पखांजूर में सुरजागढ़ खदान के भारी वाहनों पर रोक की मांग, युवा कांग्रेस ने एसडीएम को सौंपा ज्ञापन

पखांजूर में सुरजागढ़ खदान से चलने वाले भारी वाहनों के आवागमन से हो रही समस्याओं को लेकर युवा कांग्रेस ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। संगठन ने सड़क क्षति, प्रदूषण और दुर्घटनाओं के खतरे का हवाला देते हुए वैकल्पिक मार्ग की मांग की।

Jun 16, 2026 - 18:36
 0  3
पखांजूर में सुरजागढ़ खदान के भारी वाहनों पर रोक की मांग, युवा कांग्रेस ने एसडीएम को सौंपा ज्ञापन

UNITED NEWS OF ASIA. रोहित देहारी, पखांजूर l पखांजूर, छत्तीसगढ़। सुरजागढ़ खदान से चलने वाले भारी वाहनों के नगर एवं आसपास के आबादी क्षेत्रों से लगातार आवागमन को लेकर स्थानीय स्तर पर विरोध तेज हो गया है। इसी मुद्दे पर युवा कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) पखांजूर को ज्ञापन सौंपा।

ज्ञापन में बताया गया कि खदान से निकलने वाले भारी वाहनों का आवागमन लगातार बढ़ता जा रहा है, जिससे क्षेत्र की सड़कों को गंभीर नुकसान पहुंच रहा है। सड़कें क्षतिग्रस्त होने के कारण आम नागरिकों को आवागमन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

इसके साथ ही भारी वाहनों के कारण दुर्घटनाओं की आशंका भी लगातार बनी रहती है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि आबादी क्षेत्रों से इन वाहनों के गुजरने से बच्चों, महिलाओं और राहगीरों की सुरक्षा पर खतरा बढ़ गया है।

युवा कांग्रेस ने अपने ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया कि भारी वाहनों से लगातार धूल प्रदूषण और शोर प्रदूषण फैल रहा है, जिससे स्थानीय लोगों का जनजीवन प्रभावित हो रहा है। खासकर सुबह और शाम के समय स्कूल जाने वाले विद्यार्थियों को अधिक परेशानी का सामना करना पड़ता है।

संगठन ने प्रशासन से मांग की है कि आमजन की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए भारी वाहनों के आवागमन पर प्रभावी नियंत्रण लगाया जाए। साथ ही वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था की जाए, ताकि आबादी क्षेत्रों में यातायात का दबाव कम हो सके।

युवा कांग्रेस के प्रतिनिधियों ने कहा कि यदि समय रहते इस समस्या का समाधान नहीं किया गया तो क्षेत्र में जनसुरक्षा और पर्यावरण संबंधी समस्याएं और गंभीर हो सकती हैं। उन्होंने प्रशासन से त्वरित और ठोस कार्रवाई की मांग की है।

इस अवसर पर युवा कांग्रेस के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे, जिन्होंने एकजुट होकर इस मुद्दे पर प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया। संगठन ने उम्मीद जताई है कि प्रशासन जल्द ही इस समस्या पर सकारात्मक निर्णय लेगा, जिससे स्थानीय लोगों को राहत मिल सके।