महासमुंद: बागबाहरा में तेंदूपत्ता से भरी गाड़ी में लगी आग, बड़ा हादसा टला
महासमुंद जिले के बागबाहरा नगर में रिहायशी इलाके में तेंदूपत्ता से भरी एक आयशर गाड़ी में आग लग गई। बिजली तार के संपर्क में आने से हुए इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई, और नगर पालिका की तत्परता से आग पर काबू पा लिया गया।
UNITED NEWS OF ASIA. जगदीश पटेल, महासमुंद l महासमुंद जिले के बागबाहरा नगर में एक बड़ा हादसा उस समय टल गया जब तेंदूपत्ता से भरी एक आयशर गाड़ी में अचानक आग लग गई। यह घटना नगर के रिहायशी क्षेत्र में स्थित अग्रसेन धर्मशाला के पास हुई, जहां उस समय एक शादी समारोह भी चल रहा था।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, आयशर वाहन क्रमांक सीजी 04 QE 7313 तेंदूपत्ता से ओवरलोड होकर लालपुर स्थित व्यास गोदाम की ओर जा रहा था। इसी दौरान गाड़ी ऊपर से गुजर रहे बिजली तार के संपर्क में आ गई, जिससे अचानक चिंगारी निकली और देखते ही देखते वाहन में आग लग गई।
घटना स्थल रिहायशी क्षेत्र होने के कारण स्थिति गंभीर हो सकती थी। वहीं, समीप स्थित अग्रसेन धर्मशाला में शादी समारोह चल रहा था, जिससे वहां बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे। आग की लपटें देखकर मौके पर अफरा-तफरी मच गई और लोग तुरंत सुरक्षित स्थानों की ओर भागने लगे।
हालांकि, समय रहते स्थानीय प्रशासन और नगर पालिका की टीम मौके पर पहुंच गई। नगर पालिका अध्यक्ष प्रतिनिधि ताम्रध्वज बघेल सहित पार्षद गण भी तुरंत घटना स्थल पर पहुंचे और राहत कार्य में जुट गए। नगर पालिका की सूझबूझ और त्वरित कार्रवाई के चलते आग पर जल्द ही काबू पा लिया गया।
इस घटना में सबसे राहत की बात यह रही कि किसी भी प्रकार की जनहानि या बड़ी संपत्ति की क्षति नहीं हुई। हालांकि, वाहन को आंशिक नुकसान जरूर हुआ है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि ओवरलोडिंग और बिजली तारों की ऊंचाई कम होने के कारण इस तरह के हादसे की आशंका बनी रहती है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे मामलों में सख्ती बरती जाए और सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित किया जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।
यह घटना एक चेतावनी के रूप में सामने आई है कि रिहायशी इलाकों में भारी वाहनों की आवाजाही और ओवरलोडिंग पर नियंत्रण आवश्यक है। साथ ही, बिजली विभाग को भी तारों की ऊंचाई और सुरक्षा मानकों की नियमित जांच करनी चाहिए।
समय रहते प्रशासन की सक्रियता और स्थानीय लोगों की जागरूकता से एक बड़ा हादसा टल गया, जिससे नगरवासियों ने राहत की सांस ली।