अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज में नसबंदी ऑपरेशन के दौरान महिला से दुर्व्यवहार का आरोप, अस्पताल में हंगामा
अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में नसबंदी ऑपरेशन के दौरान महिला मरीज के साथ दुर्व्यवहार का मामला सामने आया है। परिजनों ने आरोप लगाया कि एनेस्थीसिया सही तरीके से नहीं देने के कारण महिला दर्द से तड़पती रही और ऑपरेशन कर रहे डॉक्टर ने उसे थप्पड़ मार दिया। घटना के बाद अस्पताल परिसर में हंगामा हो गया।
UNITED NEWS OF ASIA. आकाश सोनकर अंबिकापुर। Ambikapur Medical College Hospital में नसबंदी ऑपरेशन के दौरान महिला मरीज के साथ कथित दुर्व्यवहार का मामला सामने आने के बाद अस्पताल प्रबंधन और स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। पीड़ित महिला के परिजनों ने आरोप लगाया है कि ऑपरेशन के दौरान महिला को सही तरीके से एनेस्थीसिया नहीं दिया गया, जिसके कारण वह असहनीय दर्द से तड़पती रही। इतना ही नहीं, दर्द के कारण हाथ-पैर हिलाने पर ऑपरेशन कर रहे डॉक्टर ने महिला को थप्पड़ मार दिया।
घटना के बाद अस्पताल परिसर में काफी देर तक हंगामे की स्थिति बनी रही। परिजनों का कहना है कि महिला कई दिनों से नसबंदी ऑपरेशन कराने के लिए मेडिकल कॉलेज अस्पताल के चक्कर लगा रही थी। बार-बार ऑपरेशन की तारीख बदलने के बाद आखिरकार बुधवार को उसका ऑपरेशन किया जा रहा था। परिवार को उम्मीद थी कि अस्पताल में सुरक्षित और संवेदनशील तरीके से इलाज होगा, लेकिन ऑपरेशन थिएटर के भीतर जो हुआ उसने सभी को झकझोर कर रख दिया।
परिजनों के अनुसार ऑपरेशन शुरू होने के कुछ ही समय बाद महिला दर्द से कराहने लगी। उसका कहना था कि उसे शरीर में दर्द महसूस हो रहा है और एनेस्थीसिया का असर ठीक से नहीं हुआ है। दर्द बढ़ने पर महिला ने हाथ-पैर हिलाने शुरू किए। आरोप है कि इस दौरान डॉक्टर ने नाराज होकर उसे थप्पड़ मार दिया। घटना से महिला मानसिक रूप से भी आहत हो गई।
जैसे ही इस पूरे मामले की जानकारी बाहर मौजूद परिजनों को मिली, उन्होंने अस्पताल परिसर में विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। देखते ही देखते वहां भीड़ जमा हो गई और कुछ समय के लिए माहौल तनावपूर्ण बन गया। लोगों ने अस्पताल प्रबंधन और संबंधित डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
मामले की गंभीरता को देखते हुए अस्पताल प्रबंधक डॉ. जे.के. रेलवानी मौके पर पहुंचे और परिजनों से बातचीत कर स्थिति को शांत कराने की कोशिश की। अस्पताल प्रशासन की ओर से मामले की जांच कराने का आश्वासन दिया गया है। हालांकि घटना को लेकर आधिकारिक रूप से डॉक्टर की प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
यह घटना सरकारी अस्पतालों में मरीजों के साथ व्यवहार और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को लेकर कई सवाल खड़े कर रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी ऑपरेशन से पहले मरीज को पर्याप्त एनेस्थीसिया देना और उसकी शारीरिक स्थिति की पूरी निगरानी करना बेहद जरूरी होता है। यदि मरीज को प्रक्रिया के दौरान दर्द महसूस हो रहा था तो तत्काल चिकित्सकीय सावधानी बरती जानी चाहिए थी।
स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि भविष्य में मरीजों के साथ इस तरह का व्यवहार दोबारा न हो।
फिलहाल पीड़ित महिला का इलाज जारी है और अस्पताल प्रशासन पूरे मामले की जांच में जुटा हुआ है।