पटाखों पर पूरे देश में पूर्ण प्रतिबंध से सुप्रीम कोर्ट का इनकार, 24 घंटे आतिशबाजी की अनुमति भी नहीं

दिवाली से पहले पटाखों के इस्तेमाल को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि पूरे देश में पटाखों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने पर विचार नहीं किया जा रहा है। हालांकि अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि 24 घंटे आतिशबाजी की अनुमति नहीं दी जा सकती। कोर्ट पटाखों के प्रकार और इस्तेमाल की समय-सीमा को लेकर आगे दिशा-निर्देशों पर विचार करेगा। केंद्र और विशेषज्ञ एजेंसियों को कुछ तकनीकी पहलुओं के आकलन के लिए समय दिया गया है।

Sep 30, 2026 - 17:47
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पटाखों पर पूरे देश में पूर्ण प्रतिबंध से सुप्रीम कोर्ट का इनकार, 24 घंटे आतिशबाजी की अनुमति भी नहीं

UNITED NEWS OF ASIA. नई दिल्ली l दिवाली से पहले पटाखों के इस्तेमाल को लेकर सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान अदालत ने पूरे देश में पटाखों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने से इनकार किया। कोर्ट ने हालांकि यह भी स्पष्ट किया कि पटाखे चलाने के लिए 24 घंटे की खुली अनुमति नहीं दी जा सकती। अदालत ने त्योहार से जुड़ी भावनाओं और स्वास्थ्य एवं पर्यावरण संबंधी चिंताओं के बीच संतुलन बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया।

पूरे देश में पूर्ण प्रतिबंध पर विचार नहीं

सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान संकेत दिया कि देशभर में पटाखों के इस्तेमाल पर पूरी तरह रोक लगाने का उसका इरादा नहीं है। अदालत के समक्ष पटाखों से जुड़े पर्यावरण और स्वास्थ्य संबंधी प्रभावों के साथ दिवाली से जुड़ी लोगों की भावनाओं का मुद्दा भी आया।

अदालत ने कहा कि पटाखों के इस्तेमाल को पूरी तरह प्रतिबंधित करने के बजाय उनके इस्तेमाल को नियंत्रित करने के तरीके पर विचार किया जाएगा।

24 घंटे आतिशबाजी की अनुमति नहीं

सुप्रीम कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि पटाखे चलाने के लिए पूरे 24 घंटे की अनुमति नहीं दी जा सकती। अदालत पटाखों के प्रकार और उन्हें चलाने के लिए निर्धारित समय-सीमा पर विचार करेगी। इस संबंध में आगे दिशा-निर्देश तय किए जाने की बात सामने आई है।

स्वास्थ्य और पर्यावरण का भी रखा जाएगा ध्यान

सुनवाई के दौरान अदालत ने पटाखों से होने वाले वायु और ध्वनि प्रदूषण के प्रभावों को भी ध्यान में रखा। विशेष रूप से बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों पर प्रदूषण के प्रभाव को लेकर संतुलित व्यवस्था की आवश्यकता पर जोर दिया गया।

अदालत ने पटाखों में इस्तेमाल होने वाले कुछ रसायनों और उनके पर्यावरणीय प्रभाव से संबंधित तकनीकी आकलन के लिए केंद्र तथा संबंधित विशेषज्ञ संस्थाओं को समय दिया है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार अगली सुनवाई 15 अक्टूबर 2026 को होनी है।

पटाखों के प्रकार और समय पर आगे फैसला

सुप्रीम कोर्ट के रुख से स्पष्ट है कि इस मामले में पूर्ण प्रतिबंध और बिना किसी समय-सीमा के इस्तेमाल—दोनों के बजाय नियंत्रित व्यवस्था पर विचार किया जा रहा है। कौन से पटाखे अनुमत होंगे और उनके इस्तेमाल की समय-सीमा क्या होगी, इस पर आगे की सुनवाई और संबंधित तकनीकी रिपोर्टों के आधार पर दिशा-निर्देश सामने आएंगे।