नीट पेपर लीक पर कांग्रेस का हमला, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और निष्पक्ष जांच की मांग

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिला कांग्रेस ने नीट पेपर लीक मामले को लेकर केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। कांग्रेस नेताओं ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे, सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में सीबीआई जांच और एनटीए के पुनर्गठन की मांग करते हुए कहा कि परीक्षा प्रणाली में लगातार हो रही गड़बड़ियां छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ हैं।

Jun 24, 2026 - 13:02
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नीट पेपर लीक पर कांग्रेस का हमला, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और निष्पक्ष जांच की मांग

UNITED NEWS OF ASIA. अवास कैवर्त, गौरेला पेंड्रा l नीट पेपर लीक मामले को लेकर जिला कांग्रेस कमेटी गौरेला-पेंड्रा-मरवाही ने प्रेसवार्ता आयोजित कर केंद्र सरकार और राष्ट्रीय परीक्षा प्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि परीक्षा प्रक्रिया में हुई अनियमितताओं ने लाखों छात्रों और उनके परिवारों के विश्वास को चोट पहुंचाई है तथा पूरे मामले की निष्पक्ष जांच आवश्यक है।

प्रेसवार्ता में पूर्व विधायक डॉ. के.के. ध्रुव ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए तत्काल इस्तीफा देने की मांग की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी द्वारा लगातार आवाज उठाने और लोकतांत्रिक तरीके से विरोध दर्ज कराने के बाद ही सरकार को नीट परीक्षा दोबारा आयोजित करने का निर्णय लेना पड़ा। उन्होंने आरोप लगाया कि परीक्षा प्रक्रिया में हुई गड़बड़ियों से लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ है।

कांग्रेस प्रवक्ता वीरेंद्र सिंह बघेल ने कहा कि नीट पेपर लीक विवाद के कारण देशभर के छात्रों और अभिभावकों में भारी मानसिक तनाव का माहौल बना। उन्होंने आरोप लगाया कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और विश्वसनीयता बनाए रखने में संबंधित एजेंसियां विफल रही हैं। बघेल ने दावा किया कि पिछले कई वर्षों में राष्ट्रीय स्तर की अनेक परीक्षाओं के पेपर लीक होने के मामले सामने आए हैं, लेकिन दोषियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं हो सकी है।

ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष दया वाकरे ने केंद्र सरकार की शिक्षा नीति और बजट प्रबंधन पर सवाल उठाते हुए कहा कि शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के बजाय लगातार उपेक्षित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और निष्पक्ष परीक्षा प्रणाली सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है।

जिला महामंत्री राकेश मसीह ने मांग की कि पेपर लीक से जुड़े मामलों की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में सीबीआई से उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराई जाए। उनका कहना था कि केवल कठोर और पारदर्शी जांच से ही सच्चाई सामने आएगी तथा दोषियों को सजा मिल सकेगी।

जिला उपाध्यक्ष नारायण शर्मा ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि एजेंसी परीक्षा संचालन में विश्वास कायम रखने में असफल रही है। उन्होंने मांग की कि परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार किए जाएं और ऐसी व्यवस्था विकसित की जाए जिससे भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

प्रेसवार्ता में जिला उपाध्यक्ष कमाल खान ने भी केंद्र सरकार की नीतियों की आलोचना करते हुए कहा कि छात्रों के भविष्य से जुड़े मामलों में किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जा सकती। उन्होंने परीक्षा प्रणाली में जवाबदेही और पारदर्शिता बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया।

कांग्रेस नेताओं ने कहा कि देश के युवाओं का भविष्य सुरक्षित रखना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। पार्टी ने मांग की कि परीक्षा प्रणाली को मजबूत करने, दोषियों पर सख्त कार्रवाई करने और छात्रों का भरोसा बहाल करने के लिए तत्काल प्रभावी कदम उठाए जाएं। प्रेसवार्ता में कांग्रेस पदाधिकारियों ने शिक्षा व्यवस्था में सुधार और निष्पक्ष परीक्षा तंत्र की स्थापना के लिए व्यापक पहल की आवश्यकता पर बल दिया।