23 सितंबर को खुलेगा माता लिंगेश्वरी गुफा मंदिर का द्वार, समिति ने बैठक में लिया निर्णय

कोंडागांव जिले के फरसगांव विकासखंड स्थित ग्राम झाटीबन-आलोर की पहाड़ी गुफा में विराजमान प्रसिद्ध माता लिंगेश्वरी मंदिर का द्वार 23 सितंबर 2026 को श्रद्धालुओं के लिए खोला जाएगा। मंदिर सेवा समिति की बैठक में तिथि निर्धारित की गई। समिति ने संतान प्राप्ति की मनोकामना लेकर आने वाले श्रद्धालुओं से खीरा साथ लाने की अपील की है। बारिश को देखते हुए रेनकोट और छाता रखने की सलाह भी दी गई है। मंदिर में श्रद्धालुओं के प्रवेश पर रोक रहेगी और बाहर से ही दर्शन कराए जाएंगे।

Aug 17, 2026 - 13:57
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23 सितंबर को खुलेगा माता लिंगेश्वरी गुफा मंदिर का द्वार, समिति ने बैठक में लिया निर्णय

UNITED NEWS OF ASIA. रामकुमार भारद्वाज, कोंडागांव l जिले के फरसगांव विकासखंड अंतर्गत ग्राम झाटीबन-आलोर की पहाड़ी गुफा में स्थित प्रसिद्ध माता लिंगेश्वरी मंदिर का द्वार इस वर्ष 23 सितंबर 2026, बुधवार को श्रद्धालुओं के लिए खोला जाएगा। मंदिर सेवा समिति की रविवार को आयोजित बैठक में मंदिर खोलने की तिथि पर निर्णय लिया गया।

माता लिंगेश्वरी मंदिर को लेकर क्षेत्र के श्रद्धालुओं में गहरी आस्था है। हर वर्ष मंदिर के वार्षिक दर्शन और मेले का श्रद्धालुओं को बेसब्री से इंतजार रहता है। मंदिर खुलने से एक दिन पहले ही पहाड़ी के नीचे बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की परंपरा रही है।

संतान प्राप्ति की मनोकामना को लेकर पहुंचते हैं श्रद्धालु

लिंगेश्वरी मंदिर सेवा समिति ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि संतान प्राप्ति की मनोकामना लेकर आने वाले श्रद्धालु अपने साथ खीरा लेकर आएं। स्थानीय मान्यता के चलते विशेष रूप से निसंतान दंपती यहां माता के दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं।

समिति के अनुसार, छत्तीसगढ़ के अलावा अन्य राज्यों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु माता लिंगेश्वरी के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। बस्तर की प्राकृतिक पहाड़ियों के बीच स्थित गुफा मंदिर श्रद्धालुओं के साथ-साथ क्षेत्र में आने वाले पर्यटकों के लिए भी आकर्षण का केंद्र रहता है।

श्रद्धालुओं के प्रवेश पर रहेगी रोक

मंदिर सेवा समिति ने बताया कि इस वर्ष भी श्रद्धालुओं को गुफा के अंदर प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। श्रद्धालुओं को बाहर से ही माता के दर्शन कराए जाएंगे। मंदिर परिसर और दर्शन व्यवस्था को लेकर समिति द्वारा आवश्यक तैयारियां की जा रही हैं।

बारिश के मौसम को देखते हुए समिति ने श्रद्धालुओं से अपने साथ रेनकोट और छाता रखने की अपील की है। पहाड़ी क्षेत्र होने के कारण मौसम और रास्ते की स्थिति को ध्यान में रखते हुए श्रद्धालुओं से सावधानी बरतने का आग्रह किया गया है।

वार्षिक दर्शन का रहता है इंतजार

माता लिंगेश्वरी मंदिर में वर्ष में विशेष अवसर पर होने वाले दर्शन को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह रहता है। दूर-दराज के क्षेत्रों और दूसरे राज्यों से भी लोग अपनी मनोकामना लेकर यहां पहुंचते हैं। मंदिर खुलने की तिथि तय होने के बाद अब श्रद्धालुओं में दर्शन को लेकर उत्सुकता बढ़ गई है।

मंदिर सेवा समिति ने सभी श्रद्धालुओं से निर्धारित व्यवस्था का पालन करने और आयोजन को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने में सहयोग की अपील की है।