औंधी क्षेत्र में बाघ की दहशत, बैल का किया शिकार; बच्चों को स्कूल पहुंचाने वन विभाग चलाएगा वाहन
मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले के औंधी क्षेत्र में बाघ की मौजूदगी से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। सोमवार को बाघ ने एक बैल का शिकार किया, जबकि मंगलवार को ग्रामीणों ने बाघ को प्रत्यक्ष रूप से देखा। स्थिति को देखते हुए मानपुर SDO सुरेश पिपरे और दक्षिण मानपुर रेंजर प्रवीण कुमार देहरी घोटिया कान्हार पहुंचे। वन विभाग ने मुआवजा प्रक्रिया शुरू करने के साथ ही स्कूली बच्चों की सुरक्षा के लिए उन्हें स्कूल लाने-ले जाने वाहन उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है।
UNITED NEWS OF ASIA. जावेद शेख, मानपुर l जिले के औंधी क्षेत्र में बाघ की मौजूदगी से ग्रामीणों में दहशत का माहौल बना हुआ है। मंगलवार को ग्रामीणों ने एक बार फिर बाघ को प्रत्यक्ष रूप से देखा, जिसके बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया। इससे एक दिन पहले सोमवार को बाघ ने गांव के एक बैल का शिकार कर लिया था। लगातार सामने आ रही बाघ की मौजूदगी से ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है और लोग जंगल की ओर जाने से भी सतर्कता बरत रहे हैं।
बताया गया कि मंगलवार को ग्रामीण मवेशियों को चराने के लिए जंगल की ओर गए थे। इसी दौरान उन्होंने बाघ को अपनी आंखों से देखा। बाघ को करीब से देखने की सूचना के बाद ग्रामीणों में भय का माहौल और गहरा गया। क्षेत्र में लगातार बाघ की गतिविधियां सामने आने के कारण वन विभाग भी स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए मंगलवार शाम करीब 5 बजे मानपुर उप वनमंडलाधिकारी (SDO) सुरेश पिपरे और दक्षिण मानपुर रेंजर प्रवीण कुमार देहरी वन विभाग के अन्य कर्मचारियों के साथ घोटिया कान्हार पहुंचे। अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों से जानकारी ली और बाघ द्वारा शिकार किए गए बैल का निरीक्षण किया। वन विभाग की ओर से बैल के शिकार का पंचनामा तैयार किया गया है। इसके साथ ही प्रभावित पशु मालिक को नियमानुसार मुआवजा दिलाने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
बाघ की दहशत का असर अब स्कूली बच्चों पर भी देखने को मिल रहा है। ग्रामीणों के मुताबिक, बाघ की मौजूदगी की खबरों के चलते बच्चे स्कूल जाने से कतरा रहे थे। जंगल और आसपास के रास्तों से होकर स्कूल जाने वाले बच्चों की सुरक्षा को लेकर अभिभावक भी चिंतित हैं।
स्थिति को देखते हुए वन विभाग ने बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए राहत भरा कदम उठाया है। विभाग ने आश्वासन दिया है कि वह अपनी गाड़ी के माध्यम से बच्चों को घर से स्कूल तक पहुंचाने और स्कूल से वापस घर लाने की व्यवस्था करेगा। इससे ग्रामीणों को उम्मीद है कि बाघ की दहशत के बीच बच्चों की पढ़ाई प्रभावित नहीं होगी और उनके आवागमन को सुरक्षित बनाया जा सकेगा।
वन विभाग के अधिकारियों के मौके पर पहुंचने और ग्रामीणों से संवाद करने के बाद क्षेत्र के लोगों को कुछ राहत मिली है। हालांकि, बाघ की मौजूदगी को देखते हुए औंधी और आसपास के इलाकों में सतर्कता बरतने की जरूरत बनी हुई है। वन विभाग की टीम क्षेत्र में नजर रख रही है और ग्रामीणों को भी सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है।
ग्रामीणों के बीच बाघ को लेकर भय का माहौल है, वहीं वन विभाग की ओर से बच्चों के परिवहन की जिम्मेदारी लेने से अभिभावकों को राहत मिली है। जब तक बाघ की गतिविधियां सामान्य नहीं होतीं, तब तक क्षेत्र में अलर्ट और निगरानी जारी रहने की उम्मीद है।