पीजी कॉलेज कवर्धा में महिला सशक्तिकरण पर कार्यशाला, स्वास्थ्य, सुरक्षा और अधिकारों पर हुई चर्चा

कवर्धा के शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में राष्ट्रीय सेवा योजना के तहत महिला सशक्तिकरण विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यक्रम में महिला स्वास्थ्य, सुरक्षा, अधिकार और मानसिक स्वास्थ्य जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विशेषज्ञों ने मार्गदर्शन दिया।

Mar 17, 2026 - 13:42
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पीजी कॉलेज कवर्धा में महिला सशक्तिकरण पर कार्यशाला, स्वास्थ्य, सुरक्षा और अधिकारों पर हुई चर्चा

UNITED NEWS OF ASIA. कवर्धा | आचार्य पंथ श्री गृंध मुनि नाम साहेब शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, कवर्धा में राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) के तत्वावधान में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में “महिला सशक्तिकरण” विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम हाइब्रिड मोड में आयोजित हुआ, जिसमें ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. ऋचा मिश्रा ने की। उन्होंने अपने उद्बोधन में महिला स्वास्थ्य के विभिन्न आयामों पर प्रकाश डालते हुए इस प्रकार के आयोजनों की आवश्यकता और महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि महिलाओं के समग्र विकास के लिए स्वास्थ्य, शिक्षा और जागरूकता बेहद जरूरी है।

कार्यक्रम की मुख्य अतिथि डॉ. अनुपमा अस्थाना, क्षेत्रीय अपर संचालक, उच्च शिक्षा विभाग, दुर्ग संभाग रहीं, जिन्होंने वर्चुअल माध्यम से संबोधित किया। उन्होंने प्राचीन काल से लेकर आधुनिक युग तक विभिन्न क्षेत्रों में महिलाओं के योगदान को रेखांकित करते हुए महिला सशक्तिकरण की दिशा में हो रहे प्रयासों की जानकारी दी।

कार्यशाला के दौरान विभिन्न विषय विशेषज्ञों ने अपने विचार प्रस्तुत किए। रसायन शास्त्र विभाग की सहायक प्राध्यापक डॉ. दीप्ति टिकरिहा ने कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा, महिला संरक्षण से जुड़े कानूनों और उनके अधिकारों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि महिलाओं को अपने अधिकारों की जानकारी होना अत्यंत आवश्यक है, जिससे वे किसी भी प्रकार के अन्याय के खिलाफ आवाज उठा सकें।

वहीं वाणिज्य विभाग की अतिथि व्याख्याता सुश्री मंजू वर्मा ने महिलाओं के पोषण और संतुलित आहार के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि स्वस्थ शरीर और संतुलित आहार महिलाओं के सशक्तिकरण की आधारशिला है।

कार्यक्रम की संयोजक एवं मनोविज्ञान विभाग की सहायक प्राध्यापक तथा राष्ट्रीय सेवा योजना महिला इकाई की कार्यक्रम अधिकारी डॉ. कविता कन्नौजे ने महिलाओं के मानसिक स्वास्थ्य के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य भी उतना ही महत्वपूर्ण है जितना शारीरिक स्वास्थ्य और इसके प्रति जागरूकता जरूरी है।

इस अवसर पर महाविद्यालय के डॉ. अनिल शर्मा, डॉ. सीमा मडावी, स्वेच्छा सिंह परिहार, मीनू ठाकुर, किरण कोठारी, रितु चंद्राकर, प्राची श्रीवास्तव, सीमा चंद्रवंशी, चंचल साहू, माधुरी भास्कर, उषा देवांगन सहित अन्य स्टाफ सदस्य और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों ने इस प्रकार की कार्यशालाओं को महिला सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताते हुए भविष्य में भी ऐसे आयोजन नियमित रूप से करने की आवश्यकता जताई।