काबुल एयरस्ट्राइक के बाद अफगानिस्तान का कड़ा रुख, पाकिस्तान को जवाब देने की चेतावनी
काबुल में एयरस्ट्राइक के बाद अफगानिस्तान ने पाकिस्तान के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। हमले में सैकड़ों लोगों की मौत के बाद तनाव चरम पर है और दोनों देशों के बीच हालात बेहद गंभीर हो गए हैं।
UNITED NEWS OF ASIA.। पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच बढ़ता तनाव अब बेहद गंभीर और खतरनाक मोड़ पर पहुंच चुका है। हाल ही में काबुल में हुए एक बड़े एयरस्ट्राइक के बाद अफगान सरकार ने पाकिस्तान के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट चेतावनी दी है कि अब केवल कूटनीति से काम नहीं चलेगा।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, काबुल के एक अस्पताल पर हुए इस एयरस्ट्राइक में बड़ी संख्या में निर्दोष लोगों की जान चली गई। बताया जा रहा है कि इस हमले में करीब 400 लोगों की मौत हुई, जिससे पूरे देश में आक्रोश फैल गया है। इस घटना के बाद अफगानिस्तान ने इसे गंभीर हमला मानते हुए जवाबी कार्रवाई की बात कही है।
पिछले करीब 10 दिनों से दोनों देशों के बीच लगातार तनाव बना हुआ है। सीमा क्षेत्रों में झड़पें, हवाई हमले और सैन्य गतिविधियां तेज हो गई हैं। हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि दोनों देशों के बीच किसी भी समय बड़े स्तर का संघर्ष होने की आशंका जताई जा रही है।
सूत्रों के अनुसार, पाकिस्तान ने हाल ही में ‘ऑपरेशन गजब लिल हक’ के तहत काबुल में अब तक का सबसे बड़ा हमला किया। इस कार्रवाई के बाद अफगानिस्तान की ओर से भी सख्त प्रतिक्रिया सामने आई है। अफगान सरकार का कहना है कि इस तरह के हमलों को किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और इसका उचित जवाब दिया जाएगा।
अफगान अधिकारियों ने यह भी संकेत दिया है कि अब केवल बातचीत या कूटनीतिक प्रयासों पर निर्भर नहीं रहा जाएगा, बल्कि जरूरत पड़ने पर ठोस कदम उठाए जाएंगे। वहीं, आम नागरिकों में डर और गुस्से का माहौल बना हुआ है। अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थान पर हमला होने से लोगों में असुरक्षा की भावना और बढ़ गई है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इस घटना को लेकर चिंता जताई जा रही है। कई देशों और संगठनों ने दोनों पक्षों से संयम बरतने और हालात को नियंत्रण में रखने की अपील की है। हालांकि, मौजूदा हालात को देखते हुए स्थिति जल्द सामान्य होती नहीं दिख रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर समय रहते दोनों देशों के बीच बातचीत शुरू नहीं हुई, तो यह तनाव बड़े युद्ध का रूप ले सकता है, जिसका असर पूरे क्षेत्र की शांति और स्थिरता पर पड़ेगा। फिलहाल, सबकी नजरें आने वाले दिनों में होने वाली संभावित सैन्य और कूटनीतिक गतिविधियों पर टिकी हुई हैं।