छह सूत्रीय मांगों को लेकर कोटवार संघ ने सौंपा ज्ञापन, नियमितीकरण और पेंशन की मांग तेज

सक्ति जिले के जैजैपुर तहसील के कोटवारों ने अपनी छह सूत्रीय मांगों को लेकर मुख्यमंत्री के नाम तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा। कोटवार संघ ने राजस्व विभाग में संविलियन, नियमितीकरण, उचित वेतन, पेंशन और अन्य शासकीय सुविधाएं देने की मांग की है। संघ ने चेतावनी दी है कि मांगें पूरी नहीं होने पर प्रदेशव्यापी आंदोलन किया जाएगा।

Jul 3, 2026 - 17:48
Jul 3, 2026 - 18:10
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छह सूत्रीय मांगों को लेकर कोटवार संघ ने सौंपा ज्ञापन, नियमितीकरण और पेंशन की मांग तेज

UNITED NEWS OF ASIA.  जीके कुर्रे सक्ति। जिले के जैजैपुर तहसील के कोटवारों ने अपनी लंबित छह सूत्रीय मांगों को लेकर मुख्यमंत्री के नाम तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा। कोटवार संघ का कहना है कि लंबे समय से विभिन्न मांगों के समाधान की मांग की जा रही है, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। ऐसे में शासन से शीघ्र सकारात्मक पहल की अपेक्षा की जा रही है।

ज्ञापन के माध्यम से कोटवारों ने राजस्व विभाग में संविलियन कर नियमित कर्मचारी का दर्जा देने की मांग की है। इसके अलावा उचित वेतनमान, पेंशन सुविधा, सामाजिक सुरक्षा तथा अन्य शासकीय सुविधाएं उपलब्ध कराने की भी मांग उठाई गई है। संघ का कहना है कि कोटवार वर्षों से ग्रामीण क्षेत्रों में शासन और प्रशासन के बीच महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में कार्य कर रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें नियमित कर्मचारियों जैसी सुविधाएं नहीं मिल रही हैं।

कोटवार संघ का कहना है कि राजस्व, कानून-व्यवस्था, सरकारी योजनाओं की जानकारी पहुंचाने, प्राकृतिक आपदाओं और अन्य प्रशासनिक कार्यों में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रहती है। इसके बावजूद उन्हें सीमित मानदेय में काम करना पड़ता है, जिससे आर्थिक और सामाजिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

संघ के अध्यक्ष टहलु दास महंत ने बताया कि कोटवार लंबे समय से अपनी समस्याओं के समाधान की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि यदि शासन उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार कर नियमितीकरण और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराता है तो इससे प्रदेशभर के कोटवारों को राहत मिलेगी और वे अधिक प्रभावी ढंग से अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर सकेंगे।

ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि कोटवारों को उनकी सेवा अवधि के अनुरूप पेंशन और अन्य सेवा लाभ प्रदान किए जाएं। संघ का कहना है कि वर्तमान व्यवस्था में कई कोटवार सेवानिवृत्ति के बाद आर्थिक असुरक्षा का सामना करते हैं। इसलिए सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पेंशन सहित अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराना आवश्यक है।

कोटवार संघ ने स्पष्ट किया है कि यदि उनकी छह सूत्रीय मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो प्रदेश स्तर पर आंदोलन की रणनीति बनाई जाएगी। संघ का कहना है कि वह अपनी मांगों को लेकर लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष जारी रखेगा।

फिलहाल मुख्यमंत्री के नाम सौंपे गए ज्ञापन के माध्यम से कोटवारों ने शासन से मांगों पर शीघ्र विचार कर उचित निर्णय लेने की अपील की है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि सरकार इस ज्ञापन पर क्या निर्णय लेती है और कोटवारों की लंबे समय से लंबित मांगों के समाधान के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।