बिलासपुर–झारसुगुड़ा चौथी रेल लाइन परियोजना पूर्णता की ओर, 206 किमी में से 180 किमी कार्य पूरा

बिलासपुर से झारसुगुड़ा के बीच 206 किमी लंबी चौथी रेल लाइन परियोजना तेजी से पूर्णता की ओर बढ़ रही है। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के अनुसार अब तक लगभग 180 किमी कार्य पूरा हो चुका है और सारागांव देवरी–बाराद्वार–जेठा–सक्ती के बीच 22.2 किमी नई लाइन को सीआरएस की मंजूरी मिल गई है।

Mar 8, 2026 - 11:39
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बिलासपुर–झारसुगुड़ा चौथी रेल लाइन परियोजना पूर्णता की ओर, 206 किमी में से 180 किमी कार्य पूरा

UNITED NEWS OF ASIA. हसीब अख्तर, बिलासपुर | दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे द्वारा रेल अधोसंरचना को मजबूत बनाने और ट्रेनों के सुरक्षित, तेज तथा सुचारु संचालन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर तेजी से कार्य किया जा रहा है। इन्हीं प्रयासों के तहत बिलासपुर से झारसुगुड़ा के बीच लगभग 206 किलोमीटर लंबी विद्युतीकृत चौथी रेल लाइन परियोजना को चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जा रहा है।

यह रेलखंड देश की प्रमुख रेल धमनियों में से एक मानी जाने वाली हावड़ा–मुंबई ट्रंक लाइन पर स्थित है, जो पूर्व और पश्चिम भारत को जोड़ने वाला अत्यंत व्यस्त और महत्वपूर्ण मार्ग है। इस मार्ग पर यात्री और मालगाड़ियों की भारी आवाजाही के कारण क्षमता विस्तार की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही थी। चौथी रेल लाइन के निर्माण से इस समस्या का स्थायी समाधान मिलने की उम्मीद है।

परियोजना के अंतर्गत अब तक लगभग 180 किलोमीटर चौथी रेल लाइन का निर्माण कार्य पूरा किया जा चुका है। इससे स्पष्ट है कि यह महत्वाकांक्षी परियोजना अब अपने अंतिम चरण की ओर तेजी से बढ़ रही है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार कार्य को चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जा रहा है ताकि वर्तमान ट्रेन संचालन पर न्यूनतम प्रभाव पड़े और नई अधोसंरचना को सुरक्षित रूप से चालू किया जा सके।

इसी परियोजना के अंतर्गत सारागांव देवरी, बाराद्वार, जेठा और सक्ती स्टेशनों के बीच 22.2 किलोमीटर लंबी नई विद्युतीकृत चौथी रेल लाइन का निर्माण कार्य सफलतापूर्वक पूर्ण कर लिया गया है। इस खंड में इंटरलॉकिंग सहित सभी तकनीकी कार्य पूरे होने के बाद दक्षिण पूर्व सर्किल के आयुक्त, रेलवे सेफ्टी बी.के. मिश्रा द्वारा 5 और 6 मार्च 2026 को विस्तृत निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण के दौरान सभी तकनीकी मानकों और सुरक्षा परीक्षणों को संतोषजनक पाए जाने के बाद आयुक्त, रेलवे सेफ्टी द्वारा इस नई चौथी रेल लाइन पर ट्रेन परिचालन के लिए आधिकारिक अनुमति प्रदान कर दी गई। इस अनुमति के साथ ही इस खंड पर यात्री और मालगाड़ियों के सुरक्षित एवं नियमित संचालन का मार्ग प्रशस्त हो गया है।

चौथी रेल लाइन के चालू होने से इस महत्वपूर्ण रेल मार्ग पर ट्रेनों की आवाजाही अधिक सुचारु और तेज होगी। इससे न केवल ट्रेनों के समयबद्ध संचालन में सुधार आएगा, बल्कि माल परिवहन की क्षमता भी बढ़ेगी। परिणामस्वरूप इस क्षेत्र के उद्योग, व्यापार और आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलने की संभावना है।

इसके अलावा, इस परियोजना से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसरों में भी वृद्धि होगी तथा क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा मिलेगा। बढ़ते रेल यातायात को व्यवस्थित ढंग से संचालित करने में यह चौथी रेल लाइन भविष्य में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

कुल मिलाकर, बिलासपुर–झारसुगुड़ा चौथी रेल लाइन परियोजना न केवल रेलवे अधोसंरचना को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम है, बल्कि यह पूरे क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास के लिए भी एक महत्वपूर्ण आधार तैयार कर रही है।