टीएमसी को राज्यसभा में झटका, सुखेंदु शेखर रॉय ने दिया इस्तीफा; कोयल मलिक के इस्तीफे की अटकलें तेज

तृणमूल कांग्रेस को एक और राजनीतिक झटका लगा है। वरिष्ठ राज्यसभा सांसद सुखेंदु शेखर रॉय ने पार्टी और राज्यसभा सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। वहीं अभिनेत्री और राज्यसभा सांसद कोयल मलिक के इस्तीफे की चर्चाएं भी तेज हो गई हैं, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

Jun 8, 2026 - 13:11
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टीएमसी को राज्यसभा में झटका, सुखेंदु शेखर रॉय ने दिया इस्तीफा; कोयल मलिक के इस्तीफे की अटकलें तेज

UNITED NEWS OF ASIA. तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के लिए राजनीतिक चुनौतियां कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। पश्चिम बंगाल की राजनीति में हालिया घटनाक्रमों के बाद अब पार्टी को संसद में भी झटका लगा है। वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद Sukhendu Sekhar Roy ने अपनी राज्यसभा सदस्यता और पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। उनके इस फैसले को टीएमसी के लिए बड़ा राजनीतिक नुकसान माना जा रहा है।

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, सुखेंदु शेखर रॉय लंबे समय से पार्टी की कार्यशैली और आंतरिक परिस्थितियों से असंतुष्ट बताए जा रहे थे। इस्तीफे के बाद उन्होंने पार्टी नेतृत्व और संगठनात्मक स्थिति को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनके इस्तीफे ने टीएमसी के भीतर चल रही असंतोष की चर्चाओं को और बल दिया है।

इसी बीच, अभिनेत्री से राजनेता बनीं राज्यसभा सांसद Koel Mallick के भी इस्तीफा देने की अटकलें तेज हो गई हैं। हालांकि अब तक उनके इस्तीफे की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। विभिन्न मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया है कि कोयल मलिक भी पार्टी नेतृत्व से नाराज नेताओं की सूची में शामिल हो सकती हैं, लेकिन पार्टी या सांसद की ओर से इस संबंध में कोई औपचारिक बयान जारी नहीं किया गया है।

कोयल मलिक हाल ही में टीएमसी के टिकट पर राज्यसभा पहुंची थीं और अप्रैल 2026 में उन्होंने सांसद पद की शपथ ली थी। ऐसे में उनके संभावित इस्तीफे की खबरें राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बनी हुई हैं।

राज्यसभा में वर्तमान में टीएमसी के 13 सदस्य हैं। यदि कोयल मलिक भी इस्तीफा देती हैं, तो पार्टी की संख्या घटकर 11 रह जाएगी। इससे संसद में पार्टी की ताकत और राजनीतिक प्रभाव पर असर पड़ सकता है। हालांकि इस संबंध में अंतिम स्थिति उनके आधिकारिक निर्णय के बाद ही स्पष्ट होगी।

पिछले कुछ सप्ताहों में टीएमसी के भीतर असंतोष और संगठनात्मक चुनौतियों की कई खबरें सामने आई हैं। पार्टी नेतृत्व लगातार सांसदों और नेताओं को एकजुट रखने की कोशिश कर रहा है। इसी संदर्भ में ममता बनर्जी की दिल्ली यात्रा और सांसदों के साथ बैठकें भी राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण मानी जा रही हैं।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि सांसदों और नेताओं का असंतोष बढ़ता है तो इसका असर आने वाले समय में पार्टी की रणनीति और संसदीय स्थिति पर पड़ सकता है। फिलहाल सुखेंदु शेखर रॉय का इस्तीफा पुष्टि हो चुका है, जबकि कोयल मलिक के संबंध में स्थिति अभी अटकलों के स्तर पर ही बनी हुई है।