कृषि सेवा केंद्र की आड़ में नकली नोट छापने का खुलासा, यूट्यूब से सीखी तकनीक, दो आरोपी गिरफ्तार

मध्यप्रदेश के आगर मालवा जिले में पुलिस ने नकली नोट छापने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। कृषि सेवा केंद्र की आड़ में चल रहे इस अवैध कारोबार में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने 500 रुपये के 115 नकली नोट, रंगीन प्रिंटर, कटर और अन्य उपकरण जब्त किए हैं। मामले की जांच जारी है।

Jul 3, 2026 - 17:27
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कृषि सेवा केंद्र की आड़ में नकली नोट छापने का खुलासा, यूट्यूब से सीखी तकनीक, दो आरोपी गिरफ्तार

UNITED NEWS OF ASIA. आगर मालवा। मध्यप्रदेश के आगर मालवा जिले में पुलिस ने नकली नोट बनाने वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपी कृषि सेवा केंद्र की आड़ में 500 रुपये के नकली नोट तैयार कर रहे थे। कार्रवाई के दौरान मौके से नकली नोटों के साथ रंगीन प्रिंटर, कटर और अन्य उपकरण भी जब्त किए गए हैं। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि अब तक कितने नकली नोट बाजार में खपाए जा चुके हैं और इस नेटवर्क से अन्य कौन-कौन लोग जुड़े हैं।

पुलिस के अनुसार नलखेड़ा थाना क्षेत्र में मुखबिर से सूचना मिली थी कि बस स्टैंड स्थित एक कृषि सेवा केंद्र में नकली नोट तैयार किए जा रहे हैं। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने दुकान पर दबिश दी। कार्रवाई के दौरान नरेंद्र सिंह सौंधिया और शुभम सोलंकी को हिरासत में लिया गया। तलाशी लेने पर एक बैग से 500-500 रुपये के कुल 115 नकली नोट बरामद हुए, जिनकी कुल अंकित राशि 57 हजार 500 रुपये है।

प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने पुलिस को बताया कि उन्होंने यूट्यूब पर वीडियो देखकर नकली नोट तैयार करने की प्रक्रिया सीखी थी। पुलिस के अनुसार आरोपी पहले 500 रुपये के असली नोट को स्कैन करते थे, फिर रंगीन प्रिंटर से उसकी प्रति निकालते थे। इसके बाद कटर की मदद से कागज को नोट के आकार में काटकर उसे असली जैसा स्वरूप देने का प्रयास किया जाता था।

जांच के दौरान पुलिस ने बरामद नोटों की जांच की तो कई नोटों के सीरियल नंबर एक जैसे पाए गए। इसी आधार पर यह स्पष्ट हुआ कि नोट नकली हैं। मौके से रंगीन प्रिंटर, पेपर कटर, नकली नोट और अन्य सामग्री जब्त कर ली गई है। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया है।

पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि आरोपी कब से इस गतिविधि में शामिल थे, कितनी मात्रा में नकली नोट तैयार किए गए और क्या इन नोटों को बाजार में चलाया भी गया था। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस गिरोह में अन्य लोग भी शामिल हैं या नहीं। जांच एजेंसियां आरोपियों के मोबाइल फोन, डिजिटल उपकरणों और अन्य साक्ष्यों की भी जांच कर रही हैं।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि नकली मुद्रा से जुड़े अपराध देश की आर्थिक व्यवस्था और आम लोगों के लिए गंभीर खतरा हैं। इसलिए इस पूरे नेटवर्क का पता लगाने के लिए जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है। पुलिस ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि यदि उन्हें किसी संदिग्ध नकली नोट या ऐसी किसी गतिविधि की जानकारी मिले तो तत्काल पुलिस को सूचना दें, ताकि समय रहते कार्रवाई कर ऐसे अपराधों पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।