्या में महिलाएं और नागरिक उपस्थित रहे। कार्यशाला के समापन पर राजेंद्र कुमार पिता सूरजमल जाजू ने देहदान का फॉर्म भरकर विधायक डॉ. राजेश सोनकर के माध्यम से गोविंद काकानी को सौंपा। उनका यह कदम देहदान के प्रति जागरूकता और सामाजिक भागीदारी का उदाहरण बना।