कोरिया जिले का गौरव: स्वास्तिक सोनी ने 94.4% अंक लाकर रचा सफलता का इतिहास

कोरिया जिले के मेधावी छात्र स्वास्तिक सोनी ने सीबीएसई 10वीं बोर्ड परीक्षा में 94.4% अंक हासिल कर न केवल अपने विद्यालय बल्कि पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है। उनकी सफलता अनुशासन, निरंतर अभ्यास और सही मार्गदर्शन का उत्कृष्ट उदाहरण है।

Apr 21, 2026 - 18:18
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कोरिया जिले का गौरव: स्वास्तिक सोनी ने 94.4% अंक लाकर रचा सफलता का इतिहास

UNITED NEWS OF ASIA.  हेमंत कुमार, कोरिया l कोरिया जिले के प्रतिभाशाली छात्र स्वास्तिक सोनी ने केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा मंडल (CBSE) की 10वीं बोर्ड परीक्षा में 94.4 प्रतिशत अंक प्राप्त कर एक उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। इस शानदार सफलता ने न केवल उनके परिवार को गर्व महसूस कराया है, बल्कि पूरे विद्यालय और जिले का नाम भी रोशन किया है।

स्वास्तिक सोनी, केंद्रीय विद्यालय बैकुंठपुर के छात्र हैं और शुरू से ही अपनी पढ़ाई के प्रति गंभीर, अनुशासित और समर्पित रहे हैं। जैसे ही परीक्षा परिणाम घोषित हुआ, उनके घर में खुशी का माहौल छा गया। परिजनों, मित्रों और शिक्षकों की ओर से उन्हें लगातार बधाइयाँ मिलने लगीं।

स्वास्तिक,  संजय प्रसाद सोनी और  संध्या सोनी के पुत्र हैं। उनके दादा घनश्याम प्रसाद सोनी ने भी इस उपलब्धि पर गर्व व्यक्त करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। परिवार का कहना है कि स्वास्तिक बचपन से ही मेहनती और लक्ष्य के प्रति केंद्रित रहे हैं, और यही गुण उन्हें इस मुकाम तक लेकर आए हैं।

विद्यालय के शिक्षकों ने भी स्वास्तिक की सफलता पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि वे हमेशा से ही एक अनुशासित और मेहनती छात्र रहे हैं। वे कक्षा में ध्यानपूर्वक पढ़ाई करते थे और नियमित रूप से अभ्यास करते थे। उनकी लगन और समर्पण ही उनकी सफलता की सबसे बड़ी वजह है।

स्वास्तिक ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता के सहयोग, शिक्षकों के मार्गदर्शन और अपनी नियमित पढ़ाई को दिया है। उनका मानना है कि यदि छात्र सही समय प्रबंधन के साथ निरंतर अभ्यास करें, तो किसी भी लक्ष्य को हासिल करना संभव है। वे बताते हैं कि उन्होंने पढ़ाई के दौरान कभी भी तनाव को अपने ऊपर हावी नहीं होने दिया और हमेशा सकारात्मक सोच बनाए रखी।

उनकी यह उपलब्धि क्षेत्र के अन्य विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनी है। स्वास्तिक की सफलता यह दर्शाती है कि यदि विद्यार्थी अनुशासन, मेहनत और सही दिशा में प्रयास करें, तो वे निश्चित रूप से सफलता प्राप्त कर सकते हैं।

आज के प्रतिस्पर्धी दौर में स्वास्तिक सोनी जैसे छात्र यह साबित करते हैं कि सच्ची लगन और निरंतर अभ्यास से कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं है। उनकी इस उपलब्धि ने न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे समाज को गर्व महसूस कराया है और आने वाले समय में वे निश्चित ही और भी बड़ी सफलताएँ हासिल करेंगे।