इलेक्ट्रोहोम्योपैथी एवं हॉलिस्टिक मेडिसिन चिकित्सकों का राष्ट्रीय अधिवेशन 18 जनवरी को अभनपुर में

नागार्जुन नेचुरोकेयर हेल्थ वेलनेस एंड रिसर्च सेंटर एवं हॉलिस्टिक मेडिसिन रिसर्च फाउंडेशन इंटरनेशनल के संयुक्त तत्वावधान में 18 जनवरी 2026 को अभनपुर, नवा रायपुर में इलेक्ट्रोहोम्योपैथी एवं हॉलिस्टिक मेडिसिन चिकित्सकों का राष्ट्रीय अधिवेशन आयोजित होगा, जिसमें देशभर के विशेषज्ञ भाग लेंगे।

Jan 15, 2026 - 13:43
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इलेक्ट्रोहोम्योपैथी एवं हॉलिस्टिक मेडिसिन चिकित्सकों का राष्ट्रीय अधिवेशन 18 जनवरी को अभनपुर में

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, अभनपुर/नवा रायपुर। इलेक्ट्रोहोम्योपैथी, हॉलिस्टिक मेडिसिन एवं वैकल्पिक चिकित्सा पद्धतियों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से राष्ट्रीय स्तर का चिकित्सक अधिवेशन 18 जनवरी 2026 को आयोजित किया जा रहा है। यह अधिवेशन नागार्जुन नेचुरोकेयर हेल्थ वेलनेस एंड रिसर्च सेंटर, केंद्री अभनपुर, नवा रायपुर तथा हॉलिस्टिक मेडिसिन रिसर्च फाउंडेशन इंटरनेशनल के संयुक्त तत्वावधान में जीवोदय विद्यालय प्रांगण, अभनपुर में संपन्न होगा।

इस राष्ट्रीय अधिवेशन में देश के विभिन्न राज्यों से इलेक्ट्रोहोम्योपैथी एवं हॉलिस्टिक मेडिसिन के अनुभवी चिकित्सक, शोधकर्ता और प्रशिक्षक भाग लेंगे। कार्यक्रम के दौरान इलेक्ट्रोहोम्योपैथी के साथ-साथ अन्य वैकल्पिक चिकित्सा पद्धतियों जैसे एक्यूपंक्चर, एक्यूप्रेशर, हिजामा (कपिंग थेरेपी), काइनेसीयोलॉजी, काइरोप्रैक्टिक, साउंड हीलिंग एवं न्यूरो थेरेपी जैसे विषयों पर राष्ट्रीय वक्ताओं द्वारा व्याख्यान और प्रस्तुतियाँ दी जाएंगी।

अधिवेशन का उद्देश्य पारंपरिक एवं वैकल्पिक चिकित्सा पद्धतियों के वैज्ञानिक पक्ष को उजागर करना, आपसी अनुभवों का आदान-प्रदान करना तथा समाज में प्राकृतिक चिकित्सा के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। कार्यक्रम में योग्य एवं समर्पित चिकित्सकों को उनके योगदान के लिए सम्मानित किए जाने का भी निर्णय लिया गया है, जिससे इस क्षेत्र में कार्य कर रहे चिकित्सकों का मनोबल बढ़ेगा।

इस संबंध में जानकारी देते हुए संस्था प्रमुख एवं इलेक्ट्रोहोम्योपैथी चिकित्सक डॉ. विक्रम सिंह लाहौरी ने बताया कि यह छत्तीसगढ़ में होने वाला द्वितीय और अनूठा प्रयास है, जिसका मुख्य उद्देश्य पारंपरिक औषधियों और समग्र चिकित्सा पद्धतियों को मुख्यधारा में लाना है। उन्होंने कहा कि आधुनिक जीवनशैली से उत्पन्न रोगों के उपचार में हॉलिस्टिक मेडिसिन एवं प्राकृतिक चिकित्सा की भूमिका लगातार महत्वपूर्ण होती जा रही है।

डॉ. लाहौरी ने देशभर के अधिक से अधिक चिकित्सकों, शोधकर्ताओं और चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े लोगों से इस अधिवेशन में शामिल होने की अपील की है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह राष्ट्रीय अधिवेशन छत्तीसगढ़ को वैकल्पिक चिकित्सा के क्षेत्र में एक नई पहचान दिलाने में सहायक सिद्ध होगा तथा भविष्य में ऐसे आयोजनों की श्रृंखला को और विस्तारित किया जाएगा।

आयोजक संस्थाओं के अनुसार, यह अधिवेशन न केवल चिकित्सा ज्ञान का मंच बनेगा, बल्कि पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों के संरक्षण और संवर्धन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी साबित होगा।