स्थानीय स्तर पर जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, नगर पंचायत नगरी में करीब 24 करोड़ 18 लाख 18 हजार रुपये की लागत से फोरलेन सड़क निर्माण की स्वीकृति मिली है। प्रस्तावित परियोजना को नगर के सड़क ढांचे और यातायात व्यवस्था से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि, उपलब्ध सार्वजनिक रिपोर्ट में परियोजना की स्वीकृत राशि का विस्तृत शासकीय आदेश उपलब्ध नहीं है, इसलिए राशि और कार्य के अंतिम तकनीकी विवरण को संबंधित विभागीय दस्तावेज से पुष्ट किया जाना बाकी है।
बताया गया है कि नगर पंचायत अध्यक्ष बलजीत छाबड़ा ने हरदीभाठा मोड़ से बजरंग चौक तक फोरलेन सड़क निर्माण और सौंदर्यीकरण को प्रमुख मांग के रूप में शासन-प्रशासन के समक्ष रखा था। प्रेस विज्ञप्ति में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, उपमुख्यमंत्री अरुण साव, प्रभारी मंत्री टंक राम वर्मा, जिला प्रशासन और लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों से मुलाकात कर मांग रखने का उल्लेख किया गया है।
हालिया मीडिया रिपोर्ट में भी नगरी शहर में सड़क चौड़ीकरण एवं फोरलेन निर्माण की मांग को वित्त विभाग से स्वीकृति मिलने की जानकारी सामने आई है। रिपोर्ट के अनुसार, इस दिशा में जिला पंचायत अध्यक्ष अरुण सार्वा और विकास मरकाम की पहल का भी उल्लेख किया गया है। इसमें बताया गया है कि 10 सितंबर को दोनों ने लोक निर्माण मंत्री अरुण साव से मुलाकात कर सिहावा विधानसभा क्षेत्र की सड़क परियोजनाओं को लेकर चर्चा की थी और इसके बाद विभागीय स्तर पर प्रक्रिया आगे बढ़ी।
प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, नगरी के प्रस्तावित फोरलेन से सड़क व्यवस्था और यातायात में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है। सड़क के बीच डिवाइडर, चौड़ी सड़क और सौंदर्यीकरण से शहर के स्वरूप में बदलाव आने की संभावना बताई गई है। साथ ही आवागमन सुगम होने और बाजार क्षेत्र के विस्तार को भी संभावित लाभ के रूप में बताया गया है।
नगरी में सड़क अधोसंरचना से जुड़ी यह पहल ऐसे समय सामने आई है जब धमतरी जिले में अन्य सड़क परियोजनाओं को लेकर भी स्वीकृतियां और प्रक्रियाएं आगे बढ़ रही हैं। 28 सितंबर की एक अन्य रिपोर्ट के अनुसार, धमतरी-नगरी मार्ग के 60.20 किलोमीटर हिस्से के मजबूतीकरण के लिए 62 करोड़ 85 लाख 82 हजार रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति दिए जाने की जानकारी सामने आई है।
प्रेस विज्ञप्ति में नगरी नगर पंचायत के उपाध्यक्ष विकास बोहरा, लोक निर्माण विभाग के सभापति अश्वनी निषाद, पार्षदों, एल्डरमैन और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के सहयोग का भी उल्लेख किया गया है। परियोजना को लेकर स्थानीय स्तर पर लोगों में उम्मीद जताई जा रही है कि फोरलेन निर्माण से नगरी की यातायात व्यवस्था और सड़क अधोसंरचना को मजबूती मिलेगी।
फिलहाल परियोजना के निर्माण की विस्तृत समयसीमा, तकनीकी स्वीकृति, टेंडर प्रक्रिया और कार्य प्रारंभ होने की तारीख की जानकारी संबंधित विभाग की आधिकारिक प्रक्रिया के बाद स्पष्ट होगी।