महासमुंद में कांग्रेस का उग्र प्रदर्शन: विधायक द्वारकाधीश यादव के नेतृत्व में फूटा युवाओं का आक्रोश, फूंका प्रधानमंत्री का पुतला
महासमुंद में कांग्रेस ने छात्रों के समर्थन और परीक्षा संबंधी मुद्दों को लेकर बड़ा प्रदर्शन किया। खल्लारी विधायक द्वारकाधीश यादव के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने नेहरू चौक पर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रधानमंत्री का पुतला दहन किया। प्रदर्शन के दौरान केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग उठाई गई तथा छात्रों के साथ कथित बर्बरता और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता की मांग को लेकर विरोध दर्ज कराया गया।
UNITED NEWS OF ASIA. शिखा दास, महासमुन्द l छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में छात्रों से जुड़े मुद्दों, प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और प्रदर्शनकारी छात्रों के समर्थन में कांग्रेस ने गुरुवार को जोरदार प्रदर्शन किया। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर आयोजित इस आंदोलन का नेतृत्व खल्लारी विधायक एवं जिला कांग्रेस अध्यक्ष द्वारकाधीश यादव ने किया। नेहरू चौक पर आयोजित प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता, युवा, छात्र समर्थक और आम नागरिक शामिल हुए। प्रदर्शन के दौरान केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई तथा प्रधानमंत्री का पुतला दहन कर विरोध दर्ज कराया गया।
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि देशभर में प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार सामने आ रही कथित अनियमितताओं और पेपर लीक की घटनाओं ने लाखों युवाओं के भविष्य को प्रभावित किया है। उनका कहना था कि मेहनत करने वाले छात्रों का भरोसा परीक्षा प्रणाली से कमजोर हुआ है और सरकार इन मामलों में जवाबदेही तय करने में विफल रही है। प्रदर्शनकारियों ने परीक्षा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने की मांग करते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की आवश्यकता पर जोर दिया।
सभा को संबोधित करते हुए द्वारकाधीश यादव ने केंद्र सरकार की नीतियों की आलोचना की। उन्होंने कहा कि देश का युवा अपने भविष्य को लेकर चिंतित है और शिक्षा व्यवस्था में लगातार सामने आ रहे विवाद छात्रों के विश्वास को कमजोर कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे छात्रों के साथ कठोर व्यवहार किया गया, जिसकी कांग्रेस निंदा करती है। यादव ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में छात्रों और युवाओं को शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने का अधिकार है और उनकी आवाज़ को दबाने के बजाय उनकी समस्याओं का समाधान किया जाना चाहिए।
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की मांग दोहराई। उनका कहना था कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और युवाओं का विश्वास बहाल करने के लिए जवाबदेही तय करना आवश्यक है। साथ ही उन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओं की प्रक्रिया को अधिक सुरक्षित और निष्पक्ष बनाने के लिए प्रभावी सुधार लागू करने की मांग की।
सभा में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को हिरासत में लिए जाने के मुद्दे पर भी कांग्रेस नेताओं ने विरोध जताया। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि सरकार विपक्ष की आवाज़ को दबाने का प्रयास कर रही है। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि लोकतंत्र में असहमति व्यक्त करना और जनहित के मुद्दे उठाना प्रत्येक जनप्रतिनिधि का अधिकार है तथा ऐसे मामलों में सरकारी कार्रवाई लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप होनी चाहिए।
नेहरू चौक पर आयोजित प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में युवा कार्यकर्ताओं की मौजूदगी देखने को मिली। प्रदर्शनकारियों ने हाथों में तख्तियां लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ नारे लगाए और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग की। इसके बाद प्रधानमंत्री का पुतला दहन किया गया। पूरे कार्यक्रम के दौरान पुलिस और प्रशासन के अधिकारी भी मौके पर मौजूद रहे तथा सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखी गई।
प्रदर्शन में शामिल कार्यकर्ताओं ने कहा कि युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों को राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर गंभीरता से लिया जाना चाहिए। उनका कहना था कि प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता बनाए रखना सरकार की जिम्मेदारी है और किसी भी प्रकार की अनियमितता पर समयबद्ध कार्रवाई आवश्यक है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि छात्रों की मांगों पर उचित कदम नहीं उठाए गए तो भविष्य में आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
कार्यक्रम में सरायपाली विधायक चातुरी नंद, पूर्व विधायक विनोद चंद्राकर, जनपद अध्यक्ष केशव चंद्राकर, शहर कांग्रेस अध्यक्ष गुरमीत चावला, जिला प्रभारी महामंत्री लक्ष्मण पटेल, शहर महामंत्री निर्मल जैन, अन्नू चंद्राकर, खिलावन साहू, लखबीर छाबड़ा, करण सिंह दिवान, संजय शर्मा, दाऊलाल चंद्राकर, निखिलकांत साहू, देवेश साहू, छोटू बघेल, विजय बंजारे, भरत ठाकुर, सोमेश दवे, समीम खान, मिंदर चावला, अमन चंद्राकर, अमर चंद्राकर, विक्की मुस्ताक खान, सूरज नायक, तरुण साहू, तुलसी साहू, देवेश शर्मा, प्रदीप चंद्राकर, गोपी तारक, राजू यादव, राहुल लालवानी, गौरव चंद्राकर, रिंकू चंद्राकर, कुणाल चंद्राकर, शहबाज राजवानी, शकील खान, ऐजाज नकवी, हार्दिक सोना, सचिन गायकवाड़, गोविंद साहू, हीरा बंजारे, कपिल साहू, आवेज खान, मनोहर ठाकुर, राजेश डड़सेना, जयश्री दास, लक्ष्मी सोनी, राजू साहू, बसंत चंद्राकर, प्रकाश अजमानी, राजेश नेताम, अनुराग चंद्राकर, अनीश राजवानी, आकाश निषाद, लोकेश चंदन साहू, खेमराज ध्रुव, हितेश साहू, लहरी ठाकुर, जुगल किशोर शर्मा, दिनेश दुबे, किशन देवांगन, विजय बांधे, युवराज साहू, भानु सोनी सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी, कार्यकर्ता और नागरिक उपस्थित रहे।
प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि छात्रों, युवाओं और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को लेकर उनका आंदोलन आगे भी जारी रहेगा तथा लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांगें उठाई जाती रहेंगी। उन्होंने केंद्र सरकार से परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करने, छात्रों की शिकायतों का समयबद्ध समाधान करने और शिक्षा व्यवस्था में विश्वास बहाल करने के लिए ठोस कदम उठाने की अपील की।