रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच जेलेंस्की का बड़ा फैसला, यूक्रेन को मिला नया सेना प्रमुख

रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने सैन्य नेतृत्व में बड़ा बदलाव करते हुए जनरल ओलेक्सांद्र सिर्स्की को सेना प्रमुख पद से हटाकर मिखाइलो ड्रापाती को नया कमांडर-इन-चीफ नियुक्त किया है। यह फैसला हाल के विरोध प्रदर्शनों और सैन्य रणनीति को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

Jul 22, 2026 - 17:58
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रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच जेलेंस्की का बड़ा फैसला, यूक्रेन को मिला नया सेना प्रमुख

UNITED NEWS OF ASIA. रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच यूक्रेन ने अपने सैन्य नेतृत्व में बड़ा बदलाव किया है। राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने जनरल ओलेक्सांद्र सिर्स्की को सेना प्रमुख के पद से हटाकर मिखाइलो ड्रापाती को नया कमांडर-इन-चीफ नियुक्त किया है। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब राजधानी कीव सहित कई शहरों में सैन्य नेतृत्व को लेकर विरोध प्रदर्शन देखने को मिले और सरकार पर रणनीतिक बदलाव का दबाव बढ़ रहा था।

राष्ट्रपति जेलेंस्की ने मंगलवार को इस निर्णय की घोषणा करते हुए कहा कि सैन्य कमान को और अधिक प्रभावी बनाने तथा मौजूदा युद्ध परिस्थितियों के अनुरूप नेतृत्व को मजबूत करने के उद्देश्य से यह बदलाव किया गया है। उन्होंने बताया कि पिछले कुछ समय से वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों के साथ लगातार बैठकों और व्यापक समीक्षा के बाद यह निर्णय लिया गया।

जेलेंस्की ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया मंच पर कहा कि ओलेक्सांद्र सिर्स्की ने बेहद चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में सेना का नेतृत्व किया और देश की रक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने विशेष रूप से कीव की सुरक्षा, खारकीव अभियान और कुर्स्क क्षेत्र से जुड़े सैन्य अभियानों में उनके योगदान की सराहना की। राष्ट्रपति ने कहा कि देश उनकी सेवाओं और नेतृत्व के लिए हमेशा आभारी रहेगा।

हाल के दिनों में कीव समेत कई शहरों में सैन्य रणनीति और नेतृत्व को लेकर विरोध प्रदर्शन हुए थे। प्रदर्शनकारियों का मानना था कि युद्ध के मौजूदा चरण में सेना को नई रणनीति और नए नेतृत्व की आवश्यकता है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, जनता के दबाव और बदलते युद्ध परिदृश्य को देखते हुए यह फैसला सरकार के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

नवनियुक्त सेना प्रमुख मिखाइलो ड्रापाती ने पदभार संभालने के बाद फेसबुक पर अपना पहला आधिकारिक संदेश जारी किया। उन्होंने कहा कि देश की सेवा करना उनके लिए सम्मान की बात है और वह पूरी जिम्मेदारी, समर्पण तथा पेशेवर दृष्टिकोण के साथ सेना का नेतृत्व करेंगे। उन्होंने पूर्व सेना प्रमुख ओलेक्सांद्र सिर्स्की का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके अनुभव और योगदान से सेना को मजबूती मिली है।

ड्रापाती ने यह भी कहा कि यूक्रेनी सेना का लक्ष्य देश की संप्रभुता और सुरक्षा की रक्षा करना है। उन्होंने सैनिकों का मनोबल बनाए रखने, आधुनिक सैन्य रणनीति अपनाने और युद्धक्षेत्र में बेहतर समन्वय स्थापित करने की प्रतिबद्धता दोहराई।

रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध को कई वर्ष हो चुके हैं और इस दौरान दोनों देशों के बीच लगातार सैन्य संघर्ष जारी है। ऐसे समय में सैन्य नेतृत्व में बदलाव को यूक्रेन की युद्ध रणनीति के लिहाज से अहम कदम माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि नया नेतृत्व सेना की संचालन क्षमता, रणनीतिक निर्णयों और युद्ध के मैदान में समन्वय को नई दिशा देने का प्रयास करेगा।

यूक्रेन सरकार का कहना है कि देश की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और बदलती परिस्थितियों के अनुरूप सैन्य ढांचे को लगातार मजबूत किया जाएगा। आने वाले समय में नए सेना प्रमुख के नेतृत्व में यूक्रेन की सैन्य रणनीति और अभियानों पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी नजर बनी रहेगी।