डिंडोरी के निजी स्कूल में सुविधाओं को लेकर सवाल, दो कमरों और एक हॉल में कक्षा 1 से 8वीं तक पढ़ाई का दावा

मध्य प्रदेश के डिंडोरी जिले के पड़रिया कला स्थित मां नर्मदा पब्लिक स्कूल में कक्षा 1 से 8वीं तक की पढ़ाई दो छोटे कमरों और एक हॉल में संचालित होने की जानकारी सामने आई है। स्कूल में करीब 100 छात्र-छात्राओं के अध्ययनरत होने की बात कही जा रही है। मामले में स्कूल की मान्यता, भवन, शौचालय, खेल मैदान और शिक्षक-छात्र अनुपात से जुड़े निर्धारित मानकों को लेकर सवाल उठाए गए हैं। प्रभारी डीपीसी अमित गौलिया ने विभागीय टीम से स्कूल का निरीक्षण कराने और कमियां मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की बात कही है।

Sep 30, 2026 - 17:38
Sep 30, 2026 - 17:39
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डिंडोरी के निजी स्कूल में सुविधाओं को लेकर सवाल, दो कमरों और एक हॉल में कक्षा 1 से 8वीं तक पढ़ाई का दावा

UNITED NEWS OF ASIA. ओमप्रकाश परस्ते, डिंडोरी l जिले के पड़रिया कला स्थित मां नर्मदा पब्लिक स्कूल में स्कूल की सुविधाओं और निर्धारित मानकों को लेकर सवाल उठ रहे हैं। सामने आई जानकारी के मुताबिक स्कूल में कक्षा 1 से 8वीं तक की पढ़ाई महज दो छोटे कमरों और एक हॉल में संचालित हो रही है। स्कूल में करीब 100 छात्र-छात्राओं के अध्ययनरत होने की जानकारी भी सामने आई है।

मामले में स्कूल के भवन, कक्षाओं के लिए उपलब्ध स्थान, शौचालय, खेल मैदान और शिक्षक-छात्र अनुपात सहित अन्य निर्धारित मानकों को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। साथ ही यह भी सवाल सामने आया है कि स्कूल को मान्यता दिए जाने से पहले विभागीय स्तर पर भवन और अन्य सुविधाओं का भौतिक सत्यापन किस तरह किया गया।

दो कमरे और एक हॉल में कक्षाओं का संचालन

जानकारी के अनुसार मां नर्मदा पब्लिक स्कूल में कक्षा 1 से 8वीं तक के विद्यार्थियों की पढ़ाई दो छोटे कमरों और एक हॉल में संचालित होने की बात सामने आई है। करीब 100 विद्यार्थियों के अध्ययनरत होने की जानकारी के बाद स्कूल में उपलब्ध कक्षों और अन्य बुनियादी सुविधाओं को लेकर चर्चा शुरू हुई है।

मामले में यह स्पष्ट होना बाकी है कि स्कूल के पास मान्यता के समय कौन-कौन सी सुविधाएं उपलब्ध थीं और वर्तमान में स्कूल निर्धारित शैक्षणिक एवं भौतिक मानकों को पूरा करता है या नहीं। इन बिंदुओं की वास्तविक स्थिति विभागीय जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

विभागीय टीम करेगी स्कूल का निरीक्षण

मामले को लेकर डिंडोरी के प्रभारी डीपीसी अमित गौलिया ने कहा है कि विभागीय टीम स्कूल पहुंचकर वास्तविक स्थिति की जांच करेगी। उन्होंने कहा कि जांच के दौरान यदि निर्धारित मानकों से संबंधित कमियां पाई जाती हैं तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

अब विभागीय निरीक्षण के बाद यह स्पष्ट होगा कि स्कूल की मान्यता के लिए आवश्यक भवन, कक्ष, शौचालय, खेल मैदान, शिक्षकों की उपलब्धता और अन्य सुविधाएं निर्धारित मापदंडों के अनुरूप हैं या नहीं।

भौतिक सत्यापन पर भी उठे सवाल

मामले में एक अहम सवाल यह भी है कि स्कूल को मान्यता दिए जाने से पहले विभागीय स्तर पर भौतिक सत्यापन किस आधार पर किया गया था। यदि जांच के दौरान वर्तमान स्थिति में निर्धारित मानकों की कमी सामने आती है, तो संबंधित विभाग द्वारा नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

फिलहाल स्कूल की वास्तविक स्थिति और मानकों के अनुपालन को लेकर तस्वीर विभागीय जांच के बाद ही साफ होगी।