‘तिरंगा रायपुर’ चित्रकला प्रतियोगिता में बच्चों ने दिखाई सृजनात्मक प्रतिभा
80वें स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में मारुति फाउंडेशन हेरिटेज इंडिया द्वारा दिव्यांग अर्पण पब्लिक स्कूल में ‘तिरंगा रायपुर’ चित्रकला प्रतियोगिता आयोजित की गई। सामान्य एवं दिव्यांग बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर चित्रों के माध्यम से राष्ट्रभक्ति और तिरंगे के प्रति सम्मान व्यक्त किया। प्रतियोगिता दो आयु वर्गों में आयोजित हुई, जिसमें प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को नकद पुरस्कार एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
UNITED NEWS OF ASIA. हसीब अख्तर, रायपुर l 80वें स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में मारुति फाउंडेशन हेरिटेज इंडिया द्वारा दिव्यांग अर्पण पब्लिक स्कूल में ‘तिरंगा रायपुर’ चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में सामान्य एवं दिव्यांग बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और अपनी कलाकृतियों के माध्यम से राष्ट्रभक्ति तथा तिरंगे के प्रति सम्मान की भावना को रचनात्मक रूप में प्रस्तुत किया।
प्रतियोगिता के दौरान बच्चों ने अपनी कल्पनाशीलता और सृजनात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए देशभक्ति से जुड़े विभिन्न विषयों पर चित्र बनाए। बच्चों की कलाकृतियों में तिरंगे के प्रति सम्मान, देशप्रेम और स्वतंत्रता दिवस की भावना देखने को मिली। आयोजन का उद्देश्य बच्चों को अपनी कला और प्रतिभा प्रदर्शित करने के लिए मंच उपलब्ध कराने के साथ उनके आत्मविश्वास को बढ़ाना रहा।
मारुति फाउंडेशन हेरिटेज इंडिया की अध्यक्षा मेघा तिवारी ने कहा कि इस तरह के आयोजन बच्चों में छिपी प्रतिभा को सामने लाने और उसे निखारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि कला के माध्यम से बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ता है और देशभक्ति की भावना को भी मजबूत करने का अवसर मिलता है।
‘तिरंगा रायपुर’ चित्रकला प्रतियोगिता को दो आयु वर्गों में आयोजित किया गया। पहले वर्ग में 6 से 15 वर्ष तथा दूसरे वर्ग में 16 से 20 वर्ष के प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। दोनों वर्गों में प्रतिभागियों ने अपनी कला प्रतिभा का प्रदर्शन किया और उत्कृष्ट चित्रों के लिए प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान का चयन किया गया।
प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को प्रोत्साहित करने के लिए दोनों वर्गों में प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले बच्चों को नकद पुरस्कार एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। इससे प्रतिभागियों का उत्साह बढ़ा और अन्य बच्चों को भी कला के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरणा मिली।
प्रतियोगिता का मूल्यांकन रेणु मनुजा एवं सुधा गोहिल ने किया। उन्होंने प्रतिभागियों की कलाकृतियों का विभिन्न मानकों के आधार पर मूल्यांकन करते हुए उत्कृष्ट प्रस्तुतियों का चयन किया।
आयोजन को सफल बनाने में सीमा छाबड़ा, तनुश्री दास और सहयोगी टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। प्रतियोगिता में सामान्य और दिव्यांग बच्चों की सहभागिता ने आयोजन को विशेष बनाया। आयोजकों ने कहा कि ऐसे समावेशी कार्यक्रम बच्चों को समान अवसर प्रदान करने के साथ समाज में सहभागिता और सकारात्मकता का संदेश भी देते हैं।
‘तिरंगा रायपुर’ चित्रकला प्रतियोगिता बच्चों की सृजनात्मक प्रतिभा, राष्ट्रप्रेम और आत्मविश्वास को मंच देने वाला आयोजन रहा, जिसने स्वतंत्रता दिवस के अवसर को कला और देशभक्ति के रंगों से और भी विशेष बना दिया।