मणिपुर में असम राइफल्स और तंगखुल महिलाओं में टकराव, 22 महिलाएं घायल

मणिपुर के उखरुल जिले में असम राइफल्स की चौकी स्थापना के विरोध में तंगखुल नगा समुदाय की महिलाओं और जवानों के बीच झड़प हुई। घटना में 22 महिलाएं घायल हुईं। महिलाओं ने जमीन और पारंपरिक अधिकारों के उल्लंघन का आरोप लगाया, जबकि जवानों ने उन पर हमला और आग लगाने की कोशिश का दावा किया।

Jun 8, 2026 - 14:58
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मणिपुर में असम राइफल्स और तंगखुल महिलाओं में टकराव, 22 महिलाएं घायल

UNITED NEWS OF ASIA. मणिपुर के उखरुल जिले में असम राइफल्स और तंगखुल नगा समुदाय की महिलाओं के बीच हुई झड़प ने क्षेत्र में तनाव बढ़ा दिया है। रविवार सुबह शोक्वाओ और न्यू हेवन इलाके में सैकड़ों महिलाओं ने सुरक्षा बलों के काफिले का विरोध किया। महिलाओं के हाथों में मशालें और लाठियां थीं तथा वे "हमारी जमीन, हमारा अधिकार" के नारे लगाते हुए जवानों को आगे बढ़ने से रोक रही थीं।

स्थिति बिगड़ने पर सुरक्षा बलों ने प्रदर्शनकारियों को हटाने का प्रयास किया। स्थानीय लोगों का आरोप है कि जवानों ने पुलिस और कार्यपालिक मजिस्ट्रेट की अनुपस्थिति में हवाई फायरिंग की तथा बल प्रयोग किया। इस दौरान कई महिलाओं के साथ धक्का-मुक्की हुई और 22 महिलाएं घायल हो गईं। कुछ रिपोर्टों में एक प्रदर्शनकारी के पैर में गोली लगने का भी दावा किया गया है। सभी घायलों को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

दूसरी ओर, असम राइफल्स के जवानों ने सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में दावा किया कि प्रदर्शन कर रही कुछ महिलाओं ने उन पर पेट्रोल डालकर जिंदा जलाने की कोशिश की। जवानों का कहना है कि हालात नियंत्रण से बाहर होने पर उन्हें कार्रवाई करनी पड़ी।

जानकारी के अनुसार, शोक्वाओ गांव की महिलाओं ने शनिवार रात से ही न्यू हेवन की ओर बढ़ रहे सुरक्षा बलों के काफिले को रोक रखा था। रविवार सुबह विरोध और तेज हो गया। एक समूह ने शोक्वाओ में सड़क अवरुद्ध कर दी, जबकि दूसरे समूह ने न्यू हेवन क्षेत्र में बनाए गए सुरक्षा बलों के अस्थायी बंकर को नुकसान पहुंचाया।

विवाद की मुख्य वजह न्यू हेवन क्षेत्र में असम राइफल्स द्वारा बनाए गए अस्थायी बंकर को बताया जा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि यह निर्माण गांव की पारंपरिक प्रशासनिक संस्था और विलेज अथॉरिटी की अनुमति के बिना किया गया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यह मणिपुर (हिल एरियाज विलेज अथॉरिटीज) एक्ट, 1956 तथा संविधान के अनुच्छेद 371सी के तहत प्रदत्त अधिकारों का उल्लंघन है।

तंगखुल नगा समुदाय मणिपुर के उखरुल और कामजोंग जिलों का प्रमुख जनजातीय समुदाय है। यह समुदाय अपनी सांस्कृतिक परंपराओं, सामुदायिक जीवन और पारंपरिक स्वशासन व्यवस्था के लिए जाना जाता है। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिलाओं की भागीदारी ने इस मुद्दे को और अधिक गंभीर बना दिया है।

घटना के बाद पूरे क्षेत्र में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है। प्रदर्शनकारी महिलाओं ने चेतावनी दी है कि यदि असम राइफल्स की चौकी नहीं हटाई गई और सुरक्षा बलों को वापस नहीं बुलाया गया तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। वहीं प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां हालात पर नजर बनाए हुए हैं। फिलहाल क्षेत्र में शांति बनाए रखने के प्रयास जारी हैं और मामले की जांच की जा रही है।