प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ हर पात्र किसान तक पहुंचाएं: कलेक्टर गोपाल वर्मा

कवर्धा में कलेक्टर गोपाल वर्मा ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की समीक्षा बैठक लेकर बैंक अधिकारियों और समिति प्रबंधकों को 31 जुलाई 2026 तक अधिक से अधिक पात्र किसानों का बीमा कराने के निर्देश दिए। बैठक में आवेदन प्रक्रिया, पोर्टल पर प्रविष्टि और त्रुटिरहित पंजीयन पर विशेष जोर दिया गया।

Jul 23, 2026 - 17:50
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प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ हर पात्र किसान तक पहुंचाएं: कलेक्टर गोपाल वर्मा

UNITED NEWS OF ASIA. कवर्धा। खरीफ सीजन के दौरान किसानों को प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान से आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से संचालित प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर कवर्धा जिला प्रशासन सक्रिय हो गया है। इसी क्रम में गुरुवार को कलेक्टर गोपाल वर्मा ने कृषि विभाग और बीमा कंपनी के संयुक्त तत्वावधान में बैंक अधिकारियों एवं समिति प्रबंधकों की समीक्षा बैठक लेकर योजना की प्रगति का जायजा लिया। बैठक में कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जिले का कोई भी पात्र किसान फसल बीमा योजना के लाभ से वंचित नहीं रहना चाहिए।

बैठक में कलेक्टर ने कहा कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना किसानों के लिए सुरक्षा कवच का कार्य करती है। प्राकृतिक आपदाओं, अतिवृष्टि, अल्पवृष्टि, ओलावृष्टि, बाढ़, सूखा या अन्य प्रतिकूल परिस्थितियों से फसल को होने वाले नुकसान की स्थिति में यह योजना किसानों को आर्थिक संबल प्रदान करती है। इसलिए सभी संबंधित विभागों, बैंक अधिकारियों और समिति प्रबंधकों की जिम्मेदारी है कि अधिक से अधिक किसानों को इस योजना से जोड़ा जाए।

कलेक्टर ने सभी बैंक अधिकारियों और प्राथमिक कृषि साख समितियों के प्रबंधकों को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने क्षेत्र में पात्र ऋणी और अऋणी किसानों से संपर्क कर उन्हें योजना की जानकारी दें तथा समय सीमा के भीतर उनका बीमा सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि कई बार जानकारी के अभाव या तकनीकी त्रुटियों के कारण पात्र किसान योजना का लाभ नहीं ले पाते। ऐसी स्थिति दोबारा नहीं होनी चाहिए।

बैठक के दौरान कलेक्टर ने विशेष रूप से निर्देश दिए कि किसानों के आवेदन निर्धारित समय सीमा के भीतर फसल बीमा पोर्टल पर दर्ज किए जाएं। उन्होंने कहा कि आवेदन दर्ज करने में किसी भी प्रकार की लापरवाही या विलंब किसानों को योजना के लाभ से वंचित कर सकता है। इसलिए सभी संबंधित अधिकारी आवेदन प्रक्रिया की नियमित निगरानी करें और लंबित मामलों का शीघ्र निराकरण सुनिश्चित करें।

कलेक्टर ने यह भी निर्देश दिया कि 31 जुलाई 2026 तक जिले के अधिक से अधिक किसानों का प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत बीमा कराया जाए। उन्होंने कहा कि खरीफ फसल के दौरान मौसम की अनिश्चितता को देखते हुए समय पर बीमा कराया जाना अत्यंत आवश्यक है, ताकि प्राकृतिक आपदा की स्थिति में किसानों को आर्थिक सहायता प्राप्त हो सके और उन्हें नुकसान की भरपाई में राहत मिले।

बैठक में उप संचालक कृषि अमित कुमार मोहंती ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की। उन्होंने आवेदन भरते समय होने वाली सामान्य त्रुटियों, पोर्टल पर जानकारी दर्ज करने की प्रक्रिया तथा योजना की अधिसूचना से जुड़े महत्वपूर्ण बिंदुओं की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बैंक अधिकारियों, समिति प्रबंधकों और कंप्यूटर ऑपरेटरों से कहा कि आवेदन दर्ज करते समय प्रत्येक जानकारी का सावधानीपूर्वक सत्यापन किया जाए ताकि किसी प्रकार की तकनीकी या दस्तावेजी त्रुटि न हो।

उन्होंने बताया कि आवेदन प्रक्रिया में किसान का नाम, भूमि संबंधी जानकारी, फसल का विवरण, बैंक खाते की जानकारी और अन्य आवश्यक दस्तावेज सही तरीके से दर्ज करना अनिवार्य है। किसी भी प्रकार की गलती भविष्य में बीमा दावा प्राप्त करने में बाधा बन सकती है। इसलिए सभी संबंधित कर्मचारियों को निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए त्रुटिरहित प्रविष्टियां सुनिश्चित करनी होंगी।

बैठक में यह भी चर्चा की गई कि अधिक से अधिक किसानों तक योजना की जानकारी पहुंचाने के लिए व्यापक जागरूकता अभियान चलाया जाए। बैंक शाखाओं, सहकारी समितियों और कृषि विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि वे गांव-गांव जाकर किसानों को योजना के लाभ, आवेदन प्रक्रिया और अंतिम तिथि के बारे में जानकारी दें। साथ ही पात्र किसानों को समय पर आवेदन करने के लिए प्रेरित करें।

कलेक्टर ने कहा कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना केवल एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि किसानों की आजीविका को सुरक्षित रखने का महत्वपूर्ण माध्यम है। यदि किसी किसान की फसल प्राकृतिक आपदा से प्रभावित होती है, तो बीमा योजना के माध्यम से उसे आर्थिक सहायता मिलती है, जिससे वह दोबारा खेती करने में सक्षम हो सकता है। इसलिए योजना का अधिकतम लाभ किसानों तक पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिकता है।

उन्होंने अधिकारियों से कहा कि योजना के क्रियान्वयन में विभागों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखा जाए। कृषि विभाग, बैंक, सहकारी समितियां और बीमा कंपनी आपसी सहयोग से कार्य करें ताकि आवेदन प्रक्रिया सरल, पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पूरी हो सके। उन्होंने नियमित समीक्षा के माध्यम से प्रगति पर नजर रखने और आवश्यकता पड़ने पर तत्काल सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश भी दिए।

बैठक में लीड बैंक अधिकारी, जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के नोडल अधिकारी, बीमा कंपनी के प्रतिनिधि, विभिन्न राष्ट्रीयकृत एवं निजी बैंकों के अधिकारी, प्राथमिक कृषि साख समितियों के प्रबंधक तथा समिति के कंप्यूटर ऑपरेटर उपस्थित रहे। सभी अधिकारियों ने योजना के सफल क्रियान्वयन और अधिक से अधिक किसानों को लाभान्वित करने के लिए समन्वित प्रयास करने का भरोसा दिलाया।

जिला प्रशासन का मानना है कि यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर सभी पात्र किसानों का बीमा सुनिश्चित किया जाता है तो प्राकृतिक आपदाओं की स्थिति में किसानों को समय पर आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा सकेगी। इससे न केवल किसानों का आर्थिक जोखिम कम होगा, बल्कि कृषि क्षेत्र को भी मजबूती मिलेगी। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए प्रशासन द्वारा लगातार निगरानी और समीक्षा जारी रखने की बात भी बैठक में दोहराई गई।