यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक वाय.पी. सिंह के दिशा-निर्देशन तथा अनुविभागीय अधिकारी पुलिस मानपुर विनोद कुमार मिंज के मार्गदर्शन में की गई। खड़गांव थाना प्रभारी निरीक्षक सुशील त्रिपाठी और प्रशिक्षु उप निरीक्षक अब्दुल रियाज के नेतृत्व में पुलिस टीम ने मामले की जांच आगे बढ़ाई।
मामले की शुरुआत थाना खड़गांव में दर्ज अपराध क्रमांक 06/26 से हुई, जिसमें धारा 318(4) बीएनएस के तहत प्रकरण दर्ज किया गया था। पुलिस के अनुसार, पीड़ित से ठगी गई 3,12,348 रुपये की राशि को अलग-अलग 9 बैंक खातों में ट्रांसफर किया गया था। जांच के दौरान एक वर्चुअल बैंक खाते की जानकारी सामने आई, जिसमें 60 हजार रुपये ट्रांसफर किए जाने की बात पुलिस ने बताई।
पुलिस के मुताबिक, इसी वर्चुअल बैंक खाते के लेनदेन का तकनीकी विश्लेषण करने पर देश के अलग-अलग राज्यों में दर्ज साइबर अपराधों की जानकारी सामने आई। पुलिस के अनुसार, खाते से जुड़े मामलों में 1,71,000 से अधिक लोगों को निशाना बनाए जाने की जानकारी मिली है और 14 राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों में कुल 176 FIR दर्ज होना सामने आया।
राज्यों में दर्ज मामलों में कर्नाटक में 54 FIR, बिहार में 46, तेलंगाना में 28, उत्तर प्रदेश में 10, केरल में 8, महाराष्ट्र में 7 और हरियाणा तथा तमिलनाडु में 6-6 FIR शामिल हैं। दिल्ली में 4, पश्चिम बंगाल में 3 तथा अंडमान निकोबार, अरुणाचल प्रदेश, मिजोरम और राजस्थान में 1-1 FIR मिलने की जानकारी पुलिस ने दी है।
पुलिस के अनुसार, इसी नेटवर्क से संबंधित 31 शिकायतें मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले के विभिन्न थानों में भी दर्ज थीं। इनमें अंबागढ़ चौकी थाना में 15, खड़गांव में 9, मोहला में 3, मानपुर में 2 तथा गोटाटोला और मदनवाड़ा थाना में 1-1 शिकायत शामिल है।
जांच के दौरान पुलिस टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और बैंकिंग लेनदेन का विश्लेषण कर आरोपियों की लोकेशन का पता लगाया। पुलिस के अनुसार, आरोपी लगातार अपनी लोकेशन बदल रहे थे। इसके बाद विशेष टीम ने 30 सितंबर 2026 को पश्चिम बंगाल में कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया।
गिरफ्तार आरोपियों में आदित्य रजक, जिसे पुलिस ने मुख्य सरगना बताया है, कृष्णा चौधरी और सुमन वर्मा शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, तीनों आरोपी पश्चिम बंगाल के हुगली और नॉर्थ 24 परगना क्षेत्र के रहने वाले हैं। गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय के समक्ष पेश किया गया है।
कार्रवाई में खड़गांव थाना के प्रशिक्षु उप निरीक्षक अब्दुल रियाज, सहायक उप निरीक्षक धन सिंह महिलांगे, आरक्षक आशीष जोगी, आरक्षक नर्मदा प्रसाद पैकरा, महिला सहायक आरक्षक सरिता जाड़े और जिला साइबर सेल की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
पुलिस ने आमजन से अपील की है कि किसी भी अज्ञात बैंक खाते या संदिग्ध वर्चुअल बैंकिंग व्यवस्था के झांसे में न आएं। साइबर फ्रॉड होने पर तत्काल नजदीकी पुलिस थाना या राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन को सूचना देने की अपील की गई है।