छत्तीसगढ़ कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज का दंतेवाड़ा प्रवास, वरिष्ठ नेताओं के परिजनों से मिले और दी श्रद्धांजलि
छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष दीपक बैज दंतेवाड़ा पहुंचे, जहां उन्होंने वरिष्ठ कांग्रेसी नेताओं के निधन पर उनके परिजनों से भेंट कर संवेदना व्यक्त की। इस दौरान उन्होंने कई स्थानों पर जाकर श्रद्धांजलि अर्पित की।
UNITED NEWS OF ASIA. असीम पाल, दंतेवाड़ा। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष दीपक बैज आज अपने एक दिवसीय प्रवास पर दंतेवाड़ा पहुंचे। जिले में पहुंचने के बाद उन्होंने वरिष्ठ कांग्रेसी नेताओं के परिजनों से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की और दिवंगत आत्माओं को श्रद्धांजलि अर्पित की।
दीपक बैज सबसे पहले गीदम में प्रदेश कांग्रेस के संयुक्त महामंत्री सकील रिजवी के बड़े भाई और वरिष्ठ कांग्रेसी स्वर्गीय सकुर रिजवी के निवास पहुंचे। उन्होंने शोक संतप्त परिवार से मुलाकात की और दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की।
इसके पश्चात् उन्होंने जिला कांग्रेस कमेटी महामंत्री विमल सलाम के निवास जाकर उनके स्वर्गीय पिता को श्रद्धांजलि दी। इस दौरान बैज जी ने कहा कि कांग्रेस परिवार एक दूसरे के सुख-दुख में सदैव साथ खड़ा रहता है, यही संगठन की असली शक्ति है।
दंतेवाड़ा में अपने प्रवास के दौरान दीपक बैज ने वरिष्ठ कांग्रेसी स्वर्गीय उडकूडे जी के घर पहुंचकर उनके परिवार से भी मुलाकात की और अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं। उन्होंने कहा कि संगठन के पुराने कार्यकर्ताओं के योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता, उनका संघर्ष और समर्पण कांग्रेस के लिए प्रेरणास्रोत रहेगा।
इसके अलावा उन्होंने जिला कांग्रेस कमेटी उपाध्यक्ष वीरेन्द्र गुप्ता के निवास पर जाकर उनके स्वर्गीय भाई को श्रद्धांजलि दी और परिवार को सांत्वना दी।
इस अवसर पर दंतेवाड़ा की पूर्व विधायक देवती महेन्द्र कर्मा, जिला पंचायत सदस्य प्रवीण राणा, जिला कांग्रेस महामंत्री रविश सुराना, रजत दहिया, नंदू सुराना सहित अनेक कांग्रेसी कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंत में दीपक बैज ने सभी कार्यकर्ताओं से संगठन को मजबूत बनाने, जनहित के मुद्दों पर सक्रियता बनाए रखने और जनता के बीच लगातार संपर्क बनाए रखने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस एक विचार और सेवा की भावना पर आधारित पार्टी है, जिसे मजबूत रखना हर कार्यकर्ता की जिम्मेदारी है।
इस प्रकार, दीपक बैज का यह दंतेवाड़ा प्रवास न केवल श्रद्धांजलि और संवेदना का प्रतीक रहा, बल्कि संगठनात्मक एकता और मानवीय मूल्यों की अभिव्यक्ति का भी उदाहरण बना।