बैठक में आत्मा के विकासखंड तकनीकी प्रबंधक अमित बघेल ने आयोजन के उद्देश्य और आत्मा योजना के तहत किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने विगत खरीफ सीजन में किए गए कार्यों की जानकारी समिति के सदस्यों के सामने रखी। इसके साथ ही आगामी रबी सीजन में आयोजित किए जाने वाले विभिन्न कार्यों और गतिविधियों के संबंध में भी जानकारी दी गई।
बैठक के दौरान वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए रबी मौसम में सरसों की फसल को बढ़ाने की सलाह दी गई। किसानों को रबी सीजन की फसलों से संबंधित गतिविधियों और संभावनाओं की जानकारी दी गई। बैठक में किसानों से जुड़े विषयों पर भी चर्चा हुई और समिति सदस्यों से सुझाव प्राप्त किए गए।
वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी एस.पी. डेहरिया ने विभागीय योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने रबी सीजन के लिए बीज की उपलब्धता के संबंध में भी जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि रबी मौसम में किसानों के लिए पर्याप्त किस्मों के बीज उपलब्ध रहने की जानकारी बैठक में दी गई।
एसएचडीओ रुपाली मरकाम ने प्राकृतिक खेती के अंतर्गत दिए जाने वाले विभागीय अनुदान और पीएमएफएमई योजना से संबंधित जानकारी दी। उन्होंने योजनाओं के माध्यम से किसानों को मिलने वाले लाभ और विभागीय स्तर पर संचालित गतिविधियों के बारे में समिति के सदस्यों को अवगत कराया।
बैठक में पशुपालन विभाग की ओर से संजय इनवाती ने विभागीय योजनाओं की जानकारी दी। कृषि के साथ पशुपालन से जुड़े विभागीय कार्यक्रमों और योजनाओं के संबंध में भी समिति सदस्यों को जानकारी उपलब्ध कराई गई।
बैठक में जिला सलाहकार समिति की सदस्य सुषमा शर्मा सहित विकासखंड स्तरीय समिति के सदस्य श्रीचंद पटेल, जयपाल पवार, मदन पवार, गज्जू पवार, वीरन यादव और बसंत बसंपति उपस्थित रहे। बैठक के दौरान समिति के सदस्यों ने कृषि और किसानों से जुड़े विभिन्न विषयों पर अपने सुझाव भी दिए।
आत्मा योजना के तहत आयोजित इस बैठक में कृषि एवं संबंधित विभागों के बीच समन्वय, खरीफ में किए गए कार्यों की जानकारी और रबी सीजन की आगामी गतिविधियों पर चर्चा हुई। किसानों के लिए उपलब्ध विभागीय योजनाओं, बीज की उपलब्धता, प्राकृतिक खेती और अन्य कृषि आधारित गतिविधियों की जानकारी भी साझा की गई।
बैठक का उद्देश्य विकासखंड स्तर पर किसानों से जुड़े विषयों पर चर्चा करना, कृषि विभाग और संबंधित विभागों की योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराना तथा आगामी कृषि गतिविधियों के लिए आवश्यक सुझाव प्राप्त करना रहा। समिति सदस्यों के सुझावों के साथ बैठक में रबी सीजन की तैयारियों और किसानों से संबंधित विभिन्न विषयों पर विचार-विमर्श किया गया।