महाराजबंध एसटीपी का 10 दिन में ट्रायल शुरू करें, नहीं तो भुगतान रुकेगा: मीनल चौबे

रायपुर महापौर मीनल चौबे ने महाराजबंध तालाब में निर्माणाधीन 3 एमएलडी क्षमता के एसटीपी का निरीक्षण किया। ठेकेदार ने कार्य पूरा कर 10 दिन में ट्रायल शुरू करने का आश्वासन दिया, जबकि महापौर ने समयसीमा पूरी नहीं होने पर भुगतान रोकने की चेतावनी दी।

Jul 12, 2026 - 15:05
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महाराजबंध एसटीपी का 10 दिन में ट्रायल शुरू करें, नहीं तो भुगतान रुकेगा: मीनल चौबे

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l राजधानी रायपुर में जल संरक्षण और स्वच्छ पर्यावरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से महाराजबंध तालाब में निर्माणाधीन सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) के कार्यों की प्रगति का महापौर मीनल चौबे ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने निर्माण कार्य की स्थिति का जायजा लिया और अधिकारियों के साथ परियोजना की प्रगति की समीक्षा की

रायपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड के माध्यम से महाराजबंध तालाब में 3 एमएलडी क्षमता का सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट बनाया जा रहा है। महापौर ने स्मार्ट सिटी के उप अभियंता शुभम तिवारी तथा संबंधित ठेकेदार की मौजूदगी में निर्माण कार्य का निरीक्षण किया और लंबित कार्यों को जल्द पूरा करने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान ठेका कंपनी मेसर्स समृद्धि वाटर वर्क्स लिमिटेड के प्रतिनिधि ने महापौर को बताया कि परियोजना के शेष कार्यों को पूरा करने के बाद एसटीपी का ट्रायल शुरू करने के लिए लगभग 10 दिनों का समय आवश्यक होगा। इस पर महापौर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि निर्धारित समय सीमा के भीतर हर हाल में निर्माण कार्य पूरा कर ट्रायल शुरू किया जाए।

मीनल चौबे ने कहा कि शहर की महत्वपूर्ण परियोजनाओं में किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों और ठेकेदार को समयबद्ध तरीके से कार्य पूरा करने पर जोर देते हुए कहा कि परियोजना का उद्देश्य शहर की सीवरेज व्यवस्था को बेहतर बनाना और जल स्रोतों को प्रदूषण से बचाना है। इसलिए कार्य की गुणवत्ता और समय सीमा दोनों का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए।

महापौर ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि 10 दिनों के भीतर एसटीपी का ट्रायल शुरू नहीं किया गया तो संबंधित ठेकेदार के भुगतान पर रोक लगाने जैसी सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में अनावश्यक देरी किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी और सभी एजेंसियों को तय समय में कार्य पूर्ण करना होगा।

नगर निगम और स्मार्ट सिटी परियोजना से जुड़े अधिकारियों का मानना है कि एसटीपी शुरू होने के बाद सीवेज जल का वैज्ञानिक उपचार संभव होगा, जिससे महाराजबंध तालाब के जल संरक्षण में मदद मिलेगी और आसपास के क्षेत्र का पर्यावरण भी बेहतर होगा। यह परियोजना शहर में स्वच्छता और सतत जल प्रबंधन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

नगर निगम ने संबंधित एजेंसियों को निर्देश दिया है कि परियोजना की नियमित निगरानी की जाए और कार्य की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता न किया जाए, ताकि एसटीपी का संचालन जल्द शुरू होकर शहरवासियों को इसका लाभ मिल सके।