कृषि विज्ञान केन्द्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ. बी.पी. त्रिपाठी ने कलेक्टर को केन्द्र में संचालित विभिन्न गतिविधियों, तकनीकी प्रदर्शनों और किसानों तथा ग्रामीण युवाओं के लिए आयोजित प्रशिक्षण एवं कौशल विकास कार्यक्रमों की जानकारी दी।
निरीक्षण के बाद कलेक्टर कृषि विज्ञान केन्द्र में ग्रामीण युवाओं को कृषि आधारित आजीविका से जोड़ने और उन्हें आवश्यक कौशल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सरल योजना के तहत आयोजित तीन दिवसीय मशरूम उत्पादन प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन सत्र में शामिल हुईं। इस प्रशिक्षण में कबीरधाम जिले के 30 ग्रामीण युवाओं ने भाग लिया।
कलेक्टर ने प्रशिक्षणार्थियों से बातचीत कर प्रशिक्षण के दौरान मिली जानकारी, मशरूम उत्पादन में उनकी रुचि और इसे स्वरोजगार के रूप में अपनाने की उनकी योजनाओं के बारे में जानकारी ली। उन्होंने युवाओं को कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों में रोजगार और स्वरोजगार की संभावनाओं के बारे में बताया।
कलेक्टर तुलिका प्रजापति ने प्रशिक्षणार्थियों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों में रोजगार और स्वरोजगार की अनेक संभावनाएं उपलब्ध हैं। युवा इन अवसरों का उपयोग कर अपनी आजीविका को मजबूत करने के साथ अपना व्यवसाय भी स्थापित कर सकते हैं। उन्होंने प्रशिक्षण में प्राप्त तकनीकी ज्ञान को व्यवहार में अपनाने और मशरूम उत्पादन को आय के साधन के रूप में विकसित करने के लिए युवाओं को प्रेरित किया।
उन्होंने कृषि विज्ञान केन्द्र द्वारा युवाओं के कौशल विकास के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। साथ ही मशरूम उत्पादन सहित कृषि एवं संबद्ध उद्यमों से जुड़े अधिक से अधिक प्रशिक्षण आयोजित करने तथा युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर विकसित करने की दिशा में निरंतर कार्य करने के निर्देश दिए।
प्रशिक्षण पूरा करने वाले सभी 30 प्रतिभागियों को कलेक्टर ने प्रशिक्षण प्रमाण पत्र और मशरूम उत्पादन किट वितरित की। उन्होंने युवाओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त कौशल को केवल प्रशिक्षण तक सीमित न रखें, बल्कि इसे आजीविका के साधन के रूप में उपयोग करें।
तीन दिवसीय प्रशिक्षण में युवाओं को व्यावसायिक मशरूम उत्पादन की वैज्ञानिक तकनीक की जानकारी दी गई। इसके साथ ही उत्पादन इकाई स्थापित करने के लिए उपयुक्त स्थान का चयन, स्वच्छता और जैव-सुरक्षा, उत्पादन प्रबंधन, रोग एवं कीट प्रबंधन, मशरूम प्रसंस्करण और मूल्य संवर्धन, भंडारण तथा विपणन जैसे विषयों पर प्रशिक्षण दिया गया।
प्रशिक्षण का उद्देश्य ग्रामीण युवाओं को वैज्ञानिक तकनीक से मशरूम उत्पादन और इससे जुड़े उद्यमों के लिए आवश्यक तकनीकी एवं व्यावहारिक कौशल प्रदान करना रहा। इसके माध्यम से युवाओं को कृषि आधारित आजीविका और स्वरोजगार से जोड़ने का प्रयास किया गया।
कार्यक्रम में उपसंचालक कृषि, जिला कबीरधाम अमित कुमार मोहंती सहित कृषि विज्ञान केन्द्र के वैज्ञानिक डॉ. बी.एस. परिहार, डॉ. टी.एस. सोनवानी, डॉ. एन.सी. बंजारा, डॉ. सी.पी. राहंगडाले और कार्यक्रम सहायक योगेश कुमार कौशिक उपस्थित रहे। तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन एवं समन्वय डॉ. सी.पी. राहंगडाले ने किया।