5,55,555 महामृत्युंजय जप के साथ निकली ऐतिहासिक लोक कल्याण कावड़ यात्रा, राष्ट्रमंगल की कामना से गूंजा रतलाम

रतलाम में मुरलीवाला फाउंडेशन द्वारा राष्ट्रमंगल, जनकल्याण और सुख-समृद्धि की कामना को लेकर 5,55,555 महामृत्युंजय मंत्र जप के साथ लोक कल्याण कावड़ यात्रा निकाली गई। 24 विद्वान आचार्यों के मार्गदर्शन में आयोजित इस महाअनुष्ठान का शुभारंभ कालिका माता मंदिर से हुआ। श्रद्धालुओं ने नगर भ्रमण कर श्री कंठीवाला हनुमान मंदिर पहुंचकर भगवान शिव का सहस्रधारा अभिषेक, महाआरती और महाप्रसादी का आयोजन किया। यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया।

Aug 17, 2026 - 14:31
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5,55,555 महामृत्युंजय जप के साथ निकली ऐतिहासिक लोक कल्याण कावड़ यात्रा, राष्ट्रमंगल की कामना से गूंजा रतलाम

UNITED NEWS OF ASIA. राजेश पुरोहित, रतलाम l मुरलीवाला फाउंडेशन द्वारा सम्पूर्ण राष्ट्र के मंगल, जनकल्याण और सुख-समृद्धि की कामना को लेकर रविवार, 16 अगस्त को 5,55,555 महामृत्युंजय मंत्र जप के साथ भव्य लोक कल्याण कावड़ यात्रा का आयोजन किया गया। श्रद्धा, भक्ति और सनातन संस्कृति के वातावरण में आयोजित इस महाअनुष्ठान में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने सहभागिता की।

“हमारा राष्ट्र बने सर्वशक्तिमान” के संकल्प के साथ आयोजित कार्यक्रम में 24 विद्वान आचार्यों के मार्गदर्शन में महामृत्युंजय मंत्र का जप किया गया। यात्रा का शुभारंभ कालिका माता मंदिर परिसर से हुआ। श्रद्धालुओं ने कांधे पर कावड़ लेकर भगवान महादेव का जयघोष करते हुए नगर भ्रमण किया।

कावड़ यात्रा कालिका माता मंदिर से प्रारंभ होकर गुलाब चक्कर, मेंहदीकुई बालाजी, नगर निगम चौराहा, कॉलेज रोड, नाहरपुरा, डालूमोदी बाजार, गणेश देवरी, धान मंडी, शहीद चौक और सैलाना बस स्टैंड सहित शहर के प्रमुख मार्गों से होती हुई सब्जी मंडी प्रांगण, पावर हाउस रोड स्थित श्री कंठीवाला हनुमान मंदिर पहुंची। यात्रा मार्ग पर विभिन्न स्थानों पर धर्मप्रेमी नागरिकों ने कावड़ यात्रियों का स्वागत किया। इस दौरान पूरा वातावरण “हर-हर महादेव” और महामृत्युंजय मंत्र के जयघोष से गूंजता रहा।

सहस्रधारा अभिषेक और महाआरती

यात्रा के समापन अवसर पर श्री कंठीवाला हनुमान मंदिर में भगवान शिव का सहस्रधारा अभिषेक किया गया। इसके बाद महाआरती और महाप्रसादी का आयोजन हुआ। इसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने शामिल होकर धर्मलाभ प्राप्त किया।

आयोजन का उद्देश्य केवल व्यक्तिगत सुख-समृद्धि की कामना तक सीमित न होकर समाज, राष्ट्र और संपूर्ण सृष्टि के कल्याण की सामूहिक प्रार्थना करना रहा। आयोजकों ने समुद्र मंथन के दौरान भगवान शिव द्वारा जगत की रक्षा के लिए विषपान किए जाने की कथा को लोक कल्याण की भावना की प्रेरणा बताया।

शिव-शक्ति साधना का आध्यात्मिक संगम

महाअनुष्ठान की विशेषता शिव और शक्ति की एक साथ प्रारंभ हुई साधना रही। जब कालिका माता मंदिर से श्रद्धालुओं ने कावड़ उठाकर लोक कल्याण यात्रा शुरू की, उसी समय श्री कंठीवाला हनुमान मंदिर में भगवान शिव के समक्ष राष्ट्रमंगल का संकल्प लेकर सहस्रधारा अभिषेक की प्रक्रिया प्रारंभ हुई। इस प्रकार एक ही समय पर शक्ति आराधना और शिव उपासना का आध्यात्मिक संगम देखने को मिला।

मुरलीवाला फाउंडेशन के संस्थापक मोहनलाल मुरलीवाला ने कहा कि यह आयोजन केवल कावड़ यात्रा नहीं, बल्कि महामृत्युंजय मंत्र की साधना के माध्यम से राष्ट्रमंगल और लोककल्याण की सामूहिक प्रार्थना का महाअनुष्ठान था।

इस अवसर पर निर्वाणी अखाड़ा पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी विशोकानंद भारती, स्वामी देव स्वरूपानंद, संस्कार ऋषि संत दिनेश व्यास सहित संतजनों का आशीर्वचन प्राप्त हुआ।

कार्यक्रम में फाउंडेशन की ओर से गिरधारी लाल, आनंद पाटीदार, कृष्णा पाटीदार, आशीष पाटीदार, जितेन्द्र परमार, राकेश पांचाल, महेश पाटीदार, रामेश्वर पाटीदार, रवि पाटीदार, घनश्याम पाटीदार और नितिन सोनी सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन रत्नेश विजयवर्गीय ने किया तथा आभार फेडरेशन अध्यक्ष रविंद्र पाटीदार ने व्यक्त किया।