मझगवां के नन्हे बच्चों के चेहरों पर उम्मीद, मुस्कान और भविष्य के सपने
ठंड में भी गर्म रहा इंसानियत का एहसास
ठंड में भी गर्म रहा इंसानियत का एहसास
मझगवां के नन्हे बच्चों के चेहरों पर उम्मीद, मुस्कान और भविष्य के सपने
मझगवां : जहाँ हर साल सेवा बनती है संस्कार
जिला :- गौरेला पेंड्रा मरवाही
गत वर्ष की तरह इस वर्ष भी संवेदना, करुणा और सामाजिक दायित्व की सुंदर मिसाल देखने को मिली। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रायपुर डॉ. लाल उमेद सिंह के सौजन्य से उनके गृह ग्राम मझगवां स्थित प्राथमिक शाला के सभी बच्चों को ठंड से बचाव हेतु स्वेटर तथा शिक्षा के लिए कॉपी, पेन और पेंसिल का वितरण किया गया।
यह पहल सिर्फ सामग्री वितरण नहीं, बल्कि बच्चों के सपनों को संबल देने का प्रयास रही।
जब स्वयं उपस्थित न होकर भी हर दिल में रहे
व्यस्तता के कारण डॉ. सिंह कार्यक्रम में उपस्थित नहीं हो सके, लेकिन उनकी सोच और भावनाएँ हर बच्चे की मुस्कान में साफ नजर आईं। उनकी अनुपस्थिति में उनकी धर्मपत्नी श्रीमती भावना सिंह ने माँ जैसी ममता के साथ बच्चों को टॉफी दी, अपने हाथों से स्वेटर पहनाए और शैक्षणिक सामग्री वितरित की।
वह दृश्य इतना भावुक था कि कई पल तक तालियों और मुस्कानों से पूरा परिसर गूंज उठा।
परिवार और समाज जब एक साथ आगे आए
इस नेक कार्य में परिवार के सदस्य लाल मोरध्वज सिंह, ललिता देवी सिंह, भूपेंद्र सिंह, अनामिका सिंह सहित रेशमा एक्का, सचिन राय और लालजी पड़वार की उपस्थिति ने कार्यक्रम को और भी गरिमामय बना दिया।
सभी ने बच्चों को आगे बढ़ने, पढ़-लिखकर अच्छा इंसान बनने की प्रेरणा दी।
नन्हे हाथों में स्वेटर, आँखों में उज्ज्वल कल
स्वेटर और पढ़ाई की सामग्री पाकर बच्चों के चेहरों पर जो खुशी दिखाई दी, वह किसी पुरस्कार से कम नहीं थी। बच्चों ने हाथ जोड़कर नमस्ते कहा, धन्यवाद व्यक्त किया और पूरे मन से पढ़ाई करने का आश्वासन दिया।
उन मासूम शब्दों में भविष्य के मजबूत नागरिक बनने का संकल्प झलक रहा था
विद्यालय परिवार की भावुक कृतज्ञता
कार्यक्रम के समापन पर प्राथमिक शाला की प्रधान पाठक शशिकला वाकरे ने इस मानवीय और प्रेरणादायक पहल के लिए डॉ. सिंह एवं उनके परिवार के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्य बच्चों के मन में आत्मविश्वास और आगे बढ़ने की ताकत भरते हैं।