शिकायतकर्ता और सुप्रीम कोर्ट के वकील शुभ शर्मा ने पुलिस से मामले की जांच कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की मांग की है। हालांकि, शिकायत दर्ज होना आरोपों की पुष्टि नहीं करता है। फिलहाल मामले में लगाए गए आरोप जांच के स्तर पर हैं और पुलिस की जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि समारोह के दौरान वास्तव में क्या हुआ था।
AICC मुख्यालय के कार्यक्रम से शुरू हुआ विवाद
15 अगस्त को कांग्रेस मुख्यालय में स्वतंत्रता दिवस समारोह आयोजित किया गया था। इसी कार्यक्रम के दौरान ‘वंदे मातरम्’ के गायन को लेकर विवाद सामने आया। कार्यक्रम से संबंधित सामने आए वीडियो को लेकर आरोप लगाया गया कि सोनिया गांधी ने गीत के दौरान कुछ इशारे किए, जबकि राहुल गांधी भी कार्यक्रम में मौजूद थे।
इस घटनाक्रम के बाद बीजेपी ने कांग्रेस और गांधी परिवार पर निशाना साधते हुए राष्ट्रगीत के सम्मान का मुद्दा उठाया। बीजेपी नेताओं ने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेताओं का रवैया ‘वंदे मातरम्’ के प्रति आपत्तिजनक था और पूरे संस्करण के गायन को लेकर आपत्ति जताई गई।
हालांकि, कांग्रेस ने इन आरोपों को खारिज किया है। पार्टी की ओर से कहा गया कि कार्यक्रम में ‘वंदे मातरम्’ का पूरा संस्करण गाया गया और इसे रोकने की कोई कोशिश नहीं की गई।
सोनिया गांधी के इशारे पर कांग्रेस की सफाई
कांग्रेस के मुताबिक, वीडियो में सोनिया गांधी जिस समय इशारा करती दिखाई दे रही हैं, उस समय उनका उद्देश्य राष्ट्रगीत के गायन को रोकना नहीं था। पार्टी का कहना है कि वह कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के लिए कुर्सी की व्यवस्था करने का संकेत दे रही थीं, क्योंकि खरगे कुछ समय से खड़े थे।
इस तरह पूरे घटनाक्रम को लेकर बीजेपी और कांग्रेस की अलग-अलग व्याख्या सामने आई है। बीजेपी इसे ‘वंदे मातरम्’ के कथित अपमान से जोड़ रही है, जबकि कांग्रेस इसे कार्यक्रम की व्यवस्था से जुड़ा सामान्य घटनाक्रम बता रही है।
दिल्ली पुलिस में शिकायत
शिकायतकर्ता शुभ शर्मा ने 16 अगस्त को दिल्ली पुलिस में शिकायत देकर राहुल गांधी और सोनिया गांधी के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग की। शिकायत में घटना की निष्पक्ष जांच के साथ वीडियो और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की जांच करने का अनुरोध किया गया है।
शिकायतकर्ता ने ‘वंदे मातरम्’ को लेकर कानूनी प्रावधानों का हवाला देते हुए कार्रवाई की मांग की है। हालांकि, शिकायत में लगाए गए आरोपों की पुष्टि अभी नहीं हुई है और पुलिस जांच के बाद ही कानूनी कार्रवाई को लेकर स्थिति स्पष्ट होगी।
बीजेपी और कांग्रेस आमने-सामने
‘वंदे मातरम्’ को लेकर बीजेपी और कांग्रेस के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। बीजेपी ने कांग्रेस नेताओं पर राष्ट्रगीत के प्रति अनादर का आरोप लगाते हुए सार्वजनिक माफी की मांग की है। वहीं कांग्रेस ने बीजेपी के आरोपों को गलत बताते हुए कहा है कि कार्यक्रम में राष्ट्रगीत का गायन पूरी तरह हुआ था और इसे रोकने का कोई प्रयास नहीं किया गया।
अब पूरे मामले में दिल्ली पुलिस की जांच पर नजर है। पुलिस उपलब्ध वीडियो, शिकायत में लगाए गए आरोपों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति की जांच करेगी। जांच पूरी होने के बाद ही यह तय होगा कि मामले में FIR या अन्य कानूनी कार्रवाई की आवश्यकता है या नहीं।