अभिजीत दीपके ने छोड़ा जंतर-मंतर का मोर्चा? बोले- बर्दाश्त नहीं कर पाया, माफ करना

जंतर-मंतर पर जारी प्रदर्शन के दौरान कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रमुख अभिजीत दीपके की तबीयत बिगड़ गई। बुखार और शरीर दर्द की शिकायत के बाद उन्होंने कुछ घंटों के लिए प्रदर्शन स्थल से आराम लेने की जानकारी सोशल मीडिया पर साझा की। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य में सुधार होने पर वह शाम तक प्रदर्शन स्थल पर लौटने का प्रयास करेंगे।

Jul 23, 2026 - 16:19
Jul 23, 2026 - 16:20
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अभिजीत दीपके ने छोड़ा जंतर-मंतर का मोर्चा? बोले- बर्दाश्त नहीं कर पाया, माफ करना

UNITED NEWS OF ASIA. नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर एक महीने से अधिक समय से चल रहे प्रदर्शन के बीच कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रमुख अभिजीत दीपके की तबीयत बिगड़ गई है। स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतों के चलते उन्होंने गुरुवार को कुछ समय के लिए प्रदर्शन स्थल से हटकर आराम करने का निर्णय लिया। सोशल मीडिया मंच एक्स पर साझा किए गए संदेश में उन्होंने समर्थकों से क्षमा मांगते हुए कहा कि बुखार और शरीर में तेज दर्द के कारण उन्हें कुछ घंटों के आराम की आवश्यकता है।

अभिजीत दीपके ने अपने संदेश में बताया कि पिछले कुछ दिनों से उनकी तबीयत लगातार खराब चल रही है। उन्होंने लिखा कि वह दर्द निवारक दवाओं के सहारे आंदोलन की जिम्मेदारियां निभा रहे थे, लेकिन अब स्वास्थ्य अधिक प्रभावित होने के कारण कुछ समय के लिए विश्राम करना आवश्यक हो गया है। उन्होंने यह भी कहा कि स्वास्थ्य में सुधार होने पर वह शाम तक प्रदर्शन स्थल पर लौटने का प्रयास करेंगे।

जानकारी के अनुसार, अमेरिका से दिल्ली आने के बाद से अभिजीत दीपके लगातार आंदोलन की गतिविधियों में सक्रिय रहे। जंतर-मंतर पर दिन-रात चल रहे प्रदर्शन के दौरान आंदोलन के समन्वय, समर्थकों से संवाद, विभिन्न नेताओं से मुलाकात, आगे की रणनीति तैयार करने और प्रशासनिक मामलों में लगातार व्यस्त रहने के कारण उनके स्वास्थ्य पर असर पड़ा। इससे पहले भी उन्हें मंच पर संबोधन के दौरान चक्कर आने और मंगलवार रात उल्टी होने की जानकारी सामने आई थी।

इससे पहले संगठन के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने मीडिया को बताया था कि अभिजीत दीपके को उल्टी और दस्त की शिकायत हुई थी। उन्होंने आशंका जताई थी कि यह फूड प्वाइजनिंग जैसी समस्या हो सकती है। प्रवक्ता ने कहा कि उनकी सेहत को देखते हुए खान-पान में विशेष सावधानी बरती जा रही है और चिकित्सकीय सलाह के अनुसार देखभाल की जा रही है।

अभिजीत दीपके इससे पहले भी आंदोलन के दौरान दो दिन तक भूख हड़ताल पर रहे थे। यह अनशन सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से हटाए जाने के विरोध में शुरू किया गया था। हालांकि संसद मार्च शुरू होने के दौरान उन्होंने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए अनशन समाप्त कर दिया था। उस समय उन्होंने बताया था कि उन्हें माइग्रेन की समस्या है और लंबे समय तक भूखे रहना उनके स्वास्थ्य के लिए उचित नहीं है।

फिलहाल अभिजीत दीपके ने स्पष्ट किया है कि उन्होंने आंदोलन नहीं छोड़ा है, बल्कि केवल स्वास्थ्य कारणों से कुछ समय का विश्राम लिया है। उन्होंने समर्थकों से सहयोग की अपील करते हुए भरोसा जताया कि स्वास्थ्य में सुधार होते ही वह फिर से प्रदर्शन में शामिल होकर आंदोलन की गतिविधियों का नेतृत्व करेंगे।