गांव की जरूरत और संसाधनों के आधार पर बनेगी विकास योजना, VGPP प्रशिक्षण में ग्रामीण सहभागिता पर जोर

दुर्ग में विकसित भारत–जी राम जी के अंतर्गत ग्राम पंचायत प्लान (VGPP) को लेकर जिला स्तरीय प्रशिक्षण आयोजित किया गया। प्रशिक्षण में युक्तधारा पोर्टल के माध्यम से परिसंपत्तियों के मानचित्रण, स्थानीय जरूरतों की पहचान और विकास कार्यों के चयन की प्रक्रिया समझाई गई। वाटर बजट के जरिए जल संरक्षण को प्राथमिकता देने और ग्राम सभा व ग्रामीण सहभागिता से योजनाएं तैयार करने पर जोर दिया गया।

Sep 30, 2026 - 18:13
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गांव की जरूरत और संसाधनों के आधार पर बनेगी विकास योजना, VGPP प्रशिक्षण में ग्रामीण सहभागिता पर जोर

UNITED NEWS OF ASIA. रोहितास सिंह भुवाल, दुर्ग l गांवों की विकास योजनाएं अब स्थानीय जरूरतों, उपलब्ध संसाधनों और ग्रामीणों की प्राथमिकताओं को ध्यान में रखकर तैयार करने पर जोर दिया जा रहा है। इसी उद्देश्य से विकसित भारत–जी राम जी के अंतर्गत ग्राम पंचायत प्लान (VGPP) को लेकर जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन जिला पंचायत के सभा कक्ष में किया गया। प्रशिक्षण मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत बजरंग कुमार दुबे की अध्यक्षता में आयोजित हुआ।

प्रशिक्षण के दौरान मैदानी अमले को ग्राम पंचायत विकास योजना तैयार करने की प्रक्रिया की विस्तार से जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि ग्राम पंचायत की वास्तविक जरूरतों और उपलब्ध संसाधनों का आकलन कर विकास कार्यों की प्राथमिकता तय की जाएगी। इसके लिए युक्तधारा पोर्टल की भूमिका को भी विस्तार से समझाया गया।

युक्तधारा पोर्टल के माध्यम से ग्राम पंचायत में मौजूद परिसंपत्तियों का ऑनलाइन मानचित्रण किया जाएगा। इसके साथ ही स्थानीय आवश्यकताओं की जानकारी दर्ज करने, विकासात्मक अंतराल की पहचान करने और संभावित कार्यस्थलों का चयन करने की प्रक्रिया भी प्रशिक्षण में बताई गई। अधिकारियों ने कहा कि योजना तैयार करते समय ग्राम पंचायत की भौगोलिक स्थिति, स्थानीय परिस्थितियों और लोगों की प्राथमिक जरूरतों को ध्यान में रखना जरूरी है।

प्रशिक्षण में वाटर बजट को भी महत्वपूर्ण विषय के रूप में शामिल किया गया। ग्राम पंचायत क्षेत्र में उपलब्ध जल संसाधनों और पानी की आवश्यकता का आकलन कर जल संरक्षण तथा जल संवर्धन से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता देने की जानकारी दी गई। इसके जरिए गांवों में जल सुरक्षा को मजबूत करने और उपलब्ध जल संसाधनों के बेहतर प्रबंधन पर जोर दिया गया।

VGPP में ग्रामीणों की सहभागिता को भी महत्वपूर्ण बताया गया। ग्राम सभा और सहभागी ग्रामीण मूल्यांकन के माध्यम से ग्रामीणों की जरूरतों, सुझावों और स्थानीय समस्याओं को विकास योजना में शामिल किया जाएगा। इससे रोजगार, जल सुरक्षा, आजीविका, ग्रामीण अधोसंरचना और स्थायी परिसंपत्तियों के निर्माण जैसे कार्यों को एकीकृत विकास योजना से जोड़ा जा सकेगा।

प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य मैदानी अमले को विकसित भारत–जी राम जी और VGPP की प्रक्रिया में दक्ष बनाना तथा आगामी ग्राम सभाओं में प्रभावी सहभागिता सुनिश्चित करना रहा। प्रशिक्षण में ईई आरईएस दुर्ग, जनपद पंचायत दुर्ग, पाटन और धमधा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, तकनीकी सहायक, ग्राम पंचायत सचिव सहित संबंधित अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।