आपातकाल संवैधानिक प्रावधान था, देश में अब अघोषित आपातकाल जैसे हालात: कांग्रेस

छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने आपातकाल को लेकर भाजपा पर इतिहास को लेकर भ्रम फैलाने का आरोप लगाया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि आपातकाल संविधान के प्रावधानों के तहत लगाया गया था, जबकि वर्तमान समय में लोकतांत्रिक संस्थाओं पर दबाव और विपक्ष की आवाज दबाने जैसी परिस्थितियां चिंताजनक हैं।

Jun 24, 2026 - 13:12
 0  2
आपातकाल संवैधानिक प्रावधान था, देश में अब अघोषित आपातकाल जैसे हालात: कांग्रेस

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l आपातकाल की वर्षगांठ को लेकर देशभर में चल रही राजनीतिक बहस के बीच छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने भाजपा के आरोपों का जवाब देते हुए केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस का कहना है कि 1975 में लगाया गया आपातकाल संविधान में उपलब्ध प्रावधानों के तहत लागू किया गया था, जबकि वर्तमान समय में लोकतांत्रिक संस्थाओं और विपक्षी दलों पर बढ़ते दबाव के कारण देश में अघोषित आपातकाल जैसे हालात बन गए हैं।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने जारी बयान में कहा कि तत्कालीन परिस्थितियों को देखते हुए राष्ट्रपति और केंद्र सरकार ने संवैधानिक व्यवस्था के अंतर्गत आपातकाल लागू करने का निर्णय लिया था। उनका कहना है कि उस समय कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक चुनौतियों से निपटने के लिए यह कदम उठाया गया था तथा परिस्थितियों में सुधार आने के बाद आपातकाल समाप्त भी कर दिया गया था।

दीपक बैज ने कहा कि आपातकाल संविधान में वर्णित एक कानूनी और संवैधानिक व्यवस्था है, जबकि वर्तमान समय में देश की कई संस्थाओं की स्वतंत्रता और निष्पक्षता को लेकर सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले एक दशक में लोकतांत्रिक संस्थाओं पर प्रभाव बढ़ा है और विपक्षी दलों के निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को तोड़ने तथा सरकारों को अस्थिर करने जैसी घटनाएं सामने आई हैं।

कांग्रेस का आरोप है कि चुनाव आयोग, जांच एजेंसियों और अन्य संवैधानिक संस्थाओं की निष्पक्षता को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं। पार्टी का कहना है कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए संस्थाओं की स्वतंत्रता आवश्यक है और इस दिशा में गंभीर चिंतन की जरूरत है।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने यह भी कहा कि देश में बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी, पेपर लीक जैसी घटनाएं और आम जनता की समस्याएं सरकार की प्राथमिकताओं पर प्रश्नचिह्न खड़े करती हैं। उन्होंने दावा किया कि आम नागरिकों, किसानों, युवाओं और व्यापारियों के सामने कई चुनौतियां मौजूद हैं, जिनके समाधान की दिशा में अपेक्षित प्रयास दिखाई नहीं दे रहे हैं।

कांग्रेस ने यह भी आरोप लगाया कि विपक्षी दलों की आवाज दबाने के लिए विभिन्न एजेंसियों का उपयोग किया जा रहा है और लोकतांत्रिक विरोध प्रदर्शनों को सीमित करने की कोशिशें की जा रही हैं। पार्टी का कहना है कि लोकतंत्र में असहमति की आवाज का सम्मान होना चाहिए और सभी राजनीतिक दलों को अपनी बात रखने का समान अवसर मिलना चाहिए।

दीपक बैज ने कहा कि जो दल आज आपातकाल को लेकर कांग्रेस की आलोचना कर रहे हैं, उन्हें वर्तमान परिस्थितियों पर भी आत्ममंथन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की रक्षा केवल ऐतिहासिक घटनाओं की चर्चा से नहीं, बल्कि वर्तमान में संवैधानिक मूल्यों, संस्थाओं की स्वतंत्रता और नागरिक अधिकारों की रक्षा से संभव है।

कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि वह लोकतांत्रिक अधिकारों, संवैधानिक संस्थाओं की स्वायत्तता और जनता के हितों से जुड़े मुद्दों को लगातार उठाती रहेगी तथा लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखेगी।