दुर्ग में जिला स्तरीय अंडर-9 एवं अंडर-17 शतरंज चैंपियनशिप संपन्न, राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के लिए खिलाड़ियों का चयन
दुर्ग जिला शतरंज संघ द्वारा आयोजित दो दिवसीय अंडर-9 एवं अंडर-17 जिला स्तरीय शतरंज चैंपियनशिप का खालसा कॉलेज दुर्ग में सफल समापन हुआ। प्रतियोगिता में 88 खिलाड़ियों ने भाग लिया। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों का राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के लिए चयन किया गया।
UNITED NEWS OF ASIA. रोहितास सिंह भुवाल, दुर्ग l दुर्ग जिले में आयोजित दो दिवसीय जिला स्तरीय अंडर-9 एवं अंडर-17 शतरंज चैंपियनशिप का रविवार को खालसा कॉलेज परिसर में उत्साहपूर्ण माहौल के बीच सफलतापूर्वक समापन हुआ। दुर्ग जिला शतरंज संघ द्वारा छत्तीसगढ़ प्रदेश शतरंज संघ के निर्देशन तथा खालसा एजुकेशन सोसायटी के सहयोग से आयोजित इस प्रतियोगिता में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए 88 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया और अपनी रणनीतिक क्षमता का शानदार प्रदर्शन किया।
प्रतियोगिता के दौरान खिलाड़ियों के बीच कई रोमांचक मुकाबले देखने को मिले। अंडर-9 और अंडर-17 दोनों वर्गों में बालक एवं बालिका खिलाड़ियों ने एकाग्रता, धैर्य और खेल कौशल का परिचय देते हुए दर्शकों और निर्णायकों को प्रभावित किया। दो दिनों तक चले मुकाबलों में प्रतिभागियों ने जीत हासिल करने के लिए बेहतरीन रणनीतियों का प्रदर्शन किया।
समापन समारोह में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को सम्मानित किया गया। साथ ही दोनों आयु वर्गों में चयनित दो-दो बालक एवं दो-दो बालिकाओं को आगामी राज्य स्तरीय शतरंज चैंपियनशिप के लिए शुभकामनाएं देते हुए चयन प्रमाणित किया गया। चयनित खिलाड़ियों से जिले को राज्य स्तर पर बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद है।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में अभिभावक भी उपस्थित रहे। उन्होंने प्रतियोगिता की व्यवस्थाओं और आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि बच्चों को सकारात्मक, अनुशासित और प्रतिस्पर्धात्मक वातावरण उपलब्ध कराना ऐसे आयोजनों की सबसे बड़ी उपलब्धि है। अभिभावकों ने आयोजन समिति, निर्णायकों और सहयोगी संस्थाओं के प्रयासों की प्रशंसा करते हुए कहा कि इस प्रकार की प्रतियोगिताएं बच्चों में आत्मविश्वास और बौद्धिक विकास को बढ़ावा देती हैं।
दुर्ग जिला शतरंज संघ के अध्यक्ष ईश्वर सिंह राजपूत ने अपने संबोधन में कहा कि शतरंज केवल एक खेल नहीं बल्कि सोचने, निर्णय लेने और धैर्य बनाए रखने की कला भी है। उन्होंने कहा कि इस तरह की प्रतियोगिताएं बच्चों की मानसिक क्षमता, विश्लेषण कौशल और आत्मविश्वास को विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। साथ ही उन्होंने भविष्य में भी जिले में नियमित रूप से ऐसी प्रतियोगिताओं के आयोजन का भरोसा दिलाया।
समारोह के अंत में आयोजन समिति द्वारा सभी प्रतिभागियों, अभिभावकों, अतिथियों, निर्णायकों, स्वयंसेवकों और सहयोगी संस्थाओं का आभार व्यक्त किया गया। सफल आयोजन ने जिले में शतरंज के प्रति बढ़ते रुझान और युवा खिलाड़ियों की प्रतिभा को एक बार फिर उजागर किया। आयोजकों ने उम्मीद जताई कि राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में चयनित खिलाड़ी दुर्ग जिले का नाम रोशन करेंगे।