भारतीय ईसाई दिवस पर विजय मेश्राम ने दिया प्रेम, सेवा और भाईचारे का संदेश

भारतीय ईसाई दिवस के अवसर पर क्रिश्चियन वर्किंग कमिटी के अध्यक्ष विजय मेश्राम ने देशवासियों और मसीही समाज को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने संत थॉमस प्रेरित के जीवन, सेवा और समर्पण को प्रेरणादायक बताते हुए समाज में प्रेम, शांति, भाईचारे और मानव सेवा की भावना को मजबूत करने का आह्वान किया।

Jul 3, 2026 - 15:18
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भारतीय ईसाई दिवस पर विजय मेश्राम ने दिया प्रेम, सेवा और भाईचारे का संदेश

UNTED NEWS OF ASIA. प्रदीप राव, कोरबा l भारतीय ईसाई दिवस के अवसर पर क्रिश्चियन वर्किंग कमिटी के अध्यक्ष विजय मेश्राम ने देशभर के मसीही समाज और सभी देशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए प्रेम, सेवा, शांति और भाईचारे का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि यह दिवस संत थॉमस प्रेरित की स्मृति में मनाया जाता है, जिनके योगदान ने भारत में ईसाई परंपरा की मजबूत नींव रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

अपने शुभकामना संदेश में विजय मेश्राम ने कहा कि भारतीय ईसाई दिवस हर वर्ष 3 जुलाई को मनाया जाता है। ईसाई परंपरा के अनुसार संत थॉमस वर्ष 52 ईस्वी में भारत के मलाबार तट पर पहुंचे थे। यहां उन्होंने प्रभु यीशु मसीह के प्रेम, सत्य, शांति और उद्धार के संदेश का प्रचार किया। उनके समर्पण, सेवा और विश्वास ने भारत में लगभग दो हजार वर्षों से चली आ रही समृद्ध ईसाई विरासत की आधारशिला रखी।

उन्होंने कहा कि भारतीय ईसाई दिवस केवल एक ऐतिहासिक अवसर नहीं है, बल्कि यह प्रभु यीशु मसीह की शिक्षाओं को जीवन में अपनाने का भी संदेश देता है। प्रेम, करुणा, क्षमा, सेवा और भाईचारे जैसे मूल्यों को आत्मसात कर समाज में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि आज के समय में सामाजिक सद्भाव और पारस्परिक सम्मान की भावना पहले से अधिक आवश्यक है।

विजय मेश्राम ने सभी विश्वासियों से अपील की कि वे समाज में शांति, एकता और मानव सेवा की भावना को मजबूत करने के लिए सक्रिय भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा कि हर नागरिक का दायित्व है कि वह अपने आचरण से समाज में सौहार्द का वातावरण बनाए और राष्ट्र के विकास में सकारात्मक योगदान दे।

उन्होंने कहा कि संत थॉमस प्रेरित का जीवन त्याग, समर्पण और विश्वास का प्रतीक है। उनके आदर्श आज भी समाज को प्रेरित करते हैं। यदि उनके जीवन से प्रेरणा लेकर प्रभु यीशु मसीह के प्रेम और सेवा के संदेश को जन-जन तक पहुंचाया जाए, तो समाज में आपसी विश्वास और भाईचारा और अधिक मजबूत होगा।

उन्होंने यह भी कहा कि भारत विविधताओं का देश है, जहां विभिन्न धर्मों और संस्कृतियों के लोग मिलकर रहते हैं। ऐसे में भारतीय ईसाई दिवस जैसे अवसर सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने का माध्यम बनते हैं। प्रेम, सहयोग और परस्पर सम्मान ही एक विकसित, शांतिपूर्ण और समृद्ध भारत की सबसे बड़ी ताकत हैं।

क्रिश्चियन वर्किंग कमिटी की ओर से जारी संदेश में सभी देशवासियों और मसीही समाज को भारतीय ईसाई दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं दी गईं। संगठन ने लोगों से संत थॉमस प्रेरित के जीवन और प्रभु यीशु मसीह की शिक्षाओं से प्रेरणा लेकर सेवा, सद्भाव और मानवता के मार्ग पर आगे बढ़ने तथा राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया।