CJP की ओर से कहा गया है कि जब तक मुख्य चुनाव आयुक्त इस्तीफा नहीं देते, तब तक विरोध प्रदर्शन जारी रखा जाएगा। दीपके ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ आपराधिक मामले की जांच की मांग भी रखी है। ये CJP की ओर से लगाए गए आरोप और मांगें हैं, जिनकी स्वतंत्र पुष्टि इस रिपोर्ट का हिस्सा नहीं है।
2 अक्टूबर से मुंबई में प्रदर्शन
CJP के मुताबिक 2 अक्टूबर को मुंबई के दादर स्थित शिवाजी पार्क में प्रदर्शन आयोजित करने की योजना है। इसके बाद गोवा, कर्नाटक, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड सहित अन्य राज्यों में विरोध कार्यक्रम आयोजित करने की बात कही गई है। यदि उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं होती है, तो अक्टूबर के अंत से दिल्ली के जंतर-मंतर पर भी आंदोलन शुरू करने की घोषणा की गई है।
हालांकि, शिवाजी पार्क में प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर अनुमति का मुद्दा भी सामने आया है। कुछ रिपोर्टों के अनुसार मुंबई पुलिस ने पहले इस प्रदर्शन की अनुमति देने से इनकार किया था, जिसके बाद CJP की ओर से कानूनी विकल्पों पर विचार किए जाने की बात सामने आई। इसलिए कार्यक्रम के स्थान और स्वरूप को लेकर प्रशासनिक स्थिति को अलग से देखा जाना जरूरी है।
CJP की प्रमुख मांगें
अभिजीत दीपके ने मुख्य चुनाव आयुक्त की नियुक्ति प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने और इसमें सिविल सोसाइटी की भागीदारी की मांग की है। इसके अलावा पार्टी ने 2025 की मतदाता सूची को फ्रीज करने और आगे उसमें बदलाव नहीं किए जाने की मांग भी रखी है। SIR प्रक्रिया को लेकर भी CJP ने आपत्ति जताई है।
SIR को लेकर चुनाव आयोग का पक्ष
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर राजनीतिक दलों और विभिन्न समूहों की ओर से सवाल उठाए गए हैं। कुछ रिपोर्टों में चुनाव आयुक्तों के बीच कुछ फैसलों को लेकर आपत्तियों का उल्लेख किया गया है। दूसरी ओर, चुनाव आयोग ने कहा है कि SIR से संबंधित फैसले तीन सदस्यीय आयोग द्वारा सर्वसम्मति से लिए गए थे।
चुनाव आयोग ने मतदाता सूची से जुड़े सॉफ्टवेयर की समीक्षा की प्रक्रिया शुरू करने की भी जानकारी दी है। इस बीच CJP ने अपनी मांगों को लेकर आंदोलन तेज करने का ऐलान किया है।
मुंबई में अन्य दलों का भी प्रदर्शन
मुंबई में चुनाव आयोग और SIR से जुड़े मुद्दों को लेकर अन्य राजनीतिक गतिविधियां भी प्रस्तावित हैं। रिपोर्टों के अनुसार महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) और शिवसेना (UBT) 4 अक्टूबर को चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दों को लेकर मार्च निकालने वाली हैं। इससे आने वाले दिनों में महाराष्ट्र में इस विषय पर राजनीतिक गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं।
फिलहाल CJP की ओर से 2 अक्टूबर से आंदोलन शुरू करने की घोषणा की गई है। आंदोलन का आगे का स्वरूप प्रशासनिक अनुमति, संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया और CJP की आगामी घोषणाओं पर निर्भर करेगा।