सीएमएचओ ने किया उप स्वास्थ्य केंद्र रिसगांव का औचक निरीक्षण, मलेरिया जांच और स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर दिए अहम निर्देश
धमतरी जिले के नगरी विकासखंड स्थित उप स्वास्थ्य केंद्र रिसगांव का मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. यू. एल. कौशिक ने औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान मलेरिया जांच, डायरिया नियंत्रण, संस्थागत प्रसव, टीकाकरण, एंटी स्नेक वेनम की उपलब्धता और एम्बुलेंस सेवाओं की समीक्षा करते हुए स्वास्थ्य सेवाओं को और प्रभावी बनाने के निर्देश दिए।
UNITED NEWS OF ASIA. रिजवान मेमन, धमतरी l धमतरी जिले के नगरी विकासखंड के वनांचल क्षेत्र स्थित उप स्वास्थ्य केंद्र रिसगांव का मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. यू. एल. कौशिक ने औचक निरीक्षण कर स्वास्थ्य सेवाओं और व्यवस्थाओं का विस्तृत जायजा लिया। निरीक्षण का उद्देश्य क्षेत्र में उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं की गुणवत्ता का मूल्यांकन करना, मौसमी बीमारियों की रोकथाम के उपायों की समीक्षा करना तथा ग्रामीणों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में आवश्यक निर्देश देना रहा।
निरीक्षण के दौरान डॉ. यू. एल. कौशिक ने विशेष रूप से बरसात के मौसम में तेजी से फैलने वाली बीमारियों, विशेषकर मलेरिया और डायरिया की रोकथाम एवं नियंत्रण को लेकर स्वास्थ्य अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ विस्तृत चर्चा की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि स्वास्थ्य केंद्र में आने वाले प्रत्येक बुखार के मरीज की अनिवार्य रूप से मलेरिया जांच की जाए, ताकि संक्रमण की समय पर पहचान कर तत्काल उपचार शुरू किया जा सके। उन्होंने कहा कि समय पर जांच और उपचार से गंभीर परिस्थितियों से बचा जा सकता है तथा मलेरिया नियंत्रण अभियान को प्रभावी बनाया जा सकता है।
निरीक्षण के दौरान मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने स्वास्थ्य केंद्र में उपलब्ध आवश्यक जीवनरक्षक दवाइयों की स्थिति की भी समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों से यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि केंद्र में सभी आवश्यक दवाइयां पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध रहें, ताकि किसी भी मरीज को उपचार के दौरान दवाओं की कमी का सामना न करना पड़े। उन्होंने दवाओं के नियमित भंडारण और समय-समय पर उनकी उपलब्धता की निगरानी करने पर भी जोर दिया।
स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा के दौरान संस्थागत प्रसव और उच्च जोखिम वाली गर्भावस्था (एचआरपी) की स्थिति का भी मूल्यांकन किया गया। निरीक्षण में जानकारी दी गई कि वर्तमान सत्र तक उप स्वास्थ्य केंद्र में पांच संस्थागत प्रसव संपन्न कराए जा चुके हैं। डॉ. कौशिक ने गर्भवती महिलाओं की नियमित जांच, समय पर प्रसव पूर्व देखभाल तथा उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं की विशेष निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाई जा सके।
नियमित टीकाकरण कार्यक्रम की प्रगति भी निरीक्षण का प्रमुख हिस्सा रही। इस दौरान टीकाकरण से संबंधित अभिलेखों एवं दस्तावेजों की जांच की गई। डॉ. कौशिक ने निर्देश दिए कि सभी पात्र बच्चों और गर्भवती महिलाओं का समय पर टीकाकरण सुनिश्चित किया जाए तथा रिकॉर्ड का संधारण पूरी पारदर्शिता और सटीकता के साथ किया जाए। उन्होंने कहा कि नियमित टीकाकरण बच्चों को गंभीर बीमारियों से बचाने का सबसे प्रभावी माध्यम है और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
वनांचल क्षेत्रों में सर्पदंश की घटनाओं को देखते हुए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने उप स्वास्थ्य केंद्र में एंटी स्नेक वेनम (Anti-Snake Venom) की उपलब्धता की भी पुष्टि की। उन्होंने संबंधित स्वास्थ्य कर्मचारियों को निर्देशित किया कि आपातकालीन परिस्थितियों में उपचार की सभी आवश्यक व्यवस्थाएं हमेशा तैयार रहें, ताकि मरीजों को तत्काल चिकित्सा सहायता मिल सके।
निरीक्षण के दौरान आपातकालीन मरीजों के रेफरल सिस्टम की भी समीक्षा की गई। डॉ. कौशिक ने एम्बुलेंस सेवा की उपलब्धता और उसकी कार्यशीलता का जायजा लेते हुए निर्देश दिए कि किसी भी गंभीर मरीज को उच्च चिकित्सा केंद्र तक पहुंचाने में अनावश्यक विलंब नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि ग्रामीण और वनांचल क्षेत्रों में एम्बुलेंस सेवा स्वास्थ्य व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी है और इसे हर समय सक्रिय रखा जाना आवश्यक है।
निरीक्षण के दौरान विकासखंड स्तर से खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. डी. एन. सोम तथा खंड कार्यक्रम प्रबंधक हितेंद्र साहू उपस्थित रहे। उप स्वास्थ्य केंद्र रिसगांव में ग्रामीण चिकित्सा सहायक दुर्गेश साहू और सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी ज्योति निरीक्षण के समय मौजूद मिले। द्वितीय एएनएम सेतु नंदनी नियमित टीकाकरण कार्यक्रम के तहत फील्ड में कार्यरत थीं, जबकि एम्बुलेंस चालक अगस्त कामड़े अपनी ड्यूटी पर उपस्थित पाए गए। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने सभी कर्मचारियों की कार्यप्रणाली की समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।
डॉ. यू. एल. कौशिक ने कहा कि ग्रामीण और वनांचल क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने स्वास्थ्य कर्मियों से अपेक्षा की कि वे आम नागरिकों को समय पर उपचार, नियमित स्वास्थ्य जांच, टीकाकरण, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाएं तथा आपातकालीन चिकित्सा सुविधाएं पूरी जिम्मेदारी के साथ उपलब्ध कराएं। उन्होंने यह भी कहा कि मौसमी बीमारियों की रोकथाम के लिए जनजागरूकता अभियान को और प्रभावी बनाया जाए, ताकि ग्रामीण समय रहते स्वास्थ्य केंद्र पहुंचकर जांच और उपचार करा सकें।
उप स्वास्थ्य केंद्र रिसगांव के इस निरीक्षण के माध्यम से स्वास्थ्य विभाग ने यह संदेश दिया है कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को लगातार बेहतर बनाने, आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा मरीजों को समय पर उपचार उपलब्ध कराने के लिए नियमित निगरानी और समीक्षा की प्रक्रिया जारी रहेगी। इससे क्षेत्र के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलने के साथ-साथ सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं पर उनका विश्वास भी और मजबूत होगा।