चार साल बाद भी अधूरा पड़ा पठा जलाशय, बूंद-बूंद पानी को तरस रहे ग्रामीण

सागर जिले के केसली क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पठा खुर्द में करोड़ों की लागत से बनने वाला जलाशय चार साल बाद भी अधूरा है। ग्रामीण पानी की भारी समस्या से जूझ रहे हैं। मवेशियों की मौत, महंगे पानी के टैंकर और अधूरे निर्माण को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।

May 27, 2026 - 16:10
 0  0
चार साल बाद भी अधूरा पड़ा पठा जलाशय, बूंद-बूंद पानी को तरस रहे ग्रामीण

UNITED NEWS OF ASIA. योगेश विश्वकर्मा, सागर। जिले के केसली क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पठा खुर्द के ग्रामीण पिछले कई वर्षों से भीषण जल संकट का सामना कर रहे हैं। हालात इतने खराब हैं कि लोगों के साथ-साथ मवेशी भी बूंद-बूंद पानी के लिए भटकने को मजबूर हैं। गांव में करोड़ों रुपये की लागत से बनने वाला पठा जलाशय अब ग्रामीणों के लिए उम्मीद से ज्यादा निराशा का कारण बनता जा रहा है, क्योंकि चार साल बाद भी इसका निर्माण पूरा नहीं हो सका है।

जानकारी के अनुसार नवंबर 2022 में केंद्रीय मंत्री Prahlad Singh Patel ने लगभग 7 करोड़ 77 लाख रुपये की लागत से बनने वाले पठा जलाशय का भूमि पूजन किया था। उस समय ठेकेदार सतीश पांडे ने दावा किया था कि 18 महीनों के भीतर जलाशय तैयार कर दिया जाएगा। लेकिन वर्तमान स्थिति यह है कि चार वर्ष बीत जाने के बाद भी तालाब निर्माण कार्य अधूरा पड़ा हुआ है

ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण कार्य बेहद धीमी गति से चल रहा है। मौके पर कुछ मजदूरों द्वारा पिचिंग का काम किया जा रहा है, जबकि अधिकांश मशीनें बंद पड़ी हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि इसी गति से काम चलता रहा तो परियोजना पूरी होने में कई और साल लग जाएंगे।

गांव के लोगों ने बताया कि इस जलाशय से उन्हें खेती, पेयजल और मवेशियों के लिए पानी मिलने की उम्मीद थी। लेकिन अब तक जलाशय तैयार नहीं होने के कारण खेत सूखे पड़े हैं और लोग दूर-दराज के गांवों से 500 रुपये देकर पानी के टैंकर मंगाने को मजबूर हैं। कई मवेशी

पानी की कमी के कारण दम तोड़ चुके हैं, जिससे पशुपालकों की चिंता और बढ़ गई है।

निर्माण कार्य से जुड़े पेटी ठेकेदार पवन सेन का कहना है कि ऊपर से भुगतान समय पर नहीं मिलने के कारण काम की गति प्रभावित हो रही है। वहीं ग्रामीणों का आरोप है कि ठेकेदार और जिम्मेदार अधिकारी समस्या की ओर ध्यान नहीं दे रहे। कई बार शिकायत करने के बावजूद स्थिति जस की तस बनी हुई है।

ग्रामीणों ने बताया कि वे मंत्री, विधायक, सांसद, कलेक्टर और एसडीएम तक अपनी शिकायत पहुंचा चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उनका आरोप है कि कई बार अधिकारी फोन तक नहीं उठाते और कुछ नंबर ब्लैकलिस्ट में डाल दिए गए हैं। इससे ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।

गांव के कांग्रेस नेता पलटू राजा और ठेकेदार के बीच हुई फोन बातचीत का एक ऑडियो भी चर्चा का विषय बना हुआ है। ग्रामीणों का दावा है कि बातचीत में ठेकेदार ने ग्रामीणों से खुद पिचिंग का काम शुरू करने की बात कही। यह ऑडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

अब ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि इस वर्ष भी जलाशय निर्माण कार्य पूरा नहीं हुआ तो वे उग्र आंदोलन और चक्काजाम करने को मजबूर होंगे। उनका कहना है कि पानी जैसी बुनियादी जरूरत के लिए वर्षों तक इंतजार करना अब संभव नहीं है। गांव के लोगों की मांग है कि प्रशासन तत्काल हस्तक्षेप कर निर्माण कार्य में तेजी लाए, ताकि क्षेत्र को जल संकट से राहत मिल सके।